‘स्वमित्व योजना’ के तहत हरियाणा के 221 गाँवों के संपत्ति मालिकों को मिलें कार्ड


चण्डीगढ़(Abtaknews.com)
11अक्तूबर,2020: हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के गांवों को लालडोरा’ मुक्त बनाने के अभियान को आज उस समय एक बड़ा प्रोत्साहन मिला जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम स्वमित्व योजना’ के तहत हरियाणा के 221 गाँवों समेत छ: पायलट राज्यों के 763 गाँवों के संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्डों के भौतिक वितरण की डिजिटल रूप से शुरुआत की। अन्य पांच राज्यों में कर्नाटकमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रउत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

        हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल इस अवसर पर यहां उपस्थित रहेजबकि केंद्रीय कृषि और किसान कल्याणग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्रीश्री नरेंद्र सिंह तोमरउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहानउत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावतसंबंधित राज्यों के उप-मुख्यमंत्रीमंत्री और अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।

        यहाँ यह बताना उचित होगा कि हरियाणा सरकार ने 24 अप्रैल, 2020 को प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना’ के शुभारंभ से पहले ही 25 दिसंबर, 2019 को सुशासन दिवस’ के अवसर पर राज्य के गांवों को लाल डोरा’ से मुक्त बनाने का अभियान शुरू कर दिया था। जिला करनाल में सिरसी हरियाणा का पहला गाँव था जिसे लालडोरा मुक्त घोषित किया गया था। स्वामित्व योजना के तहतहरियाणा के 22 जिलों के 227 गाँवों को लालडोरा-मुक्त घोषित किया गया है। इसके अलावातीन शहरों-करनालजींद और सोहना को भी लालडोरा-मुक्त घोषित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में कार्य तेज कर दिया गया है और जल्द ही पूरे प्रदेश को लालडोरा-मुक्त किया जाएगा।

        इस अवसर परगुरुग्राम सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा स्वामित्व डीड के खिलाफ 15 लाख रुपये के स्वीकृत ऋण की पहली किस्त के रूप में जिला गुरुग्राम के गांव बिहलका के लिखी चंद को 5 लाख रुपये का चेक भी सौंपा गया।

        स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्डों के भौतिक वितरण का कार्य शुरू करने के बादप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छ: पायलट राज्यों के संपत्ति कार्ड मालिकों के साथ बातचीत की। इनमें मध्यप्रदेश के जिला दिंदोरी के श्री दशरथ सिंह मरावीउत्तर प्रदेश के जिला बाराबंकी के श्री राम मिलन व श्रीमती रामरतीउत्तराखंड के जिला पौड़ी गढ़वाल के श्री सुरेश चंदहरियाणा के  जिला यमुनानगर के श्री मुमताज अलीऔर महाराष्ट्र के पुणे से श्री विश्वनाथ कृष्ण मुजुमले शामिल हैं।

        जिला यमुनानगर से श्री मुमताज अलीजो पेशे से राजमिस्त्री हैंने उसकी गृह संपत्ति का कानूनी स्वामित्व देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। मुमताज अली ने कहा कि हालांकि वह प्रतिमाह 15,000 रुपये कमाता हैलेकिन अब स्वामित्व योजना के तहत अपनी संपत्ति का कानूनी दस्तावेज प्राप्त करने के बादवह अपने काम को और विस्तार देने के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त कर सकता है।

        प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर स्वामित्व योजना के लगभग एक लाख लाभार्थियोंजिन्होंने आज अपना संपत्ति कार्ड प्राप्त किया हैको बधाई देते हुए कहा कि यह उनके परिवारों के लिए खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी। यह कानूनी दस्तावेज न केवल उन्हें अपने घर का मालिकाना हक देगा बल्कि उनकी संपत्ति के मामलों में बाहरी लोगों के हस्तक्षेप को भी रोकेगा। उन्होंने कहा कि आज छ: राज्यों में हजारों परिवारों को उनके घरों के कानूनी दस्तावेज दिए गए हैं और आने वाले तीन से चार वर्षों में देश के प्रत्येक गांव में हर घर को संपत्ति कार्ड प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।

        श्री मोदी ने आज लोकनायक जय प्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आज के दिन इस आयोजन का विशेष महत्व है क्योंकि पूरा देश ऐसी दो महान हस्तियों की जयंती मना रहा है जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ी और गरीबोंकिसानोंमजदूरों और समाज के अन्य वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया।

        प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह योजना गांवों में संपत्ति से संबंधित विभिन्न मुद्दों को हल करने में एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगी। इस योजना के तहत संपत्ति रिकॉर्ड का पंजीकरण नई योजनाओं और कार्यक्रमों के निर्माण का भी मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि संपत्ति कार्ड से लाभार्थी बैंक ऋण प्राप्त कर सकेंगे जिससे स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि संपत्ति कार्ड गरीबोंपिछड़ों और वंचितों के कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम है क्योंकि गांवों में लोग अब बिना किसी विवाद के संपत्ति बेच या खरीद सकेंगे।

        उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से गांवों के विकास के लिए नई व्यवस्था बनाने में भी मदद मिलेगी क्योंकि नवीनतम ड्रोन तकनीक का उपयोग करके गांवों का सर्वेक्षण और मानचित्रण करने से प्रामाणिक भूमि रिकॉर्ड बनाने में सहायता मिलेगी। यह कहते हुए कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है’, उन्होंने कहा कि यह योजना पंचायती राज प्रणाली को और मजबूत बनाने में दूरगामी साबित होगी।

        केंद्र की पिछली सरकार पर हमेशा गांवों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे वर्षों तक सत्ता में रहे लेकिन गांवों के विकास के लिए कुछ नहीं किया। इसके विपरीतवर्तमान सरकार ने गाँवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए कई कार्य किए हैं जिनमें हर घर में बिजली का कनेक्शन देनाव्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण और गाँवों को बैंकों से जोडऩा आदि शामिल है। उन्होंने कहा कि देश में 2 करोड़ गरीब लोगों को उनके स्वयं के घर मुहैया करवाए गए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं कि शेष लाभार्थियों के पास भी जल्द से जल्द अपना घर हो। इसके अलावापाइप लाइन के माध्यम से देश के 15 करोड़ घरों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जल जीवन मिशन योजना भी शुरू की गई है।

        कृषि सुधारों परश्री मोदी ने किसी भी पार्टी का नाम लिए बगैर कहा कि विपक्ष किसानों के कल्याण के लिए नहीं बल्कि अपने स्वयं के राजनीतिक हितों को पूरा करने के लिए नए अधिनियमों का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान अब ऐसी पार्टियों के इरादों को समझ गए हैं और उनका समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि न तो उन्हें देश के विकास की कोई चिंता है और न ही किसानों और गरीबों के कल्याण की। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कृषि क्षेत्र में कई नए सुधार किए हैं जिनमें एमएसपी में 1.5 गुणा वृद्धिकिसान क्रेडिट कार्डकिसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतानप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि शामिल हैं। लेकिन विपक्ष इन सुधारों को पचा नहीं पा रहा है।

        इससे पहलेकेंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गाँवों में रहने वाले लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक देने के उद्देश्य सेप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल, 2020 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर स्वामित्व योजना की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि आजप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छ: राज्यों के 763 गाँवों के लगभग एक लाख संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड दिए हैं।

        उन्होंने कहा कि जब से श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला हैवे हमेशा गरीबोंकिसानों और मजदूरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं और इस दिशा में कई कदम भी उठाए हैं। उन्होंने हमेशा गांवों में रहने वाले लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं देकर उनके जीवन को और अधिक आरामदायक बनाने के प्रयास किए हैं और यह सुनिश्चित किया है कि वे देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

        इससे पहलेस्वमित्व योजना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

        इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विजय वर्धनराजस्व एवं आपदा प्रबंधन और चकबंदी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशलविकास एवं पंचायत विभाग के प्रधान सचिव श्री सुधीर राजपालमुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर और  राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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चण्डीगढ़, 11 अक्तूबर- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लाल डोरे के अंदर आने वाली जमीन का मालिकाना हक मिलने से अब लोगों के आपसी झगड़े खत्म होंगे। इसके अलावावे इस जमीन पर बैंकों से ऋण लेकर अपना कारोबार भी शुरू कर सकेंगे।

        श्री यादव आज पंचायत विभाग की ओर से नारनौल के लघु सचिवालय में आयोजित स्वामित्व योजना के जिला स्तरीय कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

        इससे पहले देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 6 राज्यों के 763 गांव के नागरिकों को ऑनलाइन वर्चुअल प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कई लाभार्थियों से सीधा संवाद भी किया। श्री यादव ने इस योजना के लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वामित्व के इन आधिकारिक दस्तावेज से वे अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगे और सही मायने में ग्रामीण लोगों को सरकार ने उनका हक देने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना में हरियाणा देश में अव्वल स्थान पर है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

श्री यादव ने कहा कि अब तक केवल शहरी क्षेत्रों में ही लोगों के पास अपनी जमीन के कागजात होते थे। ग्रामीण क्षेत्रों में लाल डोरा के अंदर इस तरह के कोई कागजात अब तक उपलब्ध नहीं थे।

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चंडीगढ़, 11 अक्तूबर- हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों/अधिकारियों के स्थानांतरण ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमैंट सिस्टम’ (एचआरएमएस) के माध्यम से जारी करने के निर्देश दिए हैं। स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों को भी अपनी ज्वाइनिंग व रिलीविंग रिपोर्ट एचआरएमएस पर अपलोड करनी होगी।

        एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अगर स्थानांतरण से संबंधित कर्मचारी/अधिकारी की ज्वाइनिंग व रिलीविंग रिपोर्ट उसकी अप्वाइंटिंग-अथोरिटी तथा कार्यालय-प्रमुख/डीडीओ द्वारा एचआरएमएस पर अपलोड नहीं की जाती है तो  स्थानांतरित हुए प्रत्येक कर्मचारी/अधिकारी को intrahry.gov.in लॉग-इन करना होगातत्पश्चात joining After Transfer का टैब क्लिक करके अपनी ज्वाइनिंग व रिलीविंग रिपोर्ट स्वयं अपलोड करनी होगी।

        उन्होंने आगे बताया कि स्थानांतरण के कारण वेतन संबंधी होने वाले कई विवादों को सुलझाने में भी इस नए मॉड्यूल से मदद मिलेगी। हरियाणा के मुख्य सचिव की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे इन निर्देशों की सख्ती से अनुपालना करवाएं।

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चंडीगढ़, 11 अक्तूबर- हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने राज्य के गवर्नमैंट एडिड व सैल्फ फाइनेंसिंग कालेजों की स्नातक कक्षाओं में दाखिला लेने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की फीस व फंड लेने बारे दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

        विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गवर्नमैंट एडिड व सैल्फ फाइनेंसिंग कालेजों में स्नातक कक्षाओं में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का ऑनलाइन प्रोविजनल दाखिला करते समय उनसे फीस व फंड नहीं लिया जाएगाबशर्ते वे पोस्ट-मैट्रिक स्कोलरशिप लेते हों। संबंधित कालेजों के प्राचार्यों को ऐसे विद्यार्थियों से उनके दाखिला के तुरंत बाद चालू वित्त वर्ष में उनके परिवार की ढ़ाई लाख रूपए से कम आय होने का प्रमाण-पत्र लेना सुनिश्चित करना होगा। अगर इस दौरान दाखिला लेने वाले विद्यार्थी द्वारा दी गई जानकारी गलत पाई जाती है तो उसका प्रोविजनल दाखिला रद्द कर दिया जाएगा।

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 चंडीगढ़, 11 अक्तूबर- हरियाणा पुलिस ने तीन गुमशुदा बच्चों को तलाश कर उन्हें उनके परिजनों को सौंप कर मानवता की मिसाल पेश की है।

      हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की मानव तस्करी निरोधक इकाई द्वारा दो वर्ष से गुमशुदा लडक़े को उसके परिवार से मिलाने में सफलता हासिल की गई है। यह 10 वर्षीय बच्चा बाल गृृहझज्जर में रह रहा था। बच्चे द्वारा बताए गए पते और पिता के नाम के आधार पर पुलिस की मानव तस्करी निरोधक इकाई को हरदोई के पास लखीमपुर खीरी में इसके पिता का पता चला। बच्चे के परिवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह बच्चा दिल्ली से गुम हो गया था और उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। राज्य अपराध शाखा द्वारा सीडब्ल्यूसी झज्जर से आदेश प्राप्त करके इस लडक़े को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया सीडब्ल्यूसी झज्जर द्वारा की जा चुकी थी और गोद लेने वाले माता-पिता इस बच्चे को आस्ट्रेलिया लेकर जाना चाहते थे।

     एक अन्य मामले में आशियाना पंचकूला में रह रहे सात महीने से गुमशुदा मंदबुद्धि बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में पुलिस ने सफलता हासिल की है। बच्चे द्वारा बोली जा रही भाषा के आधार पर उत्तर प्रदेश पुलिस सहारनपुर से संपर्क साधा गया तो पता चला कि यह बच्चा शेखपुरा से गुमशुदा है। उसके परिवार से वीडियो कॉलिंग करवाई गई तो उन्होंने इस बच्चे को पहचान लिया व कानूनी प्रक्रिया अपनाकर सीडब्ल्यूसी पंचकूला से आदेश लेकर बच्चे को उसके माता पिता के सुपुर्द कर दिया गया ।

      एक अन्य मामले में तीन दिन से गुमशुदा बच्चे को माता पिता से मिलवाया गया। राजस्थान पुलिस से सूचना प्राप्त हुई कि एक बच्चा रेलवे स्टेशन पर मिला है। बच्चे से मिली जानकारी पर बहादुरगढ़ रेलवे पुलिस से संपर्क साधा गया तो उसी दौरान लडक़े की मां पुलिस स्टेशन बहादुरगढ़ में अपने बच्चे की गुमशुदगी की रिर्पोट दर्ज करवाने आई हुई थी। पुलिस ने बीकानेर सीडब्ल्यूसी से आदेश लेकर बच्चे को माता-पिता से मिलवा दिया।

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चंडीगढ़, 11 अक्तूबर- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालयहिसार के सायना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षण संस्थान द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से आमदनी को बढ़ाने के तरीकों के बारे में तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया।

इस प्रशिक्षण में 35 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन रूप से भाग लिया जिनमें हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों के किसानमहिलाएं और युवा शामिल थे।

संस्थान के सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. संदीप भाकर ने समेकित कृषि प्रणाली को लेकर सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को बताया कि सरकार की ओर से मधुमक्खी पालनडेयरी फार्मिंगमशरूम उत्पादनसब्जियों व फूलों की संरक्षित खेती सहित समेकित कृषि प्रणाली के विभिन्न घटकों को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने अनुदान हासिल करने के लिए प्रपोजल को तैयार करने संबंधी जानकारी भी विस्तारपूर्वक प्रतिभागियों को दी।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर संस्थान के सह-निदेशक (प्रशिक्षण) डॉ. अशोक कुमार गोदारा ने प्रशिक्षणार्थियों से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि यहां से प्रशिक्षण हासिल कर वे स्वरोजगार भी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान की ओर से बागवानीमधुमक्खी पालनमशरूम सहित अनेक तरह के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र भी दिए गए।

इस अवसर पर लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालयहिसार से डॉ. नीरज अरोड़ा ने प्रतिभागियों को बताया कि वे कृषि के साथ-साथ पशुपालन अपनाकर भी अच्छा लाभ कमा सकते हैं। किसान डेयरी व्यवसाय में दूध के साथ-साथ उसके विभिन्न उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचकर अपनी आमदनी में इजाफा कर सकते हैं।

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चंडीगढ़, 11  अक्टूबर- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री कंवरपाल ने कहा है कि विगत छ: वर्षों में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों के फलस्वरूप न केवल सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है बल्कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का रूझान शिक्षा के प्रति बढ़ रहा है। इसी के फलस्वरूप   सरकारी स्कूलों के 25 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर आईआईटी में दाखिला प्राप्त करने में सफलता हासिल की है।

        शिक्षा मंत्री ने इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा  पंचकूला व रेवाड़ी में वर्ष 2018 में सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को दसवीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले के लिए तैयारी करवाने हेतु विशेष कार्यक्रम सुपर-100 की शुरूआत की गई। यह कार्यक्रम सफल रहा और हरियाणा के इतिहास में पहली बार सरकारी स्कूलों के 25 विद्यार्थियों को आईआईटी जैसी संस्थानों में दाखिला पाने के लिए जगह बनाई है।

        शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षा के प्रति बढ़ते रूझान को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने दो और कोचिंग केन्द्र खोलने की स्वीकृति प्रदान की है।  इसके अलावाउच्चतर शिक्षा के लिए कोलैटरल-फ्री  शिक्षा ऋण देने की एक अनूठी पहल की है ताकि  पैसे के अभाव में प्रतिभाशाली विद्यार्थी उच्चतर व व्यवसायिक शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रहें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के लिए माहौल तैयार किया है। छात्रों को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा रही हैबल्कि उन्हें विशेष कोचिंग भी दी जा रही है ताकि वे देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने हाल के वर्षों में शिक्षा की दिशा में तेजी से कदम उठाए हैंजिसके तहत बेटियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में प्रत्येक 15 किलोमीटर की दूरी पर एक महिला कॉलेज स्थापित करने की व्यवस्था की गई है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा नो-डिटेंशन पॉलिसी लागू करने से छात्रों के लिए बड़ी हानि हुई और फेल न होने केे चक्कर में विद्यार्थियों का रूझान पढ़ाई से दूर हो गया था जिसे अब फिर से पटरी पर लाया गया है और इसका ताजा उदाहरण है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों में प्रवेश पाकर हरियाणा का नाम रोशन किया है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति -2020 में विभिन्न नए सुधारों को शामिल किया गया है जो छात्रों के हित में हैं। नई शिक्षा नीति में छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बाधा उत्पन्न करने वाली सभी अड़चनों को दूर कर दिया गया है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आमतौर पर हरियाणा का विद्यार्थी मानसिक रूप से सेना या पुलिस में भर्ती होने के लिए ही शिक्षा ग्रहण करने का लक्ष्य रखता था परन्तु अब पिछले छ: वर्षों से शिक्षा में जो सुधार किए गए है उसके फलस्वरूप हरियाणा के विद्यार्थी आज आईएएसआईपीएस  व एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षा उत्तीर्ण कर अव्वल स्थान प्राप्त कर रहा है जो हरियाणा के लिए गर्व की बात है।

शिक्षा मंत्री ने ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए हौसला अफजाई की है।

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