राइट टू सर्विस एक्ट के तहत जुर्माना लगाकर कर्मचारी व अधिकारियों का मनोबल न तोड़ें

फरीदाबाद (Abtaknews.com) 20 जुलाई, 2021:हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बल्लभगढ़ के सेन्ट्रल स्टोर सेक्टर-25 पर कर्मचारियों की ग्रीवेंसेज जानने हेतु एक जरूरी बैठक की। इस आवश्यक बैठक में उपस्तिथ प्रदेश महासचिव सुनील खटाना ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित सरकारी सेवाओं की निर्धारित समय सीमा में डिलीवरी ना कर पाने पर आयोग की सचिव मीनाक्षी राज द्वारा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक की पेशी के दौरान उन पर जुर्माना लगाया जाना जो कि दुर्भाग्यवश सरासर गलत है। एचएसईबी वर्कर यूनियन ने इस पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है । प्रदेश महासचिव सुनील खटाना ने सरकार द्वारा राइट टू सर्विस एक्ट को लागू करने से पहले विभाग में पड़े खाली पदों पर स्थाई भर्ती करने व कर्मचारियों को  विभागीय सेवाओं के लिए समुचित औजार व सुरक्षा के उपकरण उपलब्ध कराने एवं वर्क टू रूल के हिसाब से कार्य करने की बात कही। आज प्रदेश का कर्मचारी और अधिकारी बद से बदतर हालातों में कार्य करने को मजबूर है । काम के कोई घंटे निश्चित नहीं है।अगर किसी कर्मचारी को छुट्टी लेनी पड़े तो भी 10 बार सोचना पड़ता है। एक एक कर्मचारी इस  करोना काल में अपनी जान को जोखिम में डालकर पूरे प्रदेश को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने में लगा हुआ है। और प्रदेश के कर्मचारी व अधिकारियों के प्रयासों के फलस्वरूप सीमित साधन संसाधनों के रहते व विभागीय कर्मचारियों की भारी कमी के बावजूद देश में राष्ट्रीय स्तर पर दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम ए प्लस के साथ पूरे देश में दूसरे स्थान पर रहा है । यह अपने आप में गर्व की बात है। इसके बावजूद आयोग की सचिव मीनाक्षी राज का यह बयान कि कर्मचारी और अधिकारियों पर राइट टू सर्विस एक्ट के तहत जुर्माना लगाना अपने आप में कर्मचारी व अधिकारियों के मनोबल को तोड़ने वाला है । 

आज हरियाणा प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे नंबर पर आना अपने आप में गौरवशाली है । ऐसे में प्रदेश की सरकार को चाहिए कि बिजली निगम के कर्मचारी व अधिकारियों को स्पेशल इंक्रीमेंट देकर उनका मान सम्मान बढ़ाना चाहिए ना की इस तरह से जुर्माना लगाकर हौंसला अफजाई को जगह मनोबल को तोड़ने का काम करना चाहिये । अगर सरकार आने वाले समय मे निगम में रिक्त पड़े खाली पदों को भरने की बजाय राइट टू सर्विस एक्ट को लागू करती है । तो प्रदेश का कर्मचारी भी वर्क टू रूल से अपना कार्य करेंगे । इससे अगर विभाग में किसी भी तरह की अव्यवस्था फैलती है । तो इसकी नैतिकता के तौर पर पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी । जिसका एचएसईबी वर्कर्स यूनियन और इसके कर्मचारीगण व अधिकारीगण खुलकर विरोध करेंगे । आवश्यक बैठक के इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं में सन्तराम लाम्बा, लेखराज चौधरी, कर्मवीर यादव, सुनील कुमार, आनन्द चंदीला, पुष्कर सिंह, सोनू गोला, विपिन सिंह, पवन कुमार आदि मौजूद रहे ।


No comments

Powered by Blogger.