सूरजकुंड मेले में बच्चो की मदद के लिए 24&7 तैयार है चाइल्ड हेल्पलाइन टीम 1098

फरीदाबाद(Abtaknews.com)22मार्च,2022: जैसा की आपको ज्ञात हो कोरोना महामारी के चलते पूरा संसार थम सा गया था। इसी महामारी के चलते सूरजकुण्ड मेले का आयोजन भी नही हो पाया था। इस महामारी का प्रभाव कम होने के पश्चात बहुत लंबे समय के बाद अभी अभी  फिर से इस मेले का आयोजन किया गया है जिसमे देश विदेश से नागरिक अपने परिजनों के साथ इस मेले की कलाकृतियों का लुफ्त उठाने के लिए आ रहे हैं। उनके साथ उनके बच्चे भी आते हैं। 

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि मेले में मनमोहक दृश्य, झूलो या खाने पीने की चीजों को देखकर बच्चे उनकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं। बच्चों का मन चंचल होता है इसलिए वह अपने परिजनों का साथ छोड़कर आकर्षित करने वाली चीजें की तरफ चले जाते हैं और उन्हें एहसास भी नहीं होता कि वह मेले में गुम हो चुके हैं। वहीं दूसरी ओर अपने बच्चों को अपने साथ में पाकर उनके माता-पिता भी एकदम से बहुत अधिक परेशान हो जाते हैं और आनन-फानन में इधर-उधर अपने बच्चों की तलाश करते रहते हैं। बच्चे इस देश का भविष्य है और वह किसी के गलत हाथों में न पड़ जाए इसलिए भारत सरकार द्वारा बच्चों की सुरक्षा हेतु चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 शुरू की गई है जिससे लापता हुए बच्चों की तलाश करने में मदद मिलती है।

नागरिकों को चाइल्ड हेल्प लाइन के बारे में जागरूक करने के  लिए सूरजकुंड में आयोजित किए जा रहे 35वें हस्तशिल्प मेले में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन चाइल्ड हेल्पलाइन स्टॉल नंबर 1375 स्थापित किया गया है जिसमें इंचार्ज रविंद्र कुमार की टीम बच्चों के माता पिता परिजनों को बच्चों से संबंधित कानून के बारे में जागरूक करेगी। इसके माध्यम से आमजन को चाइल्ड हेल्पलाइन किस प्रकार से कार्य करती है और किस प्रकार यह लापता हुए बच्चों को ढूंढने में कारगर साबित होती है इसके बारे में नागरिकों को जागरूक करेगी। आमजन से अनुरोध है कि वह स्टॉल नंबर 1375 पर जाकर बच्चों से संबंधित दी जाने वाली जानकारी को अवश्य प्राप्त करें। इसकी सहायता से वह भी किसी लापता हुए बच्चे को उसके परिजनों तक पहुंचाकर उनकी अंधेरी दुनिया में रोशनी लौटाने में अपना योगदान दे सकते हैं।


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