हरियाणा में 14 नए चेयरमैनों की एवं एक वाईस-चेयरमैन की नियुक्ति देखें सूचि 

 

चण्डीगढ़(abtaknews.com)15 अक्तूबर,2020: हरियाणा सरकार ने तुरन्त प्रभाव से विभिन्न बोर्डों व निगमों में 14 नए चेयरमैनों की एवं एक वाईस-चेयरमैन की नियुक्ति की है। नव-नियुक्त चेयरमैनों में पूर्व विधायक श्री सुभाष बराला को हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो, होडल के विधायक श्री जगदीश नैय्यर को हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, बादशाहपुर के विधायक श्री राकेश दौलताबाद को हरियाणा कृषि उद्योग निगम, बरवाला के विधायक श्री जोगी राम सिहाग को आवास बोर्ड, हरियाणा, शाहबाद के विधायक श्री रामकरण को शुगरफैड एवं नरवाना के विधायक श्री राम निवास को हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया है।

इनके अतिरिक्त पूर्व ओलंम्पियन व चरखी दादरी जिला की सुश्री बबीता फोगाट को हरियाणा महिला विकास निगमकैथल जिला के श्री कैलाश भगत को हैफेडकरनाल जिला की श्रीमती निर्मल बैरागी को हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगमयमुनानगर जिला के श्री राम निवास गर्ग को हरियाणा व्यापारी कल्याण बोर्डरेवाड़ी जिला के श्री अरविन्द यादव को हरको बैंकभिवानी जिला के श्री मुकेश गौड़ को हरियाणा युवा आयोग तथा सोनीपत जिला के श्री पवन खरखोदा को हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम एवं गुहला के श्री रणधीर सिंह पुत्र श्री ईश्वर सिंह को हरियाणा डेयरी विकास संघ का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।साथ ही कुरूक्षेत्र जिला के श्री धूमन सिंह किरमच को सरस्वती हैरिटेज बोर्ड का वाईस-चेयरमैन नियुक्त किया है।

-------------------------------------------


चंडीगढ़
, 15 अक्तूबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में पिछले छ: वर्षों से किसान एवं किसानी को जोखिम फ्री बनाने के लिए प्राकृतिक आपदा के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी प्रति एकड़ 2000 रुपये अधिक  मुआवजा देने सहित कई अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। वर्तमान सरकार जब-जब किसान हित में  कोई बड़ा निर्णय लेती है तो कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों की बोखलाहट बढ़ जाती है।

         श्री दलाल ने कहा कि वर्ष 2004-05 में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई का मुआवजा 3000 रुपये प्रति एकड़ था जो कांग्रेस सरकार जाते-जाते 6000 रुपये केवल फाइलों में करके  गई थी और इसे 2014 में हमारी सरकार ने लागू किया था। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने दरियादिली दिखाते हुए 12,000 रुपये प्रति एकड़ कियाजबकि स्वामीनाथन ने 10,000 रुपये प्रति एकड़ देने की ही की बात कही थी।

         उन्होंने कहा कि पिछले 6 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 2764 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया हैजो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 2943 करोड़ रुपये के क्लेम से अलग है। उन्होंने कहा कि सरकार के ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने व कृषि लागत मूल्य आयोग द्वारा 2017 से बुआई सीजन से पहले फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के परिणामस्वरूप न केवल फसलों के अधीन रकबे में निरंतर वृद्घि हो रही हैबल्कि किसानों का रुझान गेहूंचावल जैसी परम्परागत फसलों की बजाए अधिक लाभकारी मूल्य देने वाली फसलों की ओर बढ़ा है।

         श्री दलाल ने कहा कि पिछली सरकार के समय यूरिया खरीद के अग्रिम प्रबन्धन न किए जाने के कारण यूरिया की दिक्कत हुई थीपरंतु सरकार के विवेकपूर्ण प्रबन्धन के चलते समय पर किसानों को खाद वितरित की गई और आज यूरियाडीएपी व अन्य खादों के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यूरिया के मूल्य में भी पहले की तुलना में कमी की गई है। श्री दलाल ने कहा कि सरकार ने एक अनूठी पहल करते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर ट्रस्ट मॉडल आधार पर सब्जी एवं बागवानी फसलों को भी एक नई बीमा योजना में कवर करने का निर्णय लिया है।

        उन्होंने कहा कि इस नई बीमा योजना में किसानों को 2.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा और उन्हें प्रति एकड़ 40,000 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। जिन 14 सब्जियों को इस बीमा कवर में शामिल जाएगा उनमें टमाटरप्याजआलूबंद गोभीमटरगाजरभिण्डीलौकीकरेलाबैंगनहरी मिर्चशिमला मिर्चफूल गोभी तथा मूली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकारकिन्नूअमरूदआम तथा बेर व हल्दी तथा लहसून को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

-----------------------------------------------


चंडीगढ़, 15 अक्टूबर- श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के कौशल मॉडल को जानने व समझने के लिए गुजरात कौशल विकास मिशन की टीम ने विश्वविद्यालय कैंपस का दौरा किया। इस दौरान टीम ने विश्वविद्यालय द्वारा अपनाए गए सभी प्रकार के एजुकेशन और टेक्निकल मॉडल्स की विस्तृत जानकारी हासिल की।

गुजरात कौशल विकास मिशन के मिशन डायरेक्टर श्री आलोक कुमार पांडेय ने विश्वविद्यालय के कौशल मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि एसवीएसयू ने खुद को कौशल के क्षेत्र में बेंचमार्क के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय युवाओं को कौशल के क्षेत्र में कई तरह के प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है जिससे आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति श्री राज नेहरू ने कहा कि कौशल के क्षेत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य कर रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से अधिकारी हमारे कौशल मॉडल को जानने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि हम गुजरात कौशल विकास मिशन के साथ कौशल से संबंधित हर तरह का सहयोग के लिए तत्पर हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. आर. एस. राठौर ने टीम को पूरे कैंपस का दौरा करवाया और डॉक्यूमेंट्री एवं पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी।

----------------------------- 


चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वर्चुअल कृषि मेले के दूसरे दिन के प्रथम सत्र में विभिन्न वेबिनार आयोजित किए गए। इस दौरान पहला वेबिनार धान की सीधी बिजाईदूसरा वेबिनार दूधारू पशुओं में थनैला रोग व उसकी रोकथाम तथा तीसरे वेबिनार में रबी फसलों की पैदावार बढ़ाना आदि विषयों पर वैज्ञानिकों द्वारा जानकारी दी गई।

         विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि इस वेबिनार में सस्य विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. एस.एस. पूनिया ने धान की सीधी बिजाई के बारे में बताया कि यह विधि बहुत ही कारगर साबित हो रही है और प्रदेश सरकार की योजना मेरा पानी मेरी विरासत’ को भी सार्थक सिद्ध कर रही है।  इससे न केवल पानी की बचत होती है बल्कि खर्च भी कद्दू करके की जाने वाली बिजाई से कम होता है। इससे फसल का उत्पादन या तो परम्परागत विधि के बराबर है या फिर इससे अधिक होता है।

वेबिनार के दौरान धान की सीधी बिजाई को लेकर किसानों ने अपने अनुभव भी वैज्ञानिकों के साथ सांझा किए। इस दौरान असंध से कृषि विकास अधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि धान की बिजाई को लेकर विश्वविद्यालय की सिफारिश हर साल 25 जून तक के लिए की गई है जबकि इसे मई के अंतिम सप्ताह से जून के प्रथम सप्ताह तक किए जाने के बारे में और अधिक शोध करने की जरूरत है। क्योंकि इस समय पानी व मजदूरों की समस्या नहीं होती।

         प्रवक्ता ने बताया कि दूसरे वेबिनार में दूधारू पशुओं में थनैला रोग व उसकी रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान लाला लाजपतराय पशु चिकित्सा एवं विज्ञान विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रयोगशाला के इंचार्ज डॉ. नरेश कक्कड़ ने कहा कि पशुपालक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखकर व अपने दूध दोहने के तरीके में बदलाव कर इस रोग पर काफी हद तक काबू पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई पशुपालक अंगुठे की सहायता से दूध निकालते हैं जो कि गलत तरीका हैदूध को केवल बंद मु_ी से निकालने की आदत डालनी चाहिए। इसके अलावा दूध दोहने के बाद पशु के थनों को जीवाणु रोधक से साफ करना चाहिए। पशु के बैठने की जगह पर भी स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

         डॉ. राजेश छाबड़ा ने बताया कि किसान बिना उचित जांच के ही उपचार के लिए पशु को एंटीबायटिक का अंधाधुंध प्रयोग करने लग जाते हैं जिससे पशु की जीवाणु रोधक क्षमता कम हो जाती हैजो घातक है। इसके अलावा प्रयोगशाला में जांच के बाद ही उचित उपचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पशुपालक अपने स्तर पर भी कैलिफोर्निया मेसटाइटिस किट के माध्यम से घर पर ही थनैला रोग की जांच कर सकते हैं। वेबिनार में पशुपालकों ने वैज्ञानिकों से थनैला रोग के लक्षणों व उसके समाधान को लेकर प्रश्न भी किए ।

         चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वर्चुअल कृषि मेले के तीसरे वेबिनार में वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी फसलों की पैदावार बढ़ाने के तौर तरीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान वैज्ञानिकों ने कहा कि अगर किसान विश्वविद्यालय द्वारा की गई सिफारिशों के अनुसार फसल की बिजाई व देखभाल करे तो वह अच्छी पैदावार ले सकता है। वैज्ञानिकों ने किसानों से आह्वान किया कि वे फसल की बिजाई करने से पहले अपने खेत की मिट्टी की जांचपानी की उपलब्धताअपने क्षेत्र अनुसार सिफारिश की गई फसल के लिए बीज की किस्मजरूरत अनुसार बीजोपचार आदि का विशेष ध्यान रखें। कई बार किसान एक-दूसरे की होड़ करते हुए फसल की बिजाई कर देते हैं तथा अंधाधुंध खाद व दवाइयों को फसल में डालते हैंजिससे किसान को फसल से उचित उत्पादन नहीं मिल पाता और उसे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।

          वेबिनार के दौरान उत्तर प्रदेश से किसान आशीष राय ने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा सिफारिश अनुसार चने की एच.सी.-5 किस्म की बिजाई की थी। इससे वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए औसत उत्पादन 23 से 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की तुलना में उसे डेढ गुणा उत्पादन अधिक मिला है। इसके लिए उसे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सम्मानित भी किया गया।

         वैज्ञानिकों ने गांव बालावास के किसानों के साथ एक कृषि संबंधी गोष्ठी आयोजित की। विभाग के सहायक वैज्ञानिक डॉ. सुरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय जलवायु समुत्थान कृषि में नवप्रवर्तन परियोजना के तहत किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान किसानों को राया व चने की पैदावार बढ़ाने के लिए उन्नत सस्य क्रियाएं जैसे समय पर बिजाईबीज उपचारसमुचित खाद प्रबंधनखेत में उचित पौधों की संख्यापहिए वाले कसोले से निराई-गुड़ाईउचित पौध सरंक्षण आदि की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही किसानों को बदलते मौसम के अनुरूप सभी सस्य क्रियाओं को अपनाने पर बल दिया ताकि किसान फसलों की पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ समुचित लाभ भी हासिल कर सकें।

-----------------------


चंडीगढ़, 15 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस नीति पर काम करते हुए हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो द्वारा अपने विशेष अभियान के तहत अगस्त व सितम्बर2020 के दौरान 23 जांचें दर्ज की गईं और 10 जांचें पूरी कर सरकार को रिपोर्ट भेजी गई। 

          ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि तीन जांचों में छ: राजपत्रित अधिकारियों व पांच अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच करने की सिफारिश की है तथा एक प्राइवेट व्यक्ति के विरुद्घ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। इसके अलावासात विशेष चैकिंग व तकनीकी रिपोर्ट सरकार को भेजी गई जिनमें पांच में संतोषजनक कार्य मिला तथा शेष दो मामलों में ब्यूरो ने पांच राजपत्रित अधिकारियों व पांच अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्घ आपराधिक मुकद्दमा दर्ज कर संबंधित ठेकेदार के विरुद्घ घटिया सामग्री इस्तेमाल करने के कारण एक करोड़ नौ लाख 20 हजार रुपये की राशि वसूलने की सिफारिश की है।

         उन्होंने बताया कि इसी अवधि के दौरान छ: कर्मचारियों को 2,000 रुपये से 20,000 रुपये तक की रिश्वत लेते हुए रंगे-हाथों गिरफ्तार कर उनके विरुद्घ भ्रष्टïचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए हैं उनमें जिला पानीपत की समालखा तहसील के पटवारी सुरेश को 4500 रुपयेपुलिस थाना सदर तावडू जिला नूंह में तैनात सहायक उप-निरीक्षक को 20,000 रुपयेथाना खेड़ी पुली जिला फरीदाबाद के मुख्य सिपाही को 3300 रुपयेहरियाणा रोडवेज सिरसा के लिपिक ओमप्रकाश को 2,000 रुपयेजिला रोहतक के जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक कार्यालय के निरीक्षक रविकांत को 5,000 रुपये तथा पटवार हलका उचानाजिला जींद के कानूनगो अनिल कुमार को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा जाना शामिल है। 

         प्रवक्ता ने बताया कि सितम्बर के दौरान ब्यूरो द्वारा आठ जाचों में से चार जांचों में आरोप सिद्घ हुए जिनमें से दो जांचों में एक राजपत्रित अधिकारी व दो अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई करने तथा एक प्राइवेट व्यक्ति से 3,21,650 रुपये की वसूली करने का सुझाव दिया है तथा तीसरी जांच में दो राजपत्रित अधिकारियों व एक अराजपत्रित अधिकारी तथा एक प्राइवेट व्यक्ति से 32,13,000 रुपये की वसूली करने सहित आपराधिक मामला दर्ज करने का सुझाव दिया है जबकि चौथी जांच में दो अराजपत्रित अधिकारियों के विरुद्घ विभागीय कार्रवाई करने की सिफारिश की है।

No comments

Powered by Blogger.