हरियाणा में दो एचसीएस अधिकारियों के ट्रांसफर,हिसार के सिटी मजिस्ट्रेट बने राजेंद्र

चंडीगढ़(abtaknews.com)13 अक्तूबर,2020: हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से दो एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।हिसार के सिटी मजिस्ट्रेट अशवीर सिंह को उप-मंडल अधिकारी (नागरिक), हिसार लगाया गया है। जबकि उप-मंडल अधिकारी (नागरिक), हिसार राजेंद्र कुमार को हिसार का सिटी मजिस्ट्रेट लगाया गया है। 

-------------------------------------

चडीगढ़, 13 अक्तूबर चंडीगढ़, 13 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने गोबरधन योजना के तहत बायोगैस प्लांट लगाने के लिए निजी वित्त संस्थानों से ऋण मुहैया करवाने के अलावा केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया है।विजय वर्धन आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव श्री यू. पी. सिंह की अध्यक्षता में गोबरधन योजना के कार्यान्वयन के संबंध में हुई बैठक में हिस्सा ले रहे थे। बैठक में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
 विजय वर्धन ने गोबरधन योजना के कार्यान्वयन की जानकारी देते हुए बताया कि हिसार जिले के नया गांव में बायोगैस प्लांट संचालित किया जा रहा है, जिससे 150 से अधिक घरों को पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रयोग से यह सामने आया कि कम्प्रैस्ड गैस के मुकाबले पाइपलाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति ज्यादा बेहतर है और इसकी लागत एलपीजी गैस सिलेंडर की तुलना में एक तिहाई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक बायोगैस प्लांट स्थापित करने पर कार्य किया जा रहा है। सामुदायिक बायोगैस प्लांट मॉडल निजी प्लांट के तुलना में अधिक सफल हैं। इसलिए केंद्र सरकार से अनुरोध है कि सामुदायिक बायोगैस प्लांट अवसरंचना के लिए निजी वित्त संस्थानों से ऋण मुहैया करवाने के अलावा सरकार की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
बैठक में योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि इस योजना के तहत गोबर और खेतों के बेकार या इस्तेमाल में न आने वाले उत्पादों को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में बदल दिया जाता है। इस गोबरधन योजना का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ बनाना और पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पर्दाथों को कंपोस्ट और बायो-गैस में परिवर्तित कर, उससे धन और ऊर्जा का उत्पादन करना है। इस योजना से एक ओर जहां सफाई सुनिश्चित होगी वहीं दूसरी ओर किसानों को आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में विकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपाल उपस्थित रहे। इसके अलावा, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. सी. गुप्ता, पशुपालन और डेयरी विभाग के प्रधान सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू सहित अन्य विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
-----------------------------------------
 
चण्डीगढ़,13 अक्तूबर-हरियाणा को वैश्विक कृषि पुरस्कार-2019 के तहत सर्वश्रेष्ठ पशुपालक राज्य का पुरस्कार मिला है। राज्य को यह पुरस्कार पशुपालन क्षेत्र और किसान की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव डालने वाली महत्वपूर्ण नीतिगत पहलों के लिए दिया गया है जिसने कृषि क्षेत्र के विकास में मदद की है और लाखों किसानों के जीवन को प्रभावित किया है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय चैम्बर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर द्वारा गत 5 अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित चतुर्थ ग्लोबल एग्रीकल्चर समिट, 2019 के दौरान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुनील गुलाटी ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।उन्होंने बताया कि यह सब विभाग द्वारा वर्ष 2019 के दौरान सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के कारण सम्भव हो पाया है। गाय और भैंसों के लिए संयुक्त एचएस+एफएमडी टीके का प्रयोग करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। विभाग द्वारा पहले चरण में किसानों के घर-द्वार पर 60 लाख पशुओं का संयुक्त टीकाकरण सफलापूर्वक किया जा चुका है। इसके अलावा, ‘हर पशु का ज्ञान’  नाम के मोबाइल एप का उपयोग करके 52 लाख बड़े जानवरों का फोटो सहित पूरा विवरण एकत्र किया गया है।
उन्होंने बताया कि ‘हर पशु का ध्यान’ में एक नवीन परियोजना पर कार्य किया जा रहा है, जो देश में अपनी तरह का पहला डाटा संग्रह है। इसका उपयोग पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर बड़ी संख्या में सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पशुओं के आनुवंशिक सुधार के लिए हरियाणा पशु (पंजीकरण, प्रमाणन और प्रजनन)अधिनियम, 2019 पारित करने वाला हरियाणा पहला राज्य है। राज्य के प्रत्येक सरकारी पशु चिकित्सालय में पशु स्वास्थ्य कल्याण समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों के स्तर पर पशुधन औषधि भण्डार स्थापित करने की अभिनव योजना शुरू की गई है।  

No comments

Powered by Blogger.