कोरोना संकट काल में कई कंपनियों ने प्रदेश सरकार के साथ मिल कर करेगी कार्य:मनोहर लाल, मुख्यमंत्री

चंडीगढ़(Abtaknews.com)28अप्रैल,2021: कोरोना संकट काल में कई कंपनियों ने प्रदेश सरकार के साथ मिल कर लडऩे के लिए हाथ बढ़ाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज शाम अपने आवास से बड़ी कंपनियों के करीब डेढ़ दर्जन प्रतिनिधियों से वीडियो-कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से बात कर कोरोना महामारी से जंग जीतने में सहयोग के लिए अपील की थी जिस के फलस्वरूप

 कुछ कंपनियां जहां कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल तैयार करने,ऑक्सीजन व ऑक्सीजन-कंन्सट्रेटर, ऑक्सीजन-जनरेटर देने की पेशकश की है वहीं कई कंपनियों ने ऑक्सीमीटर, मास्क, सैनेटाइजर व अन्य मैडिकल उपकरण देने के लिए सहमति दी है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना का फैलाव अलॉर्मिंग स्तर पर पहुंच गया है, उनके लिए प्रदेश का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है। उनकी सरकार का प्रयास है कि वे कोरोना से पीडि़त हर मरीज को उचित उपचार देकर स्वस्थ करने में सहयोग करें। उन्होंने बड़े कॉरपोरेटस द्वारा दी जा रही मदद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वे सामुहिक प्रयासों से कोरोना से जंग  जीत जाएंगे।
वीडियो कान्फ्रैंसिंग के माध्यम से गुरूग्राम, दिल्ली व देश के अन्य हिस्सों से हीरो-मोटोकॉप, एम3एम,डीएलएफ लिमिटेड, पॉवर फाइनेंस कॉरपोरेशन, होंडा मोटरसाइकिल, मिंडा-ग्रुप, इफ्फको टोकियो जनरल इंश्यारेंश कंपनी लिमिटेड,विवेकानंद आरोग्य केंद्र समेत अनेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कोरोना महामारी से निपटने में सहयोग के लिए विचार-विमर्श किया तथा सुझाव भी लिए। इन सभी प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार को मैडिकल उपकरणों के अलावा अन्य आर्थिक सहायता देने का भी आश्वासन दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी.उमाशंकर, वित्त एवं योजना विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन प्रसाद, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल भी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़, 28 अप्रैल,2021: हरियाणा सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान रेमिडेसिविर की बढ़ती मांग को देखते हुए रेमिडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्शन और टोसिलुइमाब (Tociluzintab) इंजेक्शन जैसी प्रयोगात्मक दवाओं के प्रतिबंधित बिक्री एवं वितरण के निर्देश दिए हैं ताकि इन दवाओं के तर्कहीन उपयोग को रोका जा सके।
खाद्य एवं औषध प्रशासन के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 संक्रमण के लिए आपातकालीन और चिकित्सा आवश्यकताओं को मद्देनजर रखते हुए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने गंभीर रूप से बीमार कोविड मरीजों के उपचार के लिए ही रेमिडेसिविर वैक्सीन के प्रतिबंधित आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रेमिडेसिविर वैक्सीन की आपूर्ति केवल अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों के उपयोग के लिए ही की जाए ताकि दवा का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त, इस दवा की बिक्री केवल चिकित्सा विशेषज्ञों के प्रिस्क्रीप्शन पर ही करने भी निर्देश दिए गए हैं।  
उन्होंने कहा कि यह ज्ञात हुआ है कि कोविड-19 महामारी के दौरान डॉक्टर तर्कहीन रूप से रेमिडेसिविर इंजेक्शन लगवाने की सलाह दे रहे हैं। इस इंजेक्शन को भारतीय ड्रग्स कंट्रोलर जनरल द्वारा एक आपातकालीन दवा के रूप में अनुमोदित किया गया है और यह केवल कोविड-19 के आईसीयू बेड/वेंटिलेटर के रोगियों में उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। अत: डॉक्टरों द्वारा इस दवा को उन रोगियों के लिए नहीं लिखा जाना चाहिए जो अस्पतालों में भर्ती नहीं हैं तथा घरों में ही आइसोलेट किये गए हैं और जिन्हें आईसीयू/वेंटीलेटरस की आवश्यकता नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि इंजेक्शन रेमिडेसिविर या इंजेक्शन टोसिलुइमाब की कोई भी अनुचित बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत दंडनीय है, जिसके लिए विक्रेता के ड्रग लाइसेंस को निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐसी दवाओं की ब्लैक मार्केटिंग/जमाखोरी भी संज्ञेय और दंडनीय अपराध हैं, जिनके लिए उचित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ये दवाएं कोविड-19 मरीजों के प्रबंधन के लिए आवश्यक हैं इसलिए इनका दुरुपयोग आईपीसी, महामारी अधिनियम, आपदा प्रबन्धन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन माना जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि इन दवाओं के सभी विक्रेताओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम के साथ पठित औषध एवं औषध मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) के प्रावधानों का अनुपालन करने के साथ-साथ समस्त खरीद एवं वितरण का ब्यौरा आयुक्त, खाद्य एवं औषण प्रशासन, पंचकूला के कार्यालय में  स्टेट ड्रग कंट्रोलर को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें बिक्री को केवल समर्पित कोविड अस्पतालों तक सीमित करने को भी कहा गया है, जिनमें कोविड-19 मरीजों के प्रबन्धन के लिए आईसीयू बेड और क्रिटिकल केयर सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि दवा विक्रेताओं को निरीक्षण के लिए कोरोना रिपोर्ट, इंडोर कार्ड जिस पर दवा के नाम लिखा हो और आईडी कार्ड/आधार कार्ड का रिकॉर्ड रखने को भी कहा गया है।
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चंडीगढ़ 28 अप्रैल - कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा की राज्य सरकार ने किसानों के उत्पादों का अनाज मंडी में जे फार्म कटने के पश्चात 48 घंटे में भुगतान करके एक सराहनीय कदम उठाया है।
कृषि मंत्री श्री दलाल ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों की खुशहाली एवं समृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावशाली ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर किसी कारण से किसानों की फसल का भुगतान 48 घंटे में नहीं होता है तो संबंधित किसानों को 9 प्रतिशत ब्याज दर पर भुगतान किया जाएगा। अनाज मंडी से लेकर फसल भुगतान तक बनाए गए सिस्टम की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर देश का कोई भी राज्य  हरियाणा सरकार के इस आधुनिक सिस्टम को अपनाने की पहल करेगा तो प्रदेश सरकार उनकी पूरी मदद करेगी।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रदेश की सभी अनाज मंडियों में खरीद कार्य सुचारू ढंग से चल रहा है। खरीद केंद्रों पर किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अनाज मंडियों में बिजली, पेयजल, वारदाना, सफाई व्यवस्था सहित सभी प्रकार के प्रबंधों कि समुचित व्यवस्था की गई है ताकि किसानों को किसी प्रकार कि परेशानी न हो।
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हम पूरी संवेदनशीलता से कर रहे व्यवस्था : मनोहर लाल
चण्डीगढ़,28अप्रैल,2021: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना महामारी के पुन: बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ व्यवस्था प्रबन्धन कर रही है, चाहे वह ऑक्सीजन हो, डाक्टर हो, कोविड अस्पताल, वैक्सीनेशन केन्द्र, कन्टेनमेंट जोन, कोविड बैड की उपलब्धता हो।
मुख्यमंत्री आज यहां एक पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता 162 एमटी है और कल केन्द्र सरकार ने हरियाणा के लिए 70 एमटी अतिरिक्त ऑक्सीजन की स्वीकृति दी है। यह बढ़ी हुई मात्रा अगले दो से तीन दिन में उपलब्ध होनी शुरू हो जाएगी क्योंकि यह उड़ीसा से लाई जानी है । इसके लिए विशेष ट्रेन रवाना कर दी गई है। इसके अलावा, कुछ टेंकर एयर लिफ्ट करके भी उडीसा भेजे गये हैं। विदेशों से ऑक्सीजन कन्सनट्रेटर भी पर्याप्त संख्या में मंगवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संकट के समय में सभी प्रदेशवासियों व राजनीतिक दलों से अपील है कि हमें एकजुट होकर इस संकट से बाहर निकलना है। इसलिए निराशा का वातावरण न बनने दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक बैड्स की बात है, उन्होंने स्वयं कई जगह जाकर व्यवस्थाएं खुद देखी हैं। पानीपत में 500 बैड का अस्पताल निर्माणाधीन है, जिसके साथ ही ऑक्सीजन का प्लांट है। हिसार के जिंदल स्कूल में 500 बैड का अस्पताल, पीजीआई रोहतक में 650 नये बैड की व्यवस्था की गई है, इनमें से 150 बैड्स चालू हो गये हैं। फरीदाबाद में 100 बैड की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में एक प्राइवेट कम्पनी के गैस्ट हाउस में 250 बैड की व्यवस्था की जा रही है। सेना ने भी फरीदाबाद के मैडिकल कॉलेज के लिए डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने की पेशकश की है। इसके अलावा, एमबीबीएस अंतिम वर्ष एवं पीजी मैडिकल कोर्स कर रहे विद्यार्थियों को भी इलाज के लिए तैनात किए जाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, प्रशासनिक सेवा में कार्यरत ऐसे अफसर जिन्होंने एमबीबीएस एवं अन्य मैडिकल शिक्षा प्राप्त की है, उन्हें भी इस संकट काल में अस्पतालों में आवश्यकतानुसार भेजे जाने की व्यवस्था की जा रही है। कई एनजीओ और वॉलंटियर्स भी आगे आ रहे हैं।
पत्रकारों द्वारा पूछे गये एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के कारण आर्थिक चक्र प्रभावित होता है, जिसे पुन: पटरी पर लाने में समय लगता है, इसलिए उद्योगों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलाये जाने का निर्णय किया गया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की बजाय धारा 144 का सख्ती का पालन करवाने के लिए उपायुक्तों को निर्देश दिए गये हैं। किसी भी स्थान पर भीड़ न हो यह सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमला लगा हुआ है। शादी-विवाह आदि सामाजिक कार्यक्रम भी बिना अनुमति के नहीं करवाए जा सकते। उन्होंने लोगों से अपील की कि अनुमति के बावजूद कोविड प्रोटोकोल के तहत निर्धारित संख्या में ही कार्यक्रमों का आयोजन करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले दिनों जब वे रोहतक दौरे पर थे तो कोरोना के कारण हो रही मौतों के बारे में उनके बयान को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश गया। उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर खुलकर बोलता हूं और कभी लीपापोती की भाषा इस्तेमाल नहीं करता । उन्होंने कहा कि एक परिवार में किसी की मृत्यु होती है तो जाने वाले का हर किसी को दुख होना स्वाभाविक है। मैं पूरे प्रदेश को अपना परिवार मानता हूं । जब प्रदेश में कोई एक भी मौत होती है तो उसका भी मुझे दुख होता है ।  हमें प्रदेश के हर नागरिक को इस महामारी से बचाने का काम करना है। उन्होंने कहा कि राजनैतिक मतभेद भुलाकर पूरे समाज को एक साथ मिलकर इस आपदा से पार पाना है। उन्होंने कहा कि हर परिवार को फस्र्ट एड का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि किसी भी परिस्थिति का सामना किया जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में न तो ऑक्सीजन की और न ही जीवन रक्षक इंजैक्शन व दवाइयों की कोई कमी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि डाक्टर के परामर्श के बाद ही रेमडीसीवर और अन्य इंजेक्शन लें। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का भी मानना है कि कोरोना संक्रमण होने के बाद छ:-सात दिन तक ही रेमडिसीवर इंजेक्शन कारगर रहता है। उन्होंने कहा कि इस इंजैक्शन की 3000 डोज सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं। निजी अस्पतालों के लिए उपलब्ध स्टॉक के वितरण में कुछ समस्याएं हैं जिसके समाधान के लिए अलग से अधिकारी नियुक्त किए गये हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की यह लहर पिछले वर्ष की तरह नहीं है। पिछले वर्ष प्रतिदिन 3100 मरीजों का अधिकतम आंकडा आया था और फरवरी आते-आते यह काफी कम हो गया था। पिछले तीन से चार दिन में प्रदेश में प्रतिदिन 10 से 12 हजार नये कोविड मरीज आ रहे हैं। इसी संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जबकि पहले अधिकतम 3100 मरीजों की प्रतिदिन संख्या को  देखते हुए व्यवस्थाएं की गईं थीं।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 18 वर्ष के अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रारम्भ हुआ है। रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 30 अप्रैल तक सामने आएगा। इस वैक्सीनेशन अभियान के लिए 50 लाख डोज का ऑर्डर दिया जा चुका है, इस पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह वैक्सीनेशन अभियान सीएचसी, पीएचसी, डिस्पेंसरी एवं अन्य संस्थाओं के अस्पतालों में चलाया जाएगा। रजिस्ट्रेशन करने वालों के पास मोबाइल पर स्थान और दिन का मैसेज जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि निर्धारित तिथि और स्थान पर जारकर वैक्सीन लगवाएं। उन्होंने कहा कि कोविड से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए 1075 हैल्पलाइन नम्बर पर सम्पर्क किया जा सकता है।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिदिन प्रदेश में कोरोना की टैस्टिंग 40 से 50 हजार की जा रही है। मैगा अभियान चलाकर एक दिन में एक लाख तक भी सैम्पल टैस्ट किए गये हैं। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए सहयोग करें। कोविड एक प्राकृतिक आपदा है। हालांकि  नये मरीजों की संख्या के मुकाबले 75 प्रतिशत मरीज रोज ठीक होकर घर जा रहे हैं। यह प्रतिशत जल्द और सुधरेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मृत्यु दर 1.1 प्रतिशत थी, जो अब 0.88 प्रतिशत है, यह कई प्रदेशों के मुकाबले बेहतर है।
दिल्ली से आए मरीजों के कारण भी बढ़ा अस्पतालों पर दवाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि  इस महामारी में कहीं से भी आने वाले मरीज को हम इलाज देने से मना नहीं कर सकते, चाहे वह दिल्ली से हो या अन्य किसी प्रदेश से। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत के अस्पतालों में दिल्ली से आए मरीजों के कारण भी ज्यादा दवाब बढ़ा। यहां तक कि अम्बाला तक के अस्पतालों में भी दिल्ली से आए मरीजों का इलाज किया जा रहा है। दिल्ली में अब नये मरीजों की संख्या कम हो रही है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही हमारे यहां भी यह संख्या कम होगी और जल्द ही हम स्थिति पर काबू पा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि वे कोविड दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि इस आपदा पर पार पाया जा सके। इसी को ध्यान में रखकर शाम 6 बजे से बाजार आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा अन्य बाजार बंद करने और धारा 144 भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गये हैं। पिछले वर्ष माईक्रो कन्टेनमैंट जोन बनाए गये थे, लेकिन इस बार मैक्रो कन्टेनमैंट जोन बनाए गये हैं ताकि व्यवस्थाओं को ठीक से सम्भाला जा सके।
इस अवसर पर सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डा0 अमित अग्रवाल और मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल मीडिया एडवाइजर श्री विनोद मेहता के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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