कोरोना काल में हनुमान बना जसवंत, जंगलों से संजीवनी 'गिलोय' एकत्रित कर फ्री में घर-घर पहुंचा रहा

फरीदाबाद(Abtaknews.com) 26अप्रैल, 2021: इस आपातकाल की स्थिति में जहां बहुत से लोग आपदा को अवसर बनाकर ब्लैक के धंधों में जुटे हैं। वहीं एक शख्स ऐसा भी है,जो अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना पीडितों की फ्री सेवा में जुटा है। जी हां फरीदाबाद के गांव चंदावली का रहने वाला युवा जसवंत पवार जंगलों में भटक - भटक कर लोगो के लिये नीम चढी गिलोय एकत्रित कर रहा है और फिर जरूरतमंदों को उनके घर - घर तक फ्री में बांट रहा है। बिन मांगे संजीवनी बूटी देने वाले इस समाजसेवी की सेवाभाव पर लोग जसवंत का अभार व्यक्त कर रहे हैं।  

गिलोय तथा नीम को सबसे बेहतर इम्यून बूस्टर माना जाता है। महामारी के समय में भी गिलोय तथा नीम लोगों के लिए संजीवनी बूटी बनकर उभर रहा है वहीं इस आयुर्वेदिक बूटी की मांग भी काफी बढ़ रही है। अगर आप फरीदाबाद या उसके आसपास के क्षे़त्रों में रहते हैं और गिलोय प्राप्त करना चाह रहे हैं तो चंदावली के जसवंत पवार से सम्पर्क कर सकते हैं उन्होंने मदद के लिये अपना मोबाईल फोन सार्वजनिक कर दिया है। सम्पर्क करने के लिये आप डायल करें - 9911677648 युवा जसवंत पंवार ने बताया कि सबके साथ से ही महामारी को हराया जा सकता है। यदि हम लोगों की मदद के लिए एक छोटी सी पहल भी करना चाहते हैं तो कोशिश अवश्य करनी चाहिए। गिलोय आयुर्वेदिक बूटी है जो इम्यून बूस्टर के रूप में काम करती है।

उन्होंने बताया कि जिले भर से नीम गिलोय के लिए लोगों के फोन आ रहे हैं। प्रतिदिन 30 से 40 फोन आ रहे है। लोगों को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से पता चल रहा है तो वह उन्हें गिलाय दे रहे हैं। युवा जसवंत पंवार ने बताया कि कुछ दिनों पहले कई पहचान के लोग महामारी से संक्रमित हो गए जिससे मन बहुत दुखी हुआ। संकट के इस समय में लोगों की मदद करने के लिए इसकी शुरुआत की गई है।गौरतलब है कि गिलोय बुखार के लिए रामबाण है। यह इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में भी काम करता है। इसलिए इसके आयुर्वेदिक गुण के लिए इसे जीवन्तिका भी कहा जाता है।

समाजसेवी जसवंत पवार ने बताया कि आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के लिए किया जाता है। बरसात के मौसम में होने वाली वायरल बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया में गिलोय का सेवन किया जाता है। मच्छर से होने वाली बीमारियों में यह काफी फायदेमंद है। वहीं फ्री में गिलोय मिलने पर लोगों ने जसवंत का बार-बार आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि आज इस महामारी संकट के दौरान जो मदद जसवंत कर रहे हैं इसे कई वर्षो तक याद किया जायेगा।#Jaswant became Hanuman in the Corona period, collecting Sanjeevani 'Giloy' from the forests and sending him free from door to door



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