जे सी बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए में दो दिवसीय आनलाइन राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन


फरीदाबाद(Abtaknews.com)13जनवरी,2021: जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के सिविल इंजीनियरिंग विभाग और पर्यावरण विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 14 और 15 जनवरी को सिविल इंजीनियरिंग और पर्यावरण विज्ञान के क्षेत्र में उन्नत तकनीकों पर दो दिवसीय आनलाइन राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा मुख्य अतिथि होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश कुमार करेंगे।
सीएसआईआर-एनईईआरआई दिल्ली जोनल सेंटर के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एस. के. गोयल, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली से प्रो. के. एन. झा, भारतीय भवन कांग्रेस, नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रदीप मित्तल उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता रहेंगे।
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स्वामी विवेकानंद का जीवन एवं शिक्षाएं युवाओं के लिए प्रासंगिकः कुलपति प्रो. दिनेश कुमार

फरीदाबाद, 13 जनवरी - जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा स्वामी विवेकानंद की 158वीं जयंती पर राष्ट्रीय युवा दिवस उपलक्ष्य में विभिन्न आनलाइन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञ वार्ता, वेबिनार और राष्ट्रीय स्तर की कविता और कला प्रतियोगिता शामिल हैं।
इस अवसर पर आयोजित विशेषज्ञ वार्ता में अभ्यात्मा योग अकादमी, बेंगलूरू के निदेशक योगाचार्य प्रो. सुब्रमण्यम अनंता वेंकट मुख्य वक्ता रहे जबकि अंतर्राष्ट्रीय योग शिक्षक डॉ. कुश पांचाल ने ‘तनाव प्रबंधन’ पर प्रेरक व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के विवेकानंद मंच और एनएसएस प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। इन आयोजनों में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले, निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रदीप डिमरी ने विशेषज्ञ वक्ताओं का स्वागत किया।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर विद्यार्थियों को अपने संबोधन में कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन एवं शिक्षाएं युवाओं के लिए हमेशा प्रासंगिक रही है। चरित्र निर्माण उनकी शिक्षाओं का मुख्य सिद्धांत रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। कुलपति ने महान भारतीय विचारक स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए विवेकानंद मंच और एनएसएस प्रकोष्ठ के प्रयासों की सराहना की। 
विशेषज्ञ व्याख्यान में प्रो. सुब्रमण्यन ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला और योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि योगाभ्यास मानसिक शांति प्राप्त होती है जोकि शारीरिक और मानसिक विकारों को दूर करती है। इसी प्रकार, डॉ. कुश पांचाल ने विद्यार्थियों के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया और तनाव मुक्त जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने तनाव मुक्त और आरामदायक जीवन प्राप्त करने के लिए कुछ तकनीकों को भी साझा किया। 
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर की कविता और कला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 300 विद्यार्थियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंत में डॉ. बिंदू मंगला ने धन्यवाद किया।

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