थेलासीमिया ग्रस्त बच्चे स्वस्थ रहें इसी प्रयास में कार्यरत हैं फाउंडेशन अगेंस्ट थैलसिमिया


फरीदाबाद (Abtaknews.com)04अक्टूबर,2020:फाउंडेशन अगेंस्ट थैलसिमिया जो पिछले पच्चीस सालो से कार्यरत है।  संस्था की हमेशा ही कोशिश रही है जो थेलासीमिया ग्रस्त बच्चे इस दुनिया में जन्म ले चुके है वो स्वस्थ रहे व् कोई भी बच्चा थेलासीमिया जैसी घातक बीमारी के साथ पैदा न हो।  परन्तु लाख कोशिशों के बावजूद भी थेलासीमिया ग्रस्त बच्चो का रुकना बंद नहीं हो रहा है लगातार थेलासीमिया ग्रस्त बच्चो पैदा होना यही दर्शाता है लोग कितने अनजान है। 

यह सब संस्था के उस मिशन को एक बहुत बड़ा धक्का है की वर्ष  2025 के बाद भारतवर्ष थेलासीमिया मुक्त हो जाये। परन्तु संस्था हार नहीं मानेगी।  इसी कड़ी में आज  रविवार 4 अक्टूबर 2020 को एक थेलासीमिया करियर का निशुल्क शिविर लखानी धर्मशाला एन एच 2 ब्लॉक एफ फरीदाबाद में लगया गया। इस शिविर को लगाने में रोटरी क्लब ऑफ़ फरीदाबाद टूलिप्स व् रोटरी क्लब ऑफ़ फरीदाबाद कॉस्मोपॉलिटन का पूरा सहयोग।

शिविर में लक्ष्य था एक सौ लोगो का टेस्ट करने का।  संस्था द्वारा इस बात के किये काफी मेहनत की गयी लोगो के घरो में गए उनको सन्देश भेजे परन्तु लोगो की उदासी से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।  सिर्फ 44 लोगो ने ही निशुल्क टेस्ट करवाए जिसमे आर्य कन्या सदन की १६ बालिकाएं थी जिसके लिए  लोगो की सोच है वो तो स्वस्थ है परन्तु सिर्फ सच यही  है, सिर्फ दो ही लोगो को यह पता चल पता है की वो करियर है या नहीं ! एक वो जो स्वयं जाकर थैलासीमिया कॅरियर का टेस्ट करवा ले या दूसरे वो जिनके यहां थैलासीमिया ग्रस्त बच्चा पैदा हो जाता है। जिनके यहाँ ऐसा हो जाता है उनके पास सिर्फ पछताने के अलावा कुछ नहीं होता है। 

आज के इस विशेष शिविर में श्री आशीष अग्रवाल, श्री संजय चंदा, श्री नवनीत गुम्बर , श्री धर्मबीर भड़ाना, सरदार मोहन सिंह भाटिया, श्री कैलाश गुगलानी, मीनू गुप्ता, एकता रमन, श्री बी. डी. भाटिया, डॉक्टर हेमंत अत्री, श्री दर्शन लाल भाटिया, श्री बिमल खंडेलवाल, श्रीमती अनुराधा भाटिया, श्रीमती नीलम कुकरेजा, श्री राकेश भाटिया, श्री अजय नाथ, श्री उमेश अरोरा, सरदार बिट्टू रतरा, श्री संजय भाटिया, श्री विजय कंटा, श्री पवन कुमार, गुरध्यान अदलखा, श्री संजय आहूजा, श्री प्रवेश मालिक, श्री दिनेश भाटिया, श्री जे. के. भाटिया, श्री अमरजीत सिंह, श्री नीरज कुकरेजा, श्री लोचन भाटिया की गरिमामय उपस्तिथि रही। श्री धर्मबीर भड़ाना जी ने  आश्वासन दिया की वो संस्था की तन मन धन से सेवा करते रहेंगे।

हरीश रतरा ने बतया कीआज एक माँ लवप्रीत कौर अपनी नन्ही सी बिटिया बनरीत कौर को टेस्ट करवाने के लिए लेकर आयी उस माँ को अभी से चिंता है की उसकी बेटी की जब औलाद हो तो स्वस्थ हो। यही असली जज़्बा होना चाहिए।  

फाउंडेशन अगेंस्ट थेलासीमिया के महासचिव श्री रविंद्र डुडेजा ने बताया की सिर्फ इसी टेस्ट से ही आप अपने परिवार को थेलासीमिया मुक्त कर सकते है। अभी तक जो बच्चे पैदा हुए है वो नासमझी के कारण ही पैदा हुए है, जानकारी का अभाव था। अब जानकारी भी है व् अपने परिवार को बचाने का मौका भी। अगर ये सब होते हुए भी किसी के यहा थेलासीमिया ग्रस्त बच्चा पैदा होता है तो वो बच्चा आपको जीवनभर माफ़ नहीं करेगा। अब चुनाव आपने करना है।  जानकारी होते हुए भी आँखे बंद करना ? या स्वस्थ बच्चे की कामना करना। 

फाउंडेशन अगेंस्ट थेलासीमिया के प्रधान हरीश रत्तरा ने बताया की लोगो की सोच है वो तो स्वस्थ है उनको यह टेस्ट करवाने की कोई जरूरत नहीं है। जो होगा देखा जायेगा। परन्तु जो होगा देखा जायेगा का मतलब है। एक मासूम को जीवन भर रक्त चढ़ाने के लिए पैदा करना। जानकारी होते हुए ऐसा करना एक पाप ही है। सदी के महा नायक श्री अमिताभ बच्चन जी भी तो थेलासीमिया करियर है।  थेलासीमिया करियर लोग दिखने में स्वस्थ ही नज़र आते है। उनका थैलासीमिया करियर होना सिर्फ एचबीए 2 टेस्ट से ही पता चल सकता है। अगर दोनों साथी थेलासीमिया करियर होंगे तभी थैलासीमिया ग्रस्त बच्चा पैदा होगा। हा अगर दोनों करियर है तो गर्भ में पल रहे बच्चे का आठ से दस सप्ताह की अवस्था में एक विशेष टेस्ट से पता चल जाता की गर्भ में पल रहा बच्चा किस प्रकार का है।  फिर डॉक्टर की सलाह से आगे का सोचा जा सकता है। अगर साथी एक करियर है एक नहीं है तो उनके यहां थेलासीमिया ग्रस्त बच्चा नहीं पैदा होगा। ज्यादा से ज्यादा थेलासीमिया करियर ही पैदा हो सकता है।

No comments

Powered by Blogger.