मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ विजन के तहत हरियाणा सरकार युवाओं को कर रही तैयार


 चंडीगढ़(Abtaknews.com)25 सितंबर,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल’ विजन के तहत हरियाणा सरकार स्थानीय उत्पादों के निर्माण के लिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दे रही है और उनके उत्पाद के विपणन के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी कर रही है।

          श्री मनोहर लाल आज यहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद और स्वदेशी स्वावलंबन ट्रस्ट द्वारा ‘‘स्वदेशी स्वावलंबन से आत्मनिर्भर भारत’’ विषय पर संयुक्त रूप से आयोजित एक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोल रहे थे।

          दीनदयाल उपाध्याय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिए गए अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम कर रही है और समाज के गरीबनिराश्रित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कई कार्यक्रम लागू किए हैं।

          मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि हरियाणा ने आजादी के बाद से कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में  बहुत प्रगति की हैफिर भी हमारा देश जापान और इजरायल जैसे अन्य देशों से कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के मामले में पिछड़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 की अवधि को एक चुनौती के रूप में लिया है और किसानोंव्यापारियोंउद्योगपतियोंश्रमिकों इत्यादि के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय पैकेज की घोषणा की हैजो देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा एक कदम है । उन्होंने कहा कि आज देश की 130 करोड़ से अधिक जनसंख्या की आवश्यकता को पूरा करने के अलावाभारत एक प्रमुख निर्यातक भी बन गया है। उन्होंने कहा कि पहले पीपीई किटफेस मास्कहैंड सैनिटाइजर जैसे मेडिकल उपकरण भारत में निर्मित नहीं होते थेलेकिन अब हम इन वस्तुओं को अन्य देशों में भी निर्यात कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया हमारी ओर देख रही है।

        उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण प्रदान करके युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है और प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 150 विभिन्न उद्योगों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर भी किए गए हैं। इसके अलावाएक लाख चार हजार युवाओं को सक्षम युवा योजना’ के तहत काम प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी नौकरियों की भर्ती में पर्ची व खर्ची की प्रणाली को समाप्त कर दिया है और अब तक विभिन्न विभागों में 85,000 युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है। पिछले पाँच वर्षों में पाँच लाख से अधिक लोगों को सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि निवेश के दृष्टिगत हरियाणा उद्योगों के लिए एक पसंदीदा स्थान बन गया है और राज्य में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्यमियों को पट्टे पर जमीन जैसी विभिन्न सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

          मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी में भाग लेने वाले विशेषज्ञों से आत्मनिर्भर भारत के संदेश को आगे ले जाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव देने का आग्रह किया और कहा कि उनके व्यवहारिक सुझावों को राज्य सरकार द्वारा अपनाया जाएगा।

          इस अवसर परछह विशेषज्ञों को कौशल और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ‘‘दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय स्वावलम्बन सम्मान’’ से सम्मानित किया गया है। इनमें कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंहइकॉन इंडस्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ जितेन्द्र कुमारएसवीपी-इंडिया कॉन्सेंट्रिक से डॉ रविंद्र सिंह राणाजेबीएम ग्रुप के कार्यकारी निदेशक डॉ निशांत आर्यरूप ऑटो के प्रबंध निदेशक श्री मोहित ओसवाल और कृष्णा ग्रुप के एमडी व उपाध्यक्ष श्री सुनंदन कपूर शामिल हैं।

          इससे पहलेशिक्षा मंत्री श्री कंवर पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल’ का आह्वान किया हैइसलिए स्थानीय उत्पादों का उत्पादन/निर्माण करने वाले लोगों को प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने समाज के प्रमुख लोगों से आग्रह किया कि वे आगे आएं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत (रोल मॉडल) बनें।

          इस मौके पर भारत सरकार के प्रधान आर्थिक सलाहकार श्री संजीव सान्यालहरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर बृज किशोर कुठियाला और प्रसिद्ध विचारक व सामाजिक कार्यकर्ता श्री दत्तात्रेय होसबोलेे ने भी अपने विचार रखें।

          वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संगोष्ठी में शामिल होने वालों में हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री बृज किशोर कुठियालाश्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राज नेहरूकृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशलउद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री एके सिंहउच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी और अन्य विशेषज्ञ शामिल थे।

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चण्डीगढ़, 25 सितम्बर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के अंत्योदय के दर्शन पर चलते हुए पिछले लगभग 6 साल में सारे समाज को अपना मानकर हर व्यक्ति का विकास करने तथा नौकरियों व बदलियों में भ्रष्ट्राचार खत्म करने का प्रयास किया है।

        श्री मनोहर लाल आज यहां पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर वेबिनार के माध्यम से गोहाना में कार्यक्रम से जुड़े लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पंडित दीन दयाल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए प्रेरणा का दिन है। देशभर में हर कार्यकर्ता पंडित दीन दयाल उपाध्याय की विचारधारा को याद कर रहा है। पंडित दीन दयाल का मानना था कि जब तक गरीब का विकास नहीं होगा तब तक समाज का विकास नहीं होगा। इसलिए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर पूरे समाज का विकास करना है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह खुशी की बात है कि वर्ष 2010 में पार्टी के तत्कालीन राष्टï्रीय अध्यक्ष श्री नितिन गडकरी ने मुझे अंत्योदय प्रकोष्ठ का अखिल भारतीय दायित्व सौंपा था।

        श्री मनोहर लाल ने कहा कि सह-अस्तित्व का सिद्धांत कहता है कि समाज के अलग-अलग स्तर के लोगों में दूरियां नहीं होनी चाहिए। दूरी जितनी ज्यादा होगीउतनी ही ईष्र्या होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया में मुख्य तौर पर दो विचारधाराएं हैं। एक विचारधारा है कि पिछड़े लोगों को किस तरह से समाज के सम्पन्न वर्ग के साथ लाया जाए और उन्हें आगे बढ़ाया जाए। हम दो वर्गों के इस अन्तर को कम करने और आत्मीयता की बात करते हैं। इसके विपरीत दूसरी विचारधारा समाज में दूरी बढ़ाने का काम करती है। आज यह विचारधारा समाप्त हो रही है जबकि हमारी विचारधारा को पूरी दुनिया स्वीकार कर रही है। 

        पंडित दीन दयाल उपाध्याय की सादगी से जुड़े एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि वे एक बार सडक़ किनारे बैठे एक नाई से अपने बाल कटवाने लगे। तभी पास से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उन्हें पहचान लिया और कहा कि इतने अच्छे-अच्छे सैलून छोडक़र आप पेड़ के नीचे बाल कटवा रहे हैं। इस पर पंडित दीन दयाल ने कहा कि सैलून वाले नाई सम्पन्न हैं। यदि मैं उनसे बाल नहीं कटवाऊंगा तो उन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा जबकि इसको पैसे की जरूरत है। मैं इससे बाल कटवाऊंगा तो इसे रोजगार मिलेगा।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की रुचि राजनीति के बजाय सामाजिक कार्यों में अधिक थी। उनकी बातों से हमें निरूस्वार्थ भाव से काम करने की प्रेरणा मिलती है। गत 6 वर्षों के कार्यकाल में हमने उनकी विचारधारा पर चलते हुए व्यवस्था परिवर्तन का काम किया है। युवाओं को मैरिट के आधार पर नौकरियां दी हैं। यह सब हमने वोटों के लिए नहीं बल्कि एक संदेश देने के लिए किया है ताकि लोग मेहनत के बल पर आगे बढ़ें। इन कार्यों के चलते इस बार हम 3 प्रतिशत वोट अधिक लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि जिस घर में एक भी सरकारी नौकरी नहीं हैउसके लिए हमने 5 प्रतिशत अंक देने की व्यवस्था की। न्यायालय ने भी इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि वेल्फेयर की इससे बढिया स्कीम नहीं हो सकती।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में पौने 3 करोड़ की आबादी की आर्थिक स्थिति का पता लगाने के लिए हमने परिवार पहचान पत्र के नाम से एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इसके तहत स्थानीय कमेटियों के माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति का सत्यापन करवाया जाएगा। लोगों को उपलब्ध शिक्षाभोजन और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का पता लगाया जाएगा। इसके बादनीचे रह गए परिवारों की पहचान करके उन्हें सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सम्पन्न व्यक्ति अपनी आजीविका स्वयं चला सकता है जबकि कमजोर व्यक्ति को सहायता की जरूरत है।

        श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जरूरतमंद लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए एक अनूठी योजना शुरू की है जिसके तहत 5 लाख रुपये तक का खर्च सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि हमने पांच एस’- शिक्षास्वास्थ्यसुरक्षास्वावलंबन और स्वाभिमान का मंत्र दिया है। हमें समाज में इन सब चीजों के साथ देशभक्ति का भाव भरना है। हमें संकट के समय को भी हराकर देश और समाज को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि हर आदमी अपने पैरों पर खड़ा हो सके। इसके लिए नई शिक्षा नीति लागू की गई है। युवाओं के कौशल विकास की योजना शुरू की गई है ताकि हर युवक कुछ न कुछ निर्माण करके देश को आगे बढ़ाए। पंडित दीन दयाल का मानना था कि उत्पादकता की पराकाष्ठïा होनी चाहिए ताकि हम वह उत्पाद देश के बाद दुनिया को भी दे सकें। इसके साथ ही हमें अपने उपभोग पर संयम रखना चाहिए। पिछले 6 महीने में हमने खपत पर संयम बरता है और कोरोना जैसी चुनौती को अवसर में बदलने का काम कर रहे हैं।

        करनाल से सांसद श्री संजय भाटिया और राई से विधायक श्री मोहन लाल बड़ौली समेत कई कार्यकर्ता वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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