हरियाणा में ऑक्सीजन व दवाओं की कालाबाजारी की सूचना 7087089947-1800-180-1314 पर दें

चंडीगढ़(Abtaknews.com)26अप्रैल,2021:हरियाणा पुलिस द्वारा कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के बीच ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमेडिसविर इंजेक्शन और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी की रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर नागरिक इस संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना साझा कर सकते हैं।पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा मनोज यादव ने आज यहां बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी से संबंधित जानकारी या शिकायत मोबाइल नंबर 7087089947 और टोल-फ्री नंबर 1800-180-1314 पर दर्ज की जा सकती है।  

उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच कोविड-19 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और ऑक्सीजन सिलेंडर की कालाबाजरी पर प्रभावी रोकथाम के लिए ये नंबर जारी किए गए हैं।अगर किसी को भी इस तरह की कोई सूचना मिलती है, तो वह तुरंत कालाबाजारी में लिप्त व्यक्ति का नाम और नंबर बताते हुए पुलिस में शिकायत कर सकता है। कोविड की वर्तमान स्थिति के दौरान ऐसे जघन्य अपराध में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।ऐसे अपराधियों पर हालिया कार्रवाई की जानकारी देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गुरुग्राम में पुलिस और सीएम फ्लाइंग स्क्वायड की संयुक्त टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। काबू किए गए आरोपी नौ ऑक्सीजन सिलेंडरों को 90,000 रुपये प्रति सिलेंडर बेचने की फिराक में थे। जबकि एक  सिलेंडर का बाजार मूल्य लगभग 12000 रुपये है।

एक अन्य मामले में, सोनीपत में पुलिस ने कोविड-19 रोगियों के इलाज के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की बढ़ती मांग के मद्देनजर ऑक्सीजन सिलेंडर को अत्यधिक दरों पर बेचने के आरोप में मेसर्स गणेश एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त कशिश ने खुलासा किया कि उसकी कंपनी औद्योगिक उपयोग के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर में डील करती है, लेकिन हाल ही में चिकित्सा उपयोग के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग बढऩे के बाद, उसने जल्दी रुपये बनाने के लिए कोविड रोगियों को ऑक्सीजन सिलेंडर उच्च दरों पर बेचना शुरू कर दिया। टीम द्वारा छापेमारी के दौरान 170 से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर भी बरामद किए गए हैं। डीसी सोनीपत ने इन सिलेंडरों को जनहित में लेने की प्रक्रिया शुरू की है।#Report black marketing of oxygen and drugs in Haryana at 7087089947-1800-180-1314

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चंडीगढ़, 25 मार्च - हरियाणा की मंडियों में किसानों का जे-फार्म कटने के 48 घंटे के अंदर उनका पैसा सीधा बैंक खातों में भेजने वाला हरियाणा देशभर में एक मॉडल राज्य बन गया है। अगर किसी कारण किसान का पैसा उसके खाते में निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता है तो उसको 9 प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान किया जाएगा।यह बात हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आज पंचकूला में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कही। उन्होंने प्रदेश के किसानों की सुविधा के लिए मंडी से लेकर फसल भुगतान तक बनाए गए बेहतरीन सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि अगर पड़ोसी राज्य पंजाब व राजस्थान की सरकारें भी उनके मॉडल को अपनाने के लिए तकनीक आदि देने का अनुरोध करेंगी तो हरियाणा सरकार द्वारा पूरी मदद की जाएगी।

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चंडीगढ़,25 अप्रैल: हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यन्त चौटाला ने आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी करने और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचने वालों को चेतावनी देते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस संबंध में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को नियमित चैकिंग करने के निर्देश दिए हैं।डिप्टी सीएम, जिनके पास खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का प्रभार भी है, ने आज विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। दुष्यन्त चौटाला द्वारा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, पूर्ति एवं कीमतों तथा ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-सिलेंडर, रेमडिसीविर, टॉइलीजुमब, इंजेक्टेबल अन्तिकागुलान्ट्स जैसे कि एनॉक्सआपरइन इत्यादि की जमाखोरी रोकने व निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने बारे समीक्षा की गई।  समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के इस दूसरे दौर में राज्य सरकार द्वारा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं पूर्ति सुनिश्चित करने के लिये कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि 22 आवश्यक वस्तुओं का अवलोकन करने उपरांत पाया गया कि पिछले दिनों में दालों की कीमतों में लगभग 3 प्रतिशत तथा तेल में लगभग 4 से 4.5 प्रतिशत की बढौतरी हुई है। कुछ जिलों में अन्य वस्तुओं के दामों में भी बढौतरी हुई है।

उपमुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में सभी जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किये हैं कि वे अपने-अपने जिलों के थोक विक्रेताओं से सम्पर्क स्थापित करते हुये सभी 22 आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं पूर्ति को प्रतिदिन सुनिश्चित करें । थोक विक्रेताओं के आवश्यक वस्तुओं से भरे हुये ट्रक यदि पड़ोस के राज्यों में रूके हुये हैं तो संबधित जिला प्रशासन से तालमेल उपरांत उन ट्रकों के मूवमेन्ट-पास जारी करवाए जाएं ताकि आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बाधित न हो। अपने जिले के थोक विक्रेताओं को प्रेरित करते हुये पड़ोसी राज्यों दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व पंजाब इत्यादि से किरयाना की सभी आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति सुनिश्चित करवायें तथा आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों तथा इनकी उपलब्धता पर कड़ी नजर रखी जाए और इन्हें प्रतिदिन मानिटर किया जाए।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त सभी जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों को यह भी निर्देश दिये गये हैं कि सभी जिला नियंत्रक अपने-अपने जिले में विभिन्न चैकिगं टीमों का गठन करेंगे जिसमें जिला प्रशासन का प्रतिनिधि, मापतोल विभाग का निरीक्षक शामिल होंगे जो कि पूरे जिले में व्यापक चैकिगं अभियान चलाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-सिलेंडर, रेमडिसीविर, टॉइलीजुमब, इंजेक्टेबल अन्तिकागुलान्ट्स जैसे कि एनॉक्सआपरइन इत्यादि की कोई भी दुकानदार जमाखोरी न करे और न ही निर्धारित मूल्य से अधिक पर इनकी बिक्री कर सके।  इस सम्बन्ध में उल्लंघना पाये जाने पर संबधित के विरूद्ध लीगल मैट्रोलोजी एक्ट/इंडियन पैनल कोड/ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।  आवश्यकता पडऩे पर पुलिस की सहायता भी ली जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिले में विभिन्न आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी एवं कालाबाजारी न हो और इस पर कड़ी नजर रखी जाये।

श्री दुष्यन्त चौटाला ने यह भी बताया कि उन्होंने सार्वजनिक वितरण व खाद्य विभाग के केंद्रीय मंत्री श्री पीयुष गोयल को भी एक अर्धसरकारी पत्र लिखा है जिसमे उन्होंने केंद्र से अनुरोध किया है कि  ऑक्सीजन, ऑक्सीजन-सिलेंडर, रेमडिसीविर, टॉइलीजुमब, इंजेक्टेबल अन्तिकागुलान्ट्स जैसे कि एनॉक्सआपरइन इत्यादि  को कम से कम 6 महीने तक आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आवश्यक वस्तुओं की सूचि में शामिल किया जाये ताकि उचित मूल्य पर इन उपर्युक्त जीवन रक्षक वस्तुओं के उत्पादन, उपलब्धता और वितरण की निगरानी सार्वजनिक रूप से सुनिश्चित की जा सके।

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चंडीगढ़, 25 अप्रैल: हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन ने  जिला उपायुक्तों को निर्देश दिये हैं कि वे आरटी पीसीआर टेस्टिंग रिपोर्ट समय पर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, जिलों के सरकारी व गैर-सरकारी अस्पतालों में आईसीयू एवं आक्सीजन बैडस की उपलब्धता पर भी निगरानी रखें ताकि मरीजों की सही देखभाल हो सके।मुख्य सचिव आज राज्य स्तरीय क्राईसिस कार्डिनेशन कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक मेें वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया।  

उन्होंने कहा कि अधिकारी कोरोना की इस संकट की घड़ी में पूर्ण तालमेल रखते हुए कार्य करें  और जिस क्षेत्र में अधिक कोरोना पाजिटिव केस पाये जाते हैं उन क्षेत्रों को तुरंत प्रभाव से कंटेनमेंट जोन बनाएं। इन क्षेत्रों पर इंसिडेंट कमांडरों की नियुक्त करें और  होम आईसोलेट में रह रहे मरीजों की मेडिकल सुविधायें बढायें। उन्होंने सुझाव दिया की सांसद, विधायकों , चेयरमैन व मार्किट कमेटी के सदस्यों के साथ मिल कर कंटेनमेंट जोन बनाने व इन क्षेत्रों में कोविड एहतियात के अन्य जरूरी कदम उठाने बारे निर्णय लें।उन्होंने निर्देश दिये कि  कोरोना को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाये जायें। प्रत्येक जिले को आवंटित की गई आक्सीजन का सही वितरण करने के लिए जिला स्तर पर उच्च अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाये। यह कमेटी जिले के  सभी सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में आवश्यकता अनुसार आक्सीजन  की सप्लाई सुनिश्चित करे। उन्होंने स्पष्ट किया की सरकार द्वारा आवंटित आक्सीजन सप्लाई का समय पर पूरा उठान किया जाये। सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों की निगरानी के लिए एक - एक अधिकारी की तैनाती की जाये।

उन्होंने कहा कि रेमिडेसिवर टीके की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रशासनिक अधिकारियों की कमेटी नियमित रूप से मानिटरिंग करें व इसकी खपत व उपलब्धता की प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश  की  सरकारी व प्राईवेट लैब की आरटी पीसीआर टेस्टिंग रिपोर्ट समय पर उपलब्ध होना सुनिश्चित करेें।मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि सरकार द्वारा जारी कोविड-19 की हिदायतों का पालन सख्ती से करवाया जाये। किसी भी खुले में धार्मिक,सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में लोगों की संख्या 50 से अधिक तथा सभागार में 30 व दाह संस्कार में 20 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, सभी जिला उपायुक्त आवश्यकतानुसार धारा 144 लगाने, जिलों में सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या तय करने, भीड़ एकत्र नहीं होने देने सहित अन्य निर्णय स्वयं लें।

उन्होंने कहा कि जिन कार्यालयों में घर से काम चल सकता है वहां अधिकतम कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम को अपनाएं । इसके साथ ही उन्होंने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत जैसे जिलों में कोरोना के बढते मामलों को देखते हुए निजी कार्यालयों में अधिकतम कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि सभी उपायुक्तों को समय-समय पर अस्पतालों, कंटेनमेंट जोन व लैब आदि का दौरा करने के साथ-साथ लोगों की समस्याओं के निवारण हेतु हर समय उपलब्ध रहने का सुझाव दिया जिससे लोगों को यह एहसास हो कि सरकार व जिला प्रशासन उनकी सेवा के लिए हर समय तैयार है।

चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम ने बताया कि जल्द ही राज्य के विभिन्न अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है। इसके तहत पीजीआई रोहतक में 1000 ऑक्सीजन बैडस तथा अन्य मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में ऑक्सीजन युक्त 1250 बिस्तरों को बढ़ाने,अटल बिहारी अस्पताल,फरीदाबाद में 200 बिस्तरों की व्यवस्था पर कार्य किया जा रहा हैं ताकि मरीजों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न आये।

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि प्रदेश में लगभग 46000 व्यक्ति होम आईसोलेशन में हैं जिनकी नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बैडस की उपलब्धता के लिए कोरोना हरियाणा जीएमडीए पोर्टल को अपडेट रखा जाये ताकि आमजन को इस बारे पूरी जानकारी उपलब्ध होती रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों में डिस्चार्ज पोलिसी के नियमों का पालन किया जाये ताकि एक्टिव केसों को समय पर सुविधा प्राप्त हो सके।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव आपदा प्रबन्धन संजीव कौशल, अस्पताल निगरानी राज्य नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव पी के दास, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव, एचएमएससीएल के प्रबन्धन निदेशक डॉ साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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