मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरसैक द्वारा 11 जिलों में स्थापित जी.आई.एस. लैब का किया लोकार्पण

चंडीगढ़/फरीदाबाद ( abtaknews.com ) 21 नवंबर, 2021: मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रयोगशालाएं (जीआईएस लैब) स्थापित की जा रही हैं, जिससे सेटेलाइट के माध्यम से विभिन्न विभागों से संबंधित डाटा एकत्रित किया जा सकेगा। इन लैब में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित परियोजनाओं की निगरानी सैटेलाइट के जरिए की जा सकेगी तथा सभी विभागों से संबंधित डाटा एक जगह पर उपलब्ध होगा।

मुख्यमंत्री रविवार को कैंप कार्यालय चंडीगढ़ में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसैक) की ओर से प्रदेश के 11 जिलों में बनाई गई जीआईएस लैब का लोकार्पण करने के बाद इन जिलों में उपस्थित प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से सीधा संवाद कर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरसैक के माध्यम से बनाई जा रही इन लैब में सैटेलाइट इमेज के इस्तेमाल से डाटा जुटाकर संरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद प्राप्त डाटा का पूरा विवरण जैसे संपत्ति के मालिक का नाम, संपर्क नंबर, संपत्ति का क्षेत्र, संपत्ति की आवासीय या वाणिज्यिक क्षेत्र से संबंधित स्थिति का रिकार्ड तैयार होगा। साथ ही संपत्ति का स्थान और क्षेत्र में उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं की जानकारी भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इतना ही नहीं, सेटेलाइट के जरिए अधिकृत और अनाधिकृत कॉलोनियों की भी आसानी से पहचान की जा सकती है। इससे संपत्ति खरीदते समय भी लोगों को पता चल जाएगा कि वह संपत्ति अधिकृत क्षेत्र में है या नहीं।

उन्होंने बताया कि लैब में राजस्व, सिंचाई, शहरी स्थानीय निकाय, कृषि एवं किसान कल्याण, विकास एवं पंचायत, पुलिस व शिक्षा विभाग सहित सभी विभागों से संबंधित डाटा एकत्रित रहेगा। इस साइंटिफिक तरीके से तैयार डाटा से भविष्य की योजनाएं बनाने में आसानी होगी। जीआईएस लैब में सभी विभागों का डाटा ऑनलाइन होगा और आम आदमी को ऑनलाइन डाटा की  जानकारी आसानी से मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि हरसैक द्वारा जिन 11 जिलों में प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं, उनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रेवाड़ी, नूंह, भिवानी, फतेहबाद व पलवल जिला शामिल हैं । दूसरे चरण में स्थापित की जाने वाली प्रयोगशालाओं का कार्य प्रगति पर है जो जल्द ही अन्य जिलों में भी लैब बनाने का कार्य पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर स्थापित करवाई जा रही प्रयोगशालाओं के लिए हरसैक के चैयरमैन श्री वी. उमाशंकर के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हरसैक के वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राज्य में सेटेलाइट तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को और आगे बढ़ाएं, ताकि आम जनता को भी इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने भी इस मौके पर हरसैक की ओर से बनाई गई जीआईएस लैब की सराहना की और कहा कि इससे प्रदेश में सभी विभागों से संबंधित संपत्ति का डाटा संकलित करना आसान होगा। जिला स्तर पर इन प्रयोगशालाओं के स्थापित होने से प्राकृतिक संसाधनों के मानचित्रण, शहरीकरण, ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की विभिन्न स्कीमों का आंकलन करने एवं जिला स्तर पर योजना तैयार करने के लिए कम समय व कम खर्च होगा।

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मुख्यमंत्री ने किया सभी जिलों में बने माडर्न रेवन्यू रिकार्ड रूम का लोकार्पण


 

चंडीगढ़ 21 नवंबर- मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन के तहत हरियाणा प्रदेश के राजस्व रिकार्ड को डिजिटलाइज कर जनता की भलाई के लिए उल्लेखनीय व ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्य स्तर पर व सभी जिलों के 18.5 करोड़ रिकार्ड को स्कैन कर डिजिटलाइज किया गया है, जोकि माउस की एक क्लिक पर प्रदेश की जनता को आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। यह सरकार का भ्रष्टïचार को खत्म करने व पारदर्शिता की ओर बढऩे के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

मुख्यमंत्री रविवार को कैंप कार्यालय में वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी 22 जिलों में बने आधुनिक अभिलेख कक्ष (माडर्न रेवन्यू रिकार्ड रूम) का लोकार्पण करने के बाद सभी जिलों में उपस्थित प्रदेश के कैबिनेट मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से सीधा संवाद कर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले गठरियों में बंधे पुराने रेवन्यू रिकार्ड को संभालना, संरक्षित रखना व उसे बार-बार ढूंढना काफी मुश्किल कार्य था। इसे ढूंढने में समय भी अधिक लगता था और रिकार्ड खराब होने, कटने-फटने, गुम होने व रिकार्ड से छेड़छाड का अंदेशा भी बना रहता था। प्रदेश में पहला माडर्न रेवन्यू रिकार्ड रूम जिला कैथल में 24 जून 2017 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया गया था तथा इसके बाद 25 दिसंबर 2019 को सुशासन दिवस के अवसर पर सभी जिलों के लिए माडर्न रेवन्यू रिकार्ड रूम परियोजना की शुरूआत की गई थी। यह रिकार्ड रूम सभी जिलों में तय समय से पहले बनाकर तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है और हरियाणा में महत्वपूर्ण रेवन्यू रिकार्ड को डिजिटलाइज कर ई-गवर्नेंस सेवाओं में और विस्तार किया गया है। भविष्य में अन्य विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण रिकार्ड को भी इसी तरह डिजिटलाइज किया जाएगा। इस रिकार्ड के डिजिटलाइज होने सेे अनेक योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी और जनता को काफी सहूलियत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक मंचों पर प्रदेश सरकार द्वारा जनता के हित में बनाई गई योजनाओं व कार्यों के लिए सराहना की है और बाद में उन योजनाओं व कार्यक्रमों को केंद्र स्तर पर व अन्य राज्यों में भी शुरू किया गया है। प्रदेश को अब तक 148 अवार्ड मिल चुके हैं, जिसमें से करीब 100 अवार्ड ई-गवर्नेंस सेवाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए मिले हैं। मुख्यमंत्री ने इस रिकार्ड के डिजिटलाइज होने पर प्रदेश के लोगों को बधाई दी कि अब उन्हें इस रिकार्ड को प्राप्त करने में अधिक परेशान नहीं होना पड़ेगा।

उपमुख्यमंत्री हरियाणा दुष्यंत चौटाला, जिनके पास राजस्व विभाग भी है, ने कहा कि रेवन्यू रिकार्ड की बहुत अधिक महता है और इसे पुराने तरीके से सही तरह संरक्षित रखा जाना एक चुनौती थी। राजस्व विभाग ने मुख्यमंत्री ने आह्वïन पर बहुत जल्द रिकार्ड को स्कैन किया और फिर एनआईसी के पोर्टल पर अपलोड किया। इस तरह रिकार्ड डिजिटलाइज होने से इसका उपयोग करना व इसे प्राप्त करना काफी सरल होगा। एनआईसी व हारट्रोन ने इस कार्य को काफी मेहनत से पूरा किया है। इस कार्य को पूरा करने में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त संजीव कौशल, उनके विभाग के अधिकारी, ज़जिला उपायुक्तों, तहसीलों व रिकार्ड रूम में पटवारियों व क्लर्कों सहित सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है और भविष्य में इसी तरह रिकार्ड को अपडेट किया जाता रहेगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त संजीव कौशल ने बताया कि माडर्न रेवन्यू रिकार्ड रूम के तहत राज्य स्तर पर व जिलों के 18.5 करोड़ रिकार्ड को स्कैन कर डिजिटलाइज किया गया। कोरोना जैसी परिस्थितियों के बावजूद इस पर तेजी से कार्य किया गया। पुरानी व्यवस्था के तहत भूमि रिकार्ड को कपड़े में बांध कर रखा जाता था और यह दिन भी बढ़ता जा रहा था। इसे रिकार्ड रूम में संरक्षित रखना और पुराने रिकार्ड को खोजना बहुत ही मुश्किल कार्य था। अब रिकार्ड डिजिटलाइज होने से इसे संरक्षित रखना और उपयोग में लाना काफी सरल होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर, प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्री विनित गर्ग, आईएएस मंदीप बराड़, हरियाणा राजस्व विभाग की सचिव गीता भारती व विशेष सचिव आरएस वर्मा व विशेष सचिव आमना तस्नीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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