एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया ने बच्चों की देखभाल और युवा रोजगार के लिए गुजरात सरकार के साथ दो समझौते किए

फरीदाबाद(abtaknews.com)10सितंबर,2020:माता-पिता की देखभाल से वंचित बच्चों और वैसे बच्चों जिनके परिवार से अलग होने का खतरा है उनके समग्र विकास के लिए समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन, एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया ने गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी में एनजीओ द्वारा तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करना और राज्य की किनशिप केयर और ऑफ्टर केयर प्रोग्रामों के लिए नोडल एजेंसी होना शामिल है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज अग्रवाल आईएएस और एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया के महासचिव श्री सुदर्शन सुचि द्वारा आज समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

इन समझौतों के तहत, एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया वैसे 125 बच्चों की देखभाल करने वालों को सक्षम बनाने के लिए राज्य द्वारा संचालित किनशिप केयर को डिजाइन करने और लागू करने में ज्ञान, बेहतर तौर– तरीकों और तकनीकी विशेषज्ञता को साझा करेगा, जो भुज, कच्छ जिले में और उसके आसपास माता-पिता की देखभाल से वंचित हो गए हैं। जब बच्चों की देखभाल के लिए कोई नहीं होता है, तो उनके रिश्तेदार माता-पिता की तरह देखभाल कर सकते हैं।

अनाथ बच्चों के लिए राज्य की एक कल्याणकारी योजना, ʺपालक माता-पिता योजनाʺ के तहत, गुजरात सरकार ने कार्यक्रम के प्रभावी और सशक्ति के साथ कार्यान्वयन के लिए गैर सरकारी संगठन को आमंत्रित किया है। एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया अपने स्वयं के सफल रिश्तेदारी देखभाल कार्यक्रम (किनशिप केयर प्रोग्राम) से काफी उत्साहित है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे अपने प्राकृतिक सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश में स्थानीय समुदायों के पर्याप्त ध्यान और पर्यवेक्षण के साथ बड़े हों, ताकि हर समय उनके सर्वोत्तम हितों की रक्षा हो सके।

इसी प्रकार, राज्य सरकार युवाओं के लिए एक मजबूत ʺऑफ्टर केयर प्रोग्रामʺ विकसित करने को इच्छुक है और इस कार्यक्रम में एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया को शामिल करने का तात्पर्य है कि शुरू से अंत तक एक मजबूत प्रोग्राम तैयार किया जा सकता है। गैर-सरकारी संगठन देखभाल कर्ताओं के रोजगार बाजार के लिए उनके कौशल का पता लगाकर 100 देखभाल कर्ता को तैयार करने के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण को अपनाएगा और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करके, स्वतंत्रता के उनके मार्ग का समर्थन करेगा। एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की सुविधा भी प्रदान करेगा और व्यावसायिक कार्य प्रवृत्तियों का सामना करने के लिए उनके लिए जीवन कौशल शिक्षा भी प्रदान करेगा।

गुजरात सरकार के साथ साझेदारी के बारे में बात करते हुए, श्री सुदर्शन सुची ने कहा, “एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया के लिए एक तकनीकी भागीदार के रूप में आमंत्रित किया जाना एक बड़ा सम्मान है। पच्चीस वर्षों से अधिक के हमारे व्यवसायी अनुभव के कारण, हम वैकल्पिक देखभाल के साथ सर्वश्रेष्ठ पैरेंटिंग की विशेषज्ञता प्रदान करने की स्थिति में हैं, जिसका अर्थ है कि हम बच्चों की परवरिश में तब तक मदद करते हैं जब तक कि उन्हें खुद पर विश्वास नहीं हो जाता है और वे आत्म निर्भर नहीं बन जाते हैं। स्केलेबल और प्रभावी समाधान बनाने की क्षमता इस साझेदारी में बेहद मददगार साबित होगी। हमने अन्य राज्य सरकारों के साथ भी साझेदारियाँ की हैं और अब उन्हें गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के किनशिप केयर और ऑफ्टर केयर कार्यक्रमों के लिए एक तकनीकी साझेदार और नोडल एजेंसी के रूप में चुना गया है जो कि #nochildalone के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। हम राज्य सरकार के साथ लंबे समय तक जुड़े रहने की आशा करते हैं और हमें उम्मीद है कि इन जैसे मॉडलों को और बढ़ाया जाएगा।”

गुजरात स्टेट चाइल्ड प्रोटेक्शन सोसाइटी के चेयरमैन और सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज अग्रवाल (आईएएस) ने कहा: “मैं बच्चों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑफ इंडिया के साथ इस साझेदारी का स्वागत करता हूं, जिन्हें उनके समग्र कल्याण, विकास और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए देखभाल और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। गुजरात सरकार को इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस जिम्मेदारी के लिए हम सबसे अच्छे भागीदार हैं।”

एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज ऑॅफ इंडिया के बारे में--1964 में स्थापित, एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेजेज उन बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करते हैं, जो परिवार से अलग हो चुके हैं या जिनके परिवार से अलग होने का खतरा है। यह बच्चों को एक प्यार भरा घर प्रदान करने, उनके परिवारों को एक साथ रखने और स्वतंत्र रूप से अपने पथ पर आगे बढ़ने में युवा लोगों की मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता है। यह भारत में 22 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों के 32 स्थानों में अपने केंद्रों के माध्यम से हर साल 25,000 बच्चों के जीवन को सीधे लाभान्वित करता है। यह एक उज्जवल भविष्य की नींव रखने के लिए दो करोड़ बच्चों और युवा लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए भी काम करता है।

No comments

Powered by Blogger.