इनेलो नेता ने नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ पुलिस आयुक्त को दी शिकायत,रंजिश मुकदमा दर्ज करने का आरोप

फरीदाबाद (abtaknews.com) 10अक्टूबर, 2020 : जमीनी विवाद को लेकर अदालत में चल रहे दीवानी मामले की अवहेलना करके जबरन मुकदमा दर्ज करवाने के मामले को लेकर बडखल विधानसभा के पूर्व इनेलो प्रत्याशी एडवोकेट अजय भड़ाना ने पुलिस कमिश्रर ओपी सिंह को शिकायत पत्र सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करवाने मांग की है। अजय भड़ाना ने अपनी शिकायत में बताया कि मौजा लक्कडपुर में उनके भाई भूपन व चचेरे भाई विजेंद्र भडाना का नगर निगम के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा अदालत में चल रहा है, जिसमें लगभग एक वर्ष से माननीय अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए हुए हैं। परंतु नगर निगम फरीदाबाद के अधिकारियों ने अदालत के उक्त आदेश व भविष्य में आने वाले निर्णंय को नजरअंदाज करने की नीयत से गैर कानूनी हथकंडे अपनाते हुए एक मुकदमा थाना सूरजकुंड में दर्ज करवा दिया। अजय भड़ाना ने बताया कि अदालत में उक्त जमीनी दीवानी मुकदमें की पैरवी उनकी एसोशियेशन के वकील कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उक्त मुकदमें में बिजेंद्र भडाना व भूपन भडाना के साथ-साथ मेरा नाम इसलिए लिखवा दिया कि भूपन व बिजेंद्र मेरे भाई और समाज में मेरा नाम बदनाम होने के डर से व मुकदमा दर्ज होने का दबाव बनने से मेरे परिजन उक्त जमीन पर अपने उस दीवानी मुकदमें की पैरवी छोड दें और जमीन पर कब्जा छोड दे। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारी अदालत के फैसले का इंतजार किए बगैर और अदालत को बाइपास करके मेरे परिजनों को उक्त जमीन से गैरकानूनी तरीके से बेदखल करने की नीयत से यह झूठा व बेबुनियाद मुकदमा गलत तरीके से दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि उक्त जमीनी मुकदमें में माननीय अदालत के यथास्थिति रखने के आदेश होने के बाद से नगर निगम के नायब तहसीलदार जगत सिंह ने अब से पहले भी मेरे पर झूठे मुकदमा दर्ज करवा मेरी समााजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के प्रयास में कई बार झूठी शिकायतें कर चुका है, जो शिकायतें पुलिस जांच में झूठी पायी गयी थी, जिन पर उन्होंने मानहानि का मुकदमा दायर किया हुआ है।  इसके अलावा उन्होंने बताया कि जगत सिंह के नगर निगम में मौजूद रिकार्डनुसार उन्होंने एक वर्ष में स्नातक की परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार के पद पर प्रमोशन पायी है, जिसकी उन्होंने स्थानीय निकाय विभाग, चण्डीगढ व आयुक्त नगर निगम से जांच की मांग की और वो जांच चल रही है, जिसके कारण जगत सिंह रंजिशन व अपने अधिकारियों को गुमराह करके उन्होंने उन अधिकारियों से यह शिकायत पत्र मेरे खिलाफ जारी कराया है, जिस पर उनका नाम इस मुकदमा में लिखवाया गया है। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मांग करते हुए कहा कि वह इस मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाए तथा उन्हें न्याय दिलाया जाए। जिस पर पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह ने उन्हे निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए इस मामले की जांच एनआईटी के डीसीपी अर्पित जैन को सौंपी है। 

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