तकनीक का इस्तेमाल करके विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से शिक्षित किया जा सकता है :डॉ. अमित सांगवान


चंडीगढ़(abtaknews.com)30 सितंबर,2020: हरियाणा के चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालयसिरसा के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्राध्यापक डॉ. अमित सांगवान ने रूस की उरल फेडरल यूनिवर्सिटी द्वारा अपने शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया।

इंटरनेशनल साइंटिफिक कान्फ्रैंस ऑन डिजिटलाइजेशन ट्रांसफॉरमेशन चैलेंजिस-ईडी करनच उरल’ में बतौर आमंत्रित वक्ता के रूप में अपने विचार रखते हुए डॉ. अमित सांगवान ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल करके विद्यार्थियों को बेहतर तरीके से शिक्षित किया जा सकता है। उन्होंने भारत के उच्चतर शिक्षा स्तर में ऑनलाइन एजुकेशन की वर्तमान स्थिति तथा भविष्य बारे विस्तारपूर्वक बताया।

विश्वविद्यालय तथा देश का प्रतिनिधित्व करते हुए डॉ. सांगवान ने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली विश्व की सर्वश्रेष्ठ शिक्षा प्रणाली हैक्योंकि यहां के पाठ्यक्रम में मानवीय मूल्यों का समावेश है। उन्होंने कहा कि यदि ऑनलाइन शिक्षा की बात की जाए तो गत 6 माह के दौरान लगभग सभी शैक्षणिक संस्थानों ने ऑनलाइन शिक्षा पद्धति को किसी न किसी रूप में स्वीकारा है। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक शिक्षा तथा तकनीक का सम्मिश्रण करके विद्यार्थियों का स्वर्णिम विकास किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत में किस प्रकार से प्राचीन काल में तक्षशिला विश्वविद्यालय तथा गुरुकुलों के माध्यम से युवा शक्ति को दिशा व दशा प्रदान की जाती थी।

डॉ. सांगवान ने कहा कि संसाधनों की कमी होने के बावजूद भी भारत की स्थिति अन्य विकासशील देशों की तुलना में काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारत की नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को यदि सही मायने में लागू किया जाता है तो इसके  काफी उत्साहवर्धक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक अपनाना विद्यार्थी तथा प्राध्यापक दोनों के लिए आवश्यक है। केवल कंप्यूटर खरीदने से या संसाधन एकत्रित करने  से काम नहीं चलेगा। यदि युवा शक्ति का सही मायने में विकास करना है तो उन्हें तकनीकी रूप से सुदृढ़ करना समय की मांग है और यह कार्य तब पूर्ण होगा जब शिक्षक भी तकनीकी रूप से दक्ष होंगे।

उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ऑनलाइन एजुकेशन से संबंधित विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियों का विश्व का सबसे बड़ा बाजार उपलब्ध  है और यदि ये  कंपनियां भारत के अंदर निवेश करती हैं तो युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने शोध के क्षेत्र में भी वैचारिक तथा शैक्षणिक आदान-प्रदान हेतु विश्वभर के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सांझा करार-पत्र की संभावनाओं पर भी जोर दिया।कान्फ्रैंस में हावर्ड यूनिवर्सिटीएचएससी यूनिवर्सिटीबुल्गारिया विश्वविद्यालय सहित  विश्वभर के शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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चंडीगढ़, 30 सितंबर- हरियाणा सरकार ने प्रदेश के पात्र शिक्षकों से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2020’ के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ की तर्ज पर अब ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करने का निर्णय लिया है।

        हरियाणा माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा पात्र शिक्षकों से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2020’ हेतु 9 अक्तूबर, 2020 तक दस्ती तौर पर या डाक के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

        उन्होंने बताया कि अब विभाग द्वारा यह निर्णय लिया गया कि इस वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ की तर्ज पर राज्य शिक्षक पुरस्कार-2020’ के लिए भी आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएं। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जा रहा है और इस पोर्टल का ट्रायल सफल होने पर ही अब शिक्षकों के आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए जाएंगे।

        उन्होंने बताया कि इस बारे में संशोधित समय-सीमा तथा विभागीय पोर्टल के लिंक बारे राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को अतिशीघ्र अवगत करवा दिया जाएगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे राज्य शिक्षक पुरस्कार-2020’ के लिए आवेदन दस्ती तौर पर व डाक के माध्यम से स्वीकार न करें।

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चंडीगढ़, 30 सितंबर- हरियाणा उर्दू अकादमीपंचकूला के निदेशक डॉ. चन्द्र त्रिखा ने आज अकादमी भवन में श्री अशोक नादिर द्वारा लिखित उर्दू की पुस्तक गज़ल’ का विमोचन किया।

        इस अवसर पर डॉ. चन्द्र त्रिखा ने कहा कि उर्दू भाषा में गज़ल लिखने वालों के लिए ऐसी पुस्तक की बहुत सख्त आवश्यकता थी। श्री अशोक नादिर को यह पुस्तक लिखने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि यह पुस्तक नये गज़लकारों को गज़ल  लिखने की बुनियादी जानकारी उपलब्ध करवाएगी। इस पुस्तक में फ़ारसी भाषा के अनुसार गज़ल लिखने की बेहतर तकनीक समझाई गई है। इसमें कुछ गज़लों का खुलासा करके भी बताया गया है ताकि नए गज़लकार उस गज़ल के दूसरे आशयों का खुलासा स्वयं कर सकें।

        इस मौके पर डॉ. चन्द्र त्रिखा ने उर्दू अकादमी द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की एक-एक प्रति श्री सिरी राम अर्श और श्री किदार नाथ किदार को भेंट की।

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चंडीगढ़30 सितंबर- हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारीसहायता प्राप्त व स्वयं वित्त पोषित कॉलेजों को स्नातक स्तर के द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों की जानकारी इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ई.आर.पी)पोर्टल पर 3 अक्तूबर2020 तक अपडेट करने के निर्देश दिए हैं ताकि विद्यार्थी अपनी फीस भर सकें।

        उच्चतर शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कॉलेज के ई.आर.पी. पोर्टल पर द्वितीय व तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा लिए गए कोर्ससब्जेक्ट- कंबीनेशनसब्जेक्ट की प्रैक्टिकल की फीस समेत अन्य जानकारी 3 अक्तूबर2020 तक अपडेट कर दें ताकि उक्त कक्षाओं में प्रमोट किए गए विद्यार्थी फीस जमा करवा सकें।

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