मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए जिला स्तर पर अंत्योदय भवन तथा उपमंडल स्तर पर करें ऑनलाइन आवेदन

पलवल(abtaknews.com)14 अक्टूबर। उपायुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि अनुसूचित जातियां एवं पिछडे वर्ग कल्याण विभाग हरियाणा द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत समाज के सभी वर्ग की कन्याओं के विवाह पर अनुदान देने का प्रावधान है।

यह है मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना

इस योजना के अन्तर्गत समाज के सभी वर्गों के व्यक्तियों को उनकी लडकियों के विवाह के मौके पर अनुदान दिया जाता है। जो क्रमश: सभी वर्ग की विधवाओं एवं अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले आवेदकों को 51 हजार रुपए, यदि किसी वर-वधु में से एक जन 40 प्रतिशत दिव्यांग हो तो 31 हजार रुपए एवं दानों दिव्यांग हो तो 51 हजार रुपए, महिला खिलाडी को 31 हजार रुपए व समाज के अन्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों, जिनके पास ढ़ाई एकड कृषि भूमि हो या जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक परिवारिक आय 1 लाख रुपए से कम हो, उन्हें 11 हजार रुपए मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत देने का प्रावधान है।
योजना का लाभ उठाने के लिए जरूरी रहेगी यह पात्रता
प्रार्थी हरियाणा राज्य का स्थाई निवासी हो, अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति, सामान्य वर्ग एवं पिछडे वर्ग के परिवार, जिनका नाम गरीबी रेखा की सूची में दर्ज है। समाज के सभी वर्ग के परिवार, जिनके पास ढ़ाई एकड कृषि भूमि हो या जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक परिवारिक आय 1 लाख रुपए से कम हो। किसी भी जाति एवं वर्ग से सम्बंधित महिला खिलाडी बशर्ते कि उसने 26 ओलम्पिक, 16-गैर ओलम्पिक और 22 टूर्नामैंट व चैम्पियनशिप में से किसी एक में भाग लिया हो। सभी वर्गों की विधवा जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से कम हो।
साथ लगाए जाएंगे यह प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के आवेदन हेतु आवेदक को वर-वधू की जन्म तिथि का प्रमाण, जाति का प्रमाण, रिहायसी प्रमाण-पत्र की फोटो प्रति, आधार लिंक बैंक पास बुक की फोटो प्रति देनी आवश्यक है।
यह रहेगी आवेदन प्रक्रिया
प्रार्थी हरियाणा सरकार की ऑनलाईन वैबसाईट (http://www.saralharyana.gov.in/) पर आवेदन पत्र अपलोड करें।
उपायुक्त ने बताया कि जिला स्तर पर आवेदन करने के लिए पुराना कोर्ट परिसर स्थित अन्तोदय भवन से किसी भी विभाग की स्कीम के आवेदन ऑनलाईन कराने के लिए शुल्क 10/- प्रति आवेदन पत्र निर्धारित किया हुआ है तथा उपमण्डल स्तर पर आवेदन करने के लिए उप-मण्डल अधिकारी (ना.) कार्यालय परिसर में संचालित अंतोदय सरल केन्द्र होडल व हथीन में आवेदन किया जा सकता है।
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फसल अवशेष प्रबन्धन खेत में ही मशीनों द्वारा आसानी से करने के लिए कंवाईन हार्वेस्टर में सुपर स्टा मैनेजमेंट मशीन लगा कर ही करें फसल की कटाई
पलवल, 14 अक्टूबर। 
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. महावीर सिंह ने जिले के सभी कंवाईन हार्वेस्टर धारकों को हिदायत दी है कि वे फसल काटने हेतु प्रयोग में लाई जा रही कंवाईन हार्वेस्टर में सुपर स्टा मैनेजमेंट मशीन लगा कर ही करें, जिससे फसल अवशेष प्रबन्धन खेत मे ही मशीनों द्वारा आसानी से किया जा सके। अन्यथा सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नियम का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंवाईन हार्वेस्टर धारक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल की कटाई बिना एसएमएस की कंवाईन हार्वेस्टर से न होने दें।
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फसल अवशेष प्रबधन के लिए जिले में किए जा चुके हैं 68 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित
पलवल, 14 अक्टूबर।
 कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डा. महावीर सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा जिले में फसल अवशेष प्रबधन के लिए 68 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके है, जिनसे किसान फसल अवशेष प्रबंधन के लिए जरूरी मशीने किराए पर ले सकते है। इन सेंटरों से मशीनें किराए पर दिए जाने के लिए सरकार के नियमानुसार लघु एवं सीमान्त किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। किसान अपने आस-पास स्थापित कस्टम हायरिंग सेंटर की जानकारी मोबाइल एप फार्मस द्वारा ले सकते है। किसान इस एप पर अपना पंजीकरण करवा कर नजदीक के कस्टम हायरिंग सेंटर से पराली प्रबन्धन की मशीन किराए पर ले सकते हैं। जो पराली जलाएगा प्रकृति के विरूद्ध जाएगा।

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