मांगे नहीं मानी तो 22 अक्टूबर को राज्य भर की आशा वर्कर्स बड़ौदा विधान सभा में करेंगी रैली



फरीदाबाद (Abtaknews.com): 09अक्टूबर,2020: जिला फरीदाबाद में आज भी बीके पर आशा वर्करों का धरना जारी रहा धरने की अध्यक्षता हेमलता ने करी और संचालन सुधा पाल ने करा धरने में उपप्रधान पूजा, नीलम उपस्थित रहे धरने में CITU के महासचिव लालबाबू शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि 8 अक्टूबर को करनाल में राज्य की हजारों आशा वर्कर्स ने सीटू के नेतृत्व में मुख्यमत्री के विधान सभा क्षेत्र करनाल में पर जोरदार रैली की। करनाल रैली में फरीदाबाद की आशा वर्करों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी ली। मुख्यमंत्री ने मांगो पर वार्ता के लिए 20 अक्टूबर को यूनियन प्रतिनिधिमंडल को चंडीगढ़ बुलाया है। यूनियन ने फैसला किया है कि यदि 20 को भी मांगो का समाधान नहीं होता है तो 22 अक्टूबर को राज्य भर की आशा वर्कर्स बड़ौदा विधान सभा में बड़ी रैली करेंगे। आशा वर्कर्स के राज्य भर में जारी धरने निरंतरता में चलेंगे। गौरतलब रहे राज्य कि 20000 आशा वर्कर्स 7 अगस्त से आंदोलन पर है परंतु राज्य सरकार ने अभी तक मांगो का समाधान नहीं किया है। इसीलिए आज राज्य भर से हजारों की संख्या में आशा वर्कर्स करनाल पहुंची थीं। सब्जी मंडी में आयोजित रैली की आशा वर्कर्स यूनियन की राज्य महासचिव, सुरेखा , सचिव सुनीता सीटू के प्रदेश महासचिव जय भगवान, उपाध्यक्ष सतवीर सिंह, सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सतीश सेठी ने प्रमुख रूप से संबोधित किया। संगठन नेताओं ने कहा कि सरकार कोरोना योद्धाओं के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार कर रही है। कोविड- 19 से बचाव में आशा वर्कर्स स्वास्थ्य विभाग में बुनियादी भूमिका निभा रही है। वे जान जोखिम में डाल कर कोविड को रोकने का काम कर रही है। परन्तु विभाग व सरकार की ओर से मांगो व समस्याओं का किसी प्रकार का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आशाएं स्वास्थ्य विभाग की बुनियाद है। परंतु अभी तक का सरकार का रुख बेहद संवेदनहीन है। जिसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लडी जाएगी। रैली को यूनियन नेताओं सुधा, कमलेश, अनीता, मीरा, सरबजीत, अंजू, रामरती, नीलम, रानी, सुदेश, रोशनी, सीटू नेता जगपाल राणा,सतपाल सैनी,ओम प्रकाश माटा, खेत मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान जगमाल सिंह, एस के एस जिला प्रधान मलकीत, कृष्ण शर्मा, जनवादी महिला समिति की नेता जरासो देवी, आंगनवाड़ी यूनियन की नेता रूपा राणा, मिड डे मील यूनियन नेता सरोज दुजाना आदि ने भी संबोधित किया। तमाम नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार वर्कर की वह वर्कर्स के सब्र की परीक्षा ले रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तुरंत मांगो का समाधान करे। मुख्य मांगे:- 1. जनता को गुणवता स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने हेतू सरकारी स्वास्थ्य के ढ़ाचें को मजबूत किया जाए व एनएचएम को स्थाई किया जाए। 2. आठ एक्टिविटी का काटा गया 50 प्रतिशत पैसा जो 2019 तक मिलता रहा था इसे तुरंत वापस लागू किया जाए। 3. कोविड-19 में काम कर रही आशाओं को जोखिम भत्ते के तौर पर 4000 दिए जाएं। कोविड-19 के लिए केन्द्र की ओर से दिए जा रहे 1000 प्रोत्साहन राशि का 50 प्रतिशत राज्य का शेयर दिया जाए। 4. गंभीर रूप से बीमार एवं दुर्घटना के शिकार आशाओं को सरकार के पैनल अस्पतालों में इलाज की सुविधा दी जाए । 5. आशाओं को समुदायिक स्तरीय  स्थाई कर्मचारी बनाया जाए।  जब तक पक्का कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक हरियाणा सरकार का न्यूनतम वेतन दिया जाए और इसे महंगाई भत्ते के साथ जोड़ा जाए।  ईएसआई एवं पीएफ की भी सुविधा दी जाए। 6. आशा वर्कर्स को हेल्थ वर्कर का दर्जा दिया जाए। 7. 21 जुलाई 2018 को जारी किए गए नोटिफिकेशन के सभी बचे हुए निर्णय को लागू किया जाए।



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