अपने ज्ञान की शक्ति और अनुभव का उपयोग समाज की सेवा करने में करें आईएएस

 


चंडीगढ़(abtaknews.com)07 अक्टूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और अखिल भारतीय सेवाओं (एआईएस) के उम्मीदवारों का आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान की शक्ति और अनुभव का उपयोग समाज की सेवा करने में करें।

मनोहर लाल आज यहां हरियाणा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और अखिल भारतीय सेवाओं (एआईएस) के नवचयनित उम्मीदवारों को संबोधित कर रहे थे।हरियाणा से आईएएस और एआईएस के नवचयनित उम्मीदवारों को उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि हर साल प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ रही है। इस साल 40 उम्मीदवारों ने प्रतियोगी परीक्षा को पास किया है, जिनमें 36 उम्मीदवारों ने सिविल सेवा परीक्षाओं और चार उम्मीदवारों ने वन सेवा परीक्षा उतीर्ण की है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने एचसीएस अधिकारियों के पदों के लिए तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के नामों की सिफारिश करने की प्रथा को खत्म किया है। अब तृतीय श्रेणी के सभी पात्र कर्मचारियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे और उनका चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) के माध्यम से लिखित परीक्षा आयोजित करने के बाद किया गया था। हाल ही में हरियाणा में 18 एचसीएस अधिकारियों का चयन निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया गया था।

         इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी)सीआईडी श्री आलोक मित्तल ने नवचयनित उम्मीदवारों को बधाई दी और कहा कि पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हरियाणा के उम्मीदवारों की रैंकिंग में लगातार सुधार हो रहा है। उनकी उपलब्धि निश्चित रूप से अन्य इच्छुक उम्मीदवारों को प्रेरित करेगी।

         अपने स्वागत भाषण में एसपी सुरक्षाश्री पंकज नैन ने कहा कि इस वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बहुत अधिक है।

         मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने हरियाणा से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और अखिल भारतीय सेवाओं (एआईएस) के नवचयनित उम्मीदवारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

         इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंहनिदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री जे. गणेशनपुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादवसलाहकार सार्वजनिक सुरक्षाशिकायतसुशासन और इंचार्जसीएम विंडो श्री अनिल कुमार राव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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चण्डीगढ़, 7 अक्तूबर- हरियाणा में होम मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड’ के बाद अब माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वॉड’ भी बनाया जाएगा जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से समय-समय पर निरीक्षण करके प्रदेश में अवैध माइनिंग पर शिकंजा कसने का काम करेगा।

         प्रदेश के खान एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने आज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को इस फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन की प्रक्रिया शुरू के निर्देश दिए। माइनिंग मिनिस्टर फ्लाइंग स्क्वाड’ में खान एवं भू-विज्ञानपरिवहन विभाग के रेगुलेटरी विंग और पुलिस विभाग से एक-एक अधिकारी को शामिल किया जाएगा।

         श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कई जगह खनन क्षेत्र से बाहर बिना अनुमति के सरकारी जमीन पर 10-10 साल से खनिज और खनिज मलबा पड़ा है। इसका स्टॉक पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है। इस तरह के अवैध स्टॉक की पहचान करके उसे सीज किया जाए और उसकी नीलामी करवाई जाए। इसके अलावाउन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिल्ली से हरियाणा में आने वाले पत्थर को किस तरह से क़ानूनी तौर से लाया जा सकेइसकी संभावना भी तलाशी जानी चाहिए।

         उन्होंने कहा कि यमुना के साथ-साथ खनन की अनुमति न होने के बावजूद कुछ लोगों ने उस क्षेत्र में स्टॉक किया हुआ हैइसकी जांच की जानी चाहिए कि वहाँ रेत कहां से लाकर बेची जा रही है। इसके अलावाबहुत-सी गाडिय़ों का ई-रवाना तो यमुनानगर व करनाल जैसे जिलों का कटा होता है लेकिन वे सप्लाई पलवल और फरीदाबाद जैसे जिलों में करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ई-रवाना जारी करते समय इस तरह की बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि यह व्यावहारिक है भी या नहीं।

         खान एवं भू-विज्ञान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुरुग्रामफरीदाबादसोनीपत और झज्जर जैसे जिलों में मिट्टी खोदने की अनुमति देने की प्रक्रिया को भी सुचारू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि सभी माइनिंग ब्लॉक की पर्यावरण सम्बन्धी स्वीकृति (ईसी) लेने में समय लगेगाइसलिए फरीदाबाद के रेत के खदानों और चरखी दादरी के पहाड़ों के ब्लॉक्स की नीलामी करवाई जा सकती है जिसकी ईसी के बोलीदाताओं या ठेकदारों को लेनी होगी। सरकार बाक़ी खानों की बोली से पहले  ईसी लेने के बारे विचार कर रही है और क़ानूनी रूप से कोई अड़चन न होने पर इस प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इसके अलावाराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड द्वारा एनसीजेड की परिभाषा तय करने का अधिकार राज्यों को देने के बाद पलवल में भी खनन ब्लॉक्स की नीलामी जल्द होने की उम्मीद है।

         बैठक में हरियाणा से खुदाई करके खनिज सामग्री उत्तर प्रदेश की सीमा में डाले जाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई और दोनों प्रदेशों के बीच सीमांकन के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा सर्वे करवाने का सुझाव दिया गया। इस दौरान बताया गया कि प्रदेश में 58 खनन ब्लॉक में से 51 की प्रारंभिक पहचान करके हरसेक द्वारा ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य किया जा रहा है। विभाग खानों बारे सूचना उपलब्ध करने के लिए हरसेक द्वारा एक एप भी शुरू किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि विभाग द्वारा सितम्बर माह के अन्त तक 2541 गाडिय़ां इम्पाउंड की गई हैं जिनमें से 1948 गाडिय़ां छोड़ी जा चुकी हैं। विभाग को इनसे पैनल्टी के रूप में 55.71 करोड़ रुपये की आय हुई है। कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के बावजूद विभाग द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में अभी तक 5 करोड़ रुपये का अधिक राजस्व प्राप्त किया गया है।खान एवं भू-विज्ञान विभाग के प्रधान सचिव श्री आनन्द मोहन शरण और महानिदेशक श्री अमिताभ ढिल्लों समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

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चंडीगढ़, 7 अक्टूबर- राज्य सरकार के सुपर-100 कार्यक्रमजिसके तहत इस साल हरियाणा के 25 छात्रों को आईआईटी में प्रवेश मिला हैकी सफलता को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज सुपर-100 कार्यक्रम के तहत कोचिंग सेंटरों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने की घोषणा की है। वर्तमान में हरियाणा के पंचकूला और रेवाड़ी में दो कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए कोलैटरल-फ्री लोन की सुविधा प्रदान करने की भी घोषणा की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पैसों की कमी के कारण छात्रों की शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।

श्री मनोहर लाल आज यहां आयोजित एक कार्यक्रम में आईआईटियंस को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों के माध्यम से कोलैटरल-फ्री लोन प्राप्त करने के लिए छात्र को हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है और वह देश में कहीं भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ विदेशों में भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने का लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि छात्र या उसके परिवार पर लोन का बोझ न पड़ेइसके लिए राज्य सरकार ऋण के लिए गारंटी देगी। हालांकिछात्र द्वारा शिक्षा पूरी करने और रोजगार प्राप्त करने के बाद ऋण की अदायगी किश्तों में की जाएगी।

         देश के प्रमुख संस्थानों में से एकआईआईटी में प्रवेश पाने वाले छात्रों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों से समाजप्रदेश व देश की प्रगति के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता अन्य छात्रों को भी जीवन में बेहतर प्रदर्शन करने और सफलता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

         उन्होंने कहा कि सुपर-100 कार्यक्रम वर्ष 2018 में शुरू किया गया थाजिसके तहत रेवाड़ी और पंचकुला में केंद्र स्थापित किए गए थे। आईआईटी  जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रवेश पाने के लिए सरकारी स्कूलों के वंचित मेधावी छात्रों को इन केंद्रों में कोचिंग दी जाती है। सरकारी स्कूल के छात्र जो कक्षा 10वीं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते हैंउन्हें लिखित परीक्षा और विशेष स्क्रीनिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद जेईई और नीट परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग दी जाती है। छात्रों के छात्रावासभोजन और स्टेशनरी का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के लिए माहौल तैयार किया है। छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही हैबल्कि उन्हें विशेष कोचिंग भी दी जा रही है ताकि वे देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने हाल के वर्षों में शिक्षा की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैंजिसके तहत बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में प्रत्येक 15 किलोमीटर की दूरी पर एक महिला कॉलेज स्थापित करने की व्यवस्था की गई है।

         उन्होंने शिक्षा में नो-डिटेंशन पॉलिसी को छात्रों के लिए बड़ी हानि बताते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने शिक्षा की इस प्रणाली का हमेशा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति -2020 में विभिन्न नए सुधारों को शामिल किया गया है जो छात्रों के हित में है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बाधा उत्पन्न करने वाली सभी अड़चनों को दूर कर दिया गया है।

         मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रणाली के परिणामस्वरूप शिक्षा के प्रति छात्रों की रुचि काफी बढ़ी है और सरकार की कार्यप्रणाली के प्रति भी उनका विश्वास बढ़ा है। वर्तमान राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचारभाई-भतीजावाद और क्षेत्रवाद को समाप्त कर दिया है जो पहले की सरकारों के शासनकाल में प्रचलित था। इसके अलावाहरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की श्रेणी 3 और 4 की सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया को समाप्त भी कर दिया गया है। साथ हीभर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की गुंजाइश को कम करने के हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) द्वारा भरे गए पदों के लिए साक्षात्कार के अंक 25 से कम करके 12.5 प्रतिशत किए गए हैं।

         इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है कि इस वर्ष हरियाणा के 25 छात्रों को आईआईटी में प्रवेश मिला है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि राज्य के अन्य छात्रों को भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सुपर -100 कार्यक्रम के तहत कोचिंग सेंटरों की संख्या दो से बढ़ाकर चार करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

         बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री महावीर सिंहनिदेशक माध्यमिक शिक्षा श्री जे. गणेशनपुलिस महानिदेशक श्री मनोज यादवएडीजीपी सीआईडी श्री आलोक मित्तलएसपी सुरक्षा श्री पंकज नैन और सलाहकार सार्वजनिक सुरक्षाशिकायतसुशासन और इंचार्जसीएम विंडो श्री अनिल कुमार राव उपस्थित थे

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