एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज के छात्रों के पैरेंट्स डीसी यशपाल यादव से मिले 

फरीदाबाद(abtaknews.com)25 सितंबर,2020:एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज के छात्रों के पैरेंट्स ने शुक्रवार को डीसी से मुलाकात कर आरोप लगाया कि वाईएमसीए युनिवर्सिटी शैक्षिक सत्र 2019-20 में कालेज में दाखिल हुए छात्रों से शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रही है। वाईएमसीए युनिवर्सिटी ने अभी तक फस्ट समेस्टर का परिणाम तक धोषित नहीं किया है और ना ही कालेज की 2019-20 की एफिलिएशन दी। जिसके कारण अंडर ग्रेजुएट के करीब पांच सौ छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। पैरेंट्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को उपायुक्त यशपाल यादव से उनके कार्यकाल में मुलाकात की ओर ज्ञापन सौंपा। जिसमें इस मामले में मध्यस्थता करते हुए मामले का शीध्र निपटान करने की मांग की है। हरियाणा अभिभावक एकता मंच के प्रदेश संरक्षक व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान सुभाष लांबा के नेतृत्व में डीसी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में कैलाश चंद,वीके दूबे,हरीश गंभीर, शैलेन्द्र,पवन भारद्वाज व विजय शर्मा शामिल में थे। डीसी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि शीध्र एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज व वाईएमसीए युनिवर्सिटी प्रशासन और पीड़ित पैरेंट्स के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक कर मामले का निपटारा करने के गंभीर प्रयास किए जाएंगे। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अगर मसले का बातचीत से समाधान नही हुआ तो मजबूरी वश पैरेंट्स व छात्र वाईएमसीए युनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने पर मजबूर हो सकतें हैं।

हरियाणा अभिभावक एकता मंच के संरक्षक सुभाष लांबा, महासचिव कैलाश शर्मा, जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिव कुमार जोशी व महासचिव डा. मनोज कुमार ने बताया कि जेसी बोस युनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी वाईएमसीए द्वारा एस्लान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कालेज की शैक्षणिक सत्र 2019-20 के मध्य में एफिलेशन वापस लेने का कृत्य किया। इतना ही नही युनिवर्सिटी प्रशासन ने 2019-20 सत्र के छात्रों के एग्जाम तक लेने से यह कहकर मना कर दिया कि एस्लान कालेज द्वारा 2019-20 में दाखिल किए छात्रों का युनिवर्सिटी में रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ है। एफीलिएशन व एग्जाम के मामले को लेकर कालेज माननीय हाईकोर्ट में गया। हाईकोर्ट के आदेश पर एग्जाम हुए तो अब परिणाम घोषित नही किया गया। इसको लेकर कालेज ने फिर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने कालेज से आवश्यक कागजात लेकर संबद्धता देने के आदेश दिए थे। युनिवर्सिटी का कहना है कि कालेज प्रशासन जरुरी कागजात नही दे रहा और कालेज कह रहा है कि हमने सभी आवश्यक पेपर युनिवर्सिटी को दे दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कालेज व युनिवर्सिटी की मूंछों की लड़ाई में अंडर ग्रेजुएट करीब 500 छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। जिसको लेकर पैरेंट्स व छात्रों की दिन का चेन और रात की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने डीसी महोदय से शीघ्र कालेज व युनिवर्सिटी प्रशासन को बुलाकर मसले का समाधान करने की मांग की है।

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