मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा मैरिट आधार पर भर्तियां और अध्यापक स्थानांतरण नीति की राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सराहना

चंडीगढ़(abtaknews.com)17 अक्तूबर,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने कहा कि पिछले छ: वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी तंत्र में पारदर्शिता लाने व व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पहल की है और इस कड़ी में काफी हद तक सफलता भी प्राप्त हुई हैचाहे वह मैरिट आधार पर भर्तियां करने की बात हो या अध्यापक स्थानांतरण नीति की बात हो। राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की इस पहल की सराहना हुई है।

सेक्टर-3 में हरियाणा निवास में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छ: वर्षों में लगभग 85 हजार पदों पर सरकारी भर्तियां मैरिट आधार पर की गई हैं । उन्होंने कहा कि आगामी पाँच वर्षों में एक लाख से अधिक पदों पर और भर्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जो मैरिट आधार पर कर्मचारी भर्ती किए गए हैंनिश्चित रूप से वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे और भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे ऐसा उनका मानना है।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में विकास की गति में तेजी लाने के लिए जिला परिषदों के अलग से सीईओ नियुक्त करने के बाद शहरी स्थानीय निकायों में भी अलग से जिला नगर आयुक्त लगाए गए हैं। इससे इन संस्थानों के वित्तीय संसाधन जुटाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि पहले स्थानीय निकाय बजट के लिए इस बात पर निर्भर रहती थी कि सरकार की ओर से उन्हें केंद्रीय वित्त आयोग या राज्य वित्त आयोग से ग्रांट मिल जाएगीपरंतु अब वे स्वयं के संसाधन जुटाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि निकायों में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

शराब घोटाले के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि डिस्टलरी से लेकर शराब के ठेकेदारों तक यह एक कड़ी होती है और अलग-अलग राज्यों से इसके तार जुड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में हालांकि कोई डिस्टलरी नहीं हैलेकिन यहां पर कई बोटलिंग प्लांट हैजिससे अन्य राज्यों में शराब जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की डिस्टलरी में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ हीपुलिस व ईटीओ कार्यालय की संयुक्त पैट्रोलिंग टीमें शराब की आवजाही पर निगरानी रखती हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 में आबकारी राजस्व 3200 करोड़ रुपये था जो वर्ष 2020-21 में अब तक 6400 करोड़ रुपये हो गया है और अनुमान है कि यह 7000 करोड़ रुपये हो जाएगा। राजस्व में बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ने व्यवस्थाओं में सुधार किए हैं।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के बाद भी जीएसटी वैट व खनन से 338 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ हैजोकि पिछले वर्ष 330 करोड़ रुपये था।इस अवसर पर परिहवन मंत्री श्री मूलचंद शर्मापरिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी और सूचनाजनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री पी. सी. मीणा के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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चण्डीगढ़, 17 अक्तूबर- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालयहिसार  के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह ने कृषि विश्वविद्यालय के गेट नंबर चार से गुजरने वाले व विश्वविद्यालय में आने वाले किसानों और आम जनता को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी डिस्पले के माध्यम से मिल सके इसके लिए विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग की ओर से वेदर डिस्प्ले बोर्ड का उद्घाटन किया।

          इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव किसानों के हित के लिए तत्पर है। इसी दिशा में किसानों व आमजन को मौसम पूर्वानुमान की जानकारी डिस्पले के माध्यम से मुहैया करवाना भी एक सार्थक कदम है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक विश्वविद्यालय के साथ जुडकऱ यहां की नई तकनीकों व विभिन्न फसलों व सब्जियों की किस्मों का लाभ उठाएं और वैज्ञानिकों से समय-समय पर जानकारी हासिल करते रहें।

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चंडीगढ़
, 17 अक्तूबर- ई-रजिस्ट्रेशन’ के माध्यम से तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज एक और बड़ी पहल करते हुए भ्रष्टाचार का एक और अड्डा माने जाने वाले आरटीए कार्यालयों पर शिकंजा कसते हुए सभी जिलों में आरटीए सचिव के स्थान पर अलग से जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) नियुक्त करने की घोषणा की है।

          आज यहां सेक्टर-3 में हरियाणा निवास में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे नवरात्रों के शुभ अवसर पर शुद्धिकरण का मन बना चुके हैं और आरटीए के बाद हर विभाग जहां पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश हैउसको खत्म करेंगे।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  के रूप में अलग से एचसीएस अधिकारी लगाने के बाद सरकार की यह दूसरी पहल है कि आरटीए के स्थान पर डीटीओ लगाए जाएंगे। इनकी नियुक्ति 2 दिनों के अंदर-अंदर कर दी जाएगी और अब सभी 22 जिलों में आरटीए की बजाए डीटीओ होंगे।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील कार्यालयों में बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के बाद अब आम जनता को आरटीए कार्यालयों में भी बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा चाहे वह ड्राइविंग लाइसेंस की बात हो या वाहन पासिंग की बात हो। उन्होंने कहा कि माल ढोने वाले वाहनों की फिटनैस की जांच करने के लिए रोहतक के बाद छ:और स्थानों अंबालाकरनालहिसारगुरुग्रामफरीदाबाद एवं रेवाड़ी में वाहनों के इन्सपैक्शन एवं सर्टिफिकेशन केंद्र खोले जाएंगे।

          श्री मनोहर लाल ने कहा कि 11 जिलों कैथलझज्जर के बहादुरगढ़रोहतकफरीदाबादनूंहभिवानीकरनालरेवाड़ीसोनीपतपलवल और यमुनानगर में ओटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक लगाए जाएंगेजहां कंप्यूटरीकृत मशीनों के द्वारा ड्राईविंग स्किल्स का टेस्ट लिया जाएगा और लाइसेंस बनवाने वालों को किसी दलाल के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए कुल 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और ये केंद्र एक साल के अंदर-अंदर खोल दिए जाएंगे।

          इसी प्रकारवाणिज्यिक वाहनों की ओवरलोडिंग भी एक भ्रष्टाचार का मुख्य कारण हैइस पर अंकुश लगाने के लिए सडक़ों पर पोर्टलेबल धर्मकाँटे लगाए जाएंगेजिससे वाहन चालक को भी पता नहीं लगेगा कि कब उसके वाहन के वजन का तोल हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 45 पोर्टलेबल धर्मकाँटे खरीद लिए गए हैं और इसकी सफलता के बाद पूरे प्रदेश में और भी पोर्टलेबल धर्मकाँटे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आगे से वाणिज्यिक वाहनों की चैकिंग व पासिंग करने वाले वाहन निरीक्षक पर बॉडी कैमरे लगाए जाएंगेजिससे सारी कार्रवाई रिकॉर्ड की जाएगी और इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय पर की जाएगी।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन वाहनों में आमतौर पर ओवरलोडिंग की समस्या की शिकायतें मिलती हैं इसके लिए 'ई-रवानासॉफ्टवेयर पहले ही तैयार किया जा चुका है और अब इसको परिवहन विभाग  के 'वाहनसॉफ्टवेयर के साथ समेकित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात की भी जानकारी दी कि वर्तमान में आरटीए कार्यालय में पंजीकृत वाणिज्यिक वाहनों की संख्या लगभग सवा लाख है और आरटीए कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या सिर्फ 627 है। एक साल के अंदर-अंदर आरटीए कार्यालयों के लिए नई भर्ती की जाएगी।

          उन्होंने कहा कि वे आज ही स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों को सरकार के इस निर्णय से अवगत करवाएंगे। उन्होंने कहा कि डीटीओ के पद पर जरूरी नहीं कि आईएएस या एचसीएस अधिकारी लगाए जाएंबल्कि इसके लिए अब भविष्य में आईपीएसएचपीएस या किसी अन्य विभाग के क्लास-1 अधिकारी को भी प्रतिनियुक्ति पर लिया जा सकेगा ।

          उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। मुख्यमंत्री ने इस बात के संकेत दिए कि आरटीए के बाद किसी और विभाग का भी चयन करेंगे जहां पर भ्रष्टाचार की अधिक संभावना है और उस पर भी अंकुश लगाया जाएगा।

          इस अवसर पर परिहवन मंत्री श्री मूलचंद शर्मापरिवहन विभाग के प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी और सूचनाजनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री पी. सी. मीणा के अलावा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।        

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