मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा में कोरोना संक्रमण महामारी से लडऩे का संकल्प दोहराया

चडीगढ़(abtaknews.com)12 अक्तूबर,2020: वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए गए बेहतर प्रबंधों के चलते देश के समक्ष एक उदाहरण प्रस्तुत करने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने आज फिर एक बार इस महामारी से लडऩे की प्रतिज्ञा लेकर प्रदेश के लोगों को अपना संदेश दिया।

एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अक्तूबर, 2020 को देश के लोगों को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में जन आंदोलन संकल्प कोविड-19 के नाम से प्रतिज्ञा दिलवाने की शुरूआत की थी । उसी कड़ी में आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा सिविल सचिवालय चण्डीगढ़ से वही प्रतिज्ञा लेकर लोगों को इस महामारी से लडऩे का संकल्प दोहराया।

प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रतिज्ञा लेते हुए कहा कि मैं मनोहर लाल संकल्प लेता/लेती हूँ कि मैं कोविड-19 के बारे में सतर्क रहूँगा/रहूँगी और मुझे और मेरे साथियों को इससे जुड़े खतरे को हमेशा ध्यान में रखूँगा/रखूँगी। मैं इस घातक विषाणु के प्रसार को रोकने संबंधी सभी आवश्यक सावधानियाँ बरतने का वचन देता/देती हूँ।

मैं कोविड से जुड़े आचार-व्यवहार का अनुसरण करने और दूसरों को भी इसके लिये प्रोत्साहित करने का भी वचन देता/देती हूँ। मैं सदैव मॉस्क/फेस कवर पहनूँगा/पहनूँगी, विशेषकर सार्वजनिक स्थलों पर। 

मैं दूसरों से कम-से-कम दो गज की दूरी बनाकर रखूँगा/रखूँगी। मैं अपने हाथों को नियमित रूप से और अच्छी तरह साबुन और पानी से धोऊंगा/धोऊंगी। हम एक साथ मिलकर कोविड-19 के खिलाफ इस लड़ाई को जीतेंगे।

मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन के अलावा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व सचिवालय के अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के साथ कोविड-19 से लडऩे की प्रतिज्ञा ली। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के साथ जिला लघु सचिवालयों से सभी उपायुक्तों ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिज्ञा ली।

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चडीगढ़, 12 अक्तूबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि पिछले छ: वर्षों से केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व राज्य में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने किसानों को आर्थिक रूप से समृद्ध व खुशहाल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। इस कड़ी में डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा किसानों को दिया जा रहा है।

श्री दलाल ने कहा कि कोविड-19 के दौरान राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि में भी लगभग 17 लाख किसान परिवारों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए कई नई योजनाएं बनाकर उनके आर्थिक विकास के द्वार खोले हैं। क्योंकि ‘‘किसान खुशहाल तो हरियाणा खुशहाल, हरियाणा खुशहाल तो देश खुशहाल’’।

श्री दलाल ने कहा कि सरकार की सोच है कि किसान को आढ़ती व साहूकार के पास कम से कम उधार के लिए जाना पड़े, इसके लिए आपातकालीन स्थिति में किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता मुहैया करवाने के लिए एक आपातकालीन फंड तैयार करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।

किसानों की समृद्धि के लिए हरियाणा की पहल पर ही केन्द्र सरकार ने वर्ष 2017 से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य हर वर्ष समय से पहले घोषित करना आरंभ किया है।  इस वर्ष भी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों में कृषि लागत के 50 से 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यदि वर्ष 2017 से हर वर्ष 2022 तक इस बढ़ोतरी का विश्लेषण किया जाए तो हम इस निष्कर्ष पर आसानी से पहुंच सकते हैं कि इससे प्रधानमंत्री का लक्ष्य के अनुरूप किसानों की आय वर्ष 2022 तक लगभग दोगुणी हो जाएगी।

श्री दलाल ने कहा कि कृषि के साथ-साथ किसानों की आय सम्बद्ध क्षेत्रों से भी बढ़े, जिसमें पशुपालन एक प्रमुख क्षेत्र है। हरियाणा को प्रति व्यक्ति दूध उत्पादकता में भी देश का एक अग्रणी राज्य बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशुधन-क्रेडिट कार्ड योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत पशुपालक को पशुओं के रख-रखाव के लिए ऋण के रूप में सहायता दी जा रही है जिसकी अधिकतम सीमा तीन लाख रुपये है।

हरियाणा में लगभग 16 लाख परिवार ऐसे हैं, जिनके पास दुधारु पशु हैं और इनकी टैगिंग की जा रही है। भौगोलिक दृष्टि से दिल्ली व आसपास की लगभग 5 करोड़ जनसंख्या की रोजमर्रा की फल-फूल, सब्जी, दूध, अण्डे, मांस इत्यादि की जरूरतों को पूरा करने में हरियाणा अन्य राज्यों की तुलना में सबसे उपयुक्त है। प्रदेश के किसान की पकड़ इस बाजार पर हो, इस दिशा में हरियाणा ने आगे बढऩे की पहल की है और किसानों के लिए नई-नई योजनाएं तैयार की हैं।

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चंडीगढ़, 12 अक्तूबर- हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम ने चालू वित्त वर्ष के दौरान सितम्बर, 2020 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 765 लाभार्थियों को 530.72 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई है, जिसमें 49.64 लाख रुपये की सब्सिडी भी शामिल है। निगम के प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि निगम द्वारा अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत ऋण मुहैया करवाया जाता है ताकि वे अपना कारोबार और स्व-रोजगार स्थापित कर सकें। इन श्रेणियों में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र, व्यापार और कारोबार क्षेत्र तथा स्व-रोजगार क्षेत्र शामिल हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत भी उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र के अंतर्गत 457 लाभार्थियों को डेरी फार्मिंग, पोल्ट्री फार्मिंग, भेड़ पालन, सुअर पालन और झोटा-बुग्गी के लिए 259.10 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इनमें से 234.54 लाख रुपये बैंक ऋण, 24.34 लाख रुपये सब्सिडी और 22,000 रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र की योजनाओं के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को 12.70 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई, जिसमें से 9.93 लाख रुपये बैंक ऋण, 1.50 लाख रुपये सब्सिडी और 1.27 लाख रुपये मार्जन मनी के रूप में जारी किए गए हैं। इसी प्रकार, व्यापार और कारोबार क्षेत्र के अंतर्गत 272 लाभार्थियों को 206.72 लाख रुपये की राशि मुहैया करवाई गई जिसमें से 162.66 लाख रुपये बैंक ऋण, 23.40 लाख रुपये सब्सिडी और 20.66 लाख रुपये मार्जिन मनी के रूप में जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लघु व्यवसाय योजना के तहत इस अवधि के दौरान 15 लाभार्थियों को 41.20 लाख रुपये जारी किए गए। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 37.08 लाख रुपये और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष हिस्सा 3.72 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त, 40,000 रुपये की सब्सिडी भी वितरित की गई।

प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की सहायता से लागू योजनाओं के तहत इस अवधि के दौरान 5 लाभार्थियों को 11.00 लाख रुपये जारी किए गए। इसमें राष्ट्रीय अनुसूचित वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष ऋण हिस्सा 9.90 लाख रुपये और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम का प्रत्यक्ष हिस्सा 1.10 लाख रुपये है।

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चंडीगढ़, 12 अक्तूबर- हरियाणा मंत्रिमण्डल की आगामी बैठक मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 16 अक्तूबर, 2020 को प्रात: 11.00 बजे चण्डीगढ़ में हरियाणा सिविल सचिवालय की चौथी मंजिल स्थित सभा कक्ष में होगी।

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चंडीगढ़, 12 अक्तूबर- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से एक आईएएस अधिकारी के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

गृह-2 विभाग के विशेष सचिव और गुरुद्वारा चुनाव के आयुक्त श्री राजेश जोगपाल को चरखी दादरी का उपायुक्त लगाया गया है।

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