फरीदाबाद में आशा वर्कर्स यूनियन की पीएचसी सीएचसी सतर के पदाधिकारियों की मीटिंग संपन्न

फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 25 नवंबर, 2021: आशा वर्कर्स यूनियन की पीएचसी सीएचसी सतर के पदाधिकारियों की मीटिंगआशा वर्कर यूनियन दफ्तर में फरीदाबाद में दोपहर 12:00 बजे बुलाई गई । मीटिंग की अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता ने की और संचालन जिला सचिव सुधा ने किया मीटिंग में जिला उपप्रधान अनीता , सुशीला, नीलम, शाहीन परवीन ने मीटिंग में आशा वर्कर के मुद्दों पर चर्चा करते हुए जिला सचिव सुधा ने बताया कि 11 नवंबर को धरना प्रदर्शन करके आशा वर्कर्स ने सामूहिक रुप से करोना संबंधित कार्यों का मजबूरी वश बहिष्कार किया । करोना से संबंधित कार्य करने के लिए भारत सरकार ने आशा वर्कर्स को ₹1000 अतिरिक्त मानदेय सितंबर 2021 तक दिया है। 1 अक्टूबर से करोना से संबंधित कार्यों का मानदेय भारत सरकार द्वारा बंद कर दिया गया है हरियाणा सरकार द्वारा आशा वर्कर्स को करोना संबंधित कार्यों का कोई मानदेय नहीं दिया है जबकि वर्ष 2013 के निर्णय के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा जो मानदेय आशा वर्कर्स को दिया जाता है उसकी 50% राशि हरियाणा सरकार आशा वर्कर को देती है करोना संबंधित कार्य की 50% राशि की फाइल और 2019 में आशा वर्कर की प्रोत्साहन राशियों की आठ गतिविधि की कटौती को बहाल करवाने की फाइल हरियाणा सरकार के पास विचाराधीन थी जिसे सितंबर माह में सरकार ने रद्द कर दिया है । 2 नवंबर को मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के एनएचएम कर्मचारियों को सातवें पे कमीशन के लाभ देने की घोषणा की है । और दूसरी तरफ 20000 आशा वर्करों के केवल कुछ मानदेय की फाइलों को रद्द कर दिया है । आशा वर्कर्स यूनियन हरियाण सरकार के ऐसा व्यवहार करने के लिए कड़े शब्दों में निंदा करती है । और सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत आशा वर्कर के मानदेय में की गई कटौती को तुरंत बाहर किया जाए। अगर सरकार जल्द ही इन वर्करों के मानदेय को बाहल नहीं करेगी तो 6 दिसंबर को प्रदेशभर की आशा वर्कर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करेंगी लंबे समय से आशा वर्कर अपने मानदेय की बहाली के लिए आंदोलन कर रही है परंतु हरियाणा सरकार जानबूझकर आंदोलन को अनदेखा कर रही है एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे सरकार बुलंद करती है और देश और प्रदेश की सेवा करने वाली 20000 बेटियों के मानदेय में कटौती करती है यह असहनीय है लगातार महंगाई बढ़ती जा रही है और आशा वर्कर के कार्य भी लगातार विभाग द्वारा बढ़ाएं जा रहे है और सरकार केवल कुछ मानते थे कर काम चलाना चाहती है जिसे सहन नहीं किया जा सकता है आशा वर्कर सरकार से मांग करती है कि आशा वर्कर के मानदेय को बढ़ाया जाएl 26 नवंबर को ट्रेड यूनियनों के आवाहन पर बॉर्डर और जिला मुख्यालय पर होने वाले प्रदर्शनों में भी आशा वर्कर्स बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करे ।

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