आशा वर्कर यूनियन का धरना 21 वे दिन भी जारी है


फरीदाबाद(Abtaknews.com)16 सितंबर,2020:  अपनी लंबित मांगों को लेकर आशा वर्कर यूनियन का धरना आज बुधवार को 21 वे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। आज के धरने की अध्यक्षता जिला उप प्रधान रेखा शर्मा ने की। इस मौके पर सीटू के जिला प्रधान निरंतर पराशर,जिला सचिव लाल बाबू शर्मा, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल एवं बैंक कर्मचारी यूनियन के नेता कॉमरेड ओम प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित रहे।आज के करने में एसी नगर, नगला,और तिलपत ग्रामीण इलाकों की आशा वर्करों ने भाग लिया। सरकार की वादाखिलाफी से रूस हुई बैठी आशा वर्करों ने खूब सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने आशा वर्करों को पक्का करो, इनको सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो, के अलावा एएनएम की भर्ती में शैक्षणिक योग्यता रखने वाली आशाओं को पदोन्नति देने के नारे लगाए। आशा वर्करों को संबोधित करते हुए वीरेंद्र सिंह डंगवाल ने राज्य सरकार पर आशा वर्करों की समस्याओं का निदान नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त को माननीय मुख्यमंत्री जी के विशेष अधिकारी श्री कृष्ण कुमार बेदी ने यूनियन शिष्टमंडल को विश्वास दिलाया था कि 15दिन के अंदर सभी मांगों का हल निकाल लिया जाएगा। लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री जी की ओर से कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जबकि आशा वर्करों का सब्र का बांध टूटता जा रहा है। क्योंकि सरकार ही आशाओं को कारोना योद्धाओं बता रही थी। लेकिन इन्हीं को अपने किए हुए कार्य की बदौलत किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं की जा रही है। जो काम कोरोना महामारी के दौरान क्या गया था उसकी प्रोत्साहन राष्ट्रीय भी नहीं मिल रही। सरकार के द्वारा अपनाए जा रहे दोहरे मानदंडों की वजह से आशा वर्करों में भारी निराशा व्याप्त है। उन्हें कोरोना की महामारी के दौरान कंटेनमेंट जोन मैं जाकर सर्वे रिपोर्ट लाने पर भी कुछ नहीं मिला है। इनको मास्क दस्ताने सैनिटाइजर तक नहीं दिया गया। इनके साथ भेदभाव हुआ है। इन्हें कोई निर्धारित वेतन नहीं मिलता है। जो भी मिलता है। उसकी तारीख निश्चित नहीं है। सब कुछ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के विवेक पर निर्भर करता है। इनके लिए बजट आने पर भी उसको आवंटित नहीं किए किया जाता है। इन्होंने कोरोना बीमारी से संक्रमित व्यक्ति को दवाई देने के काम को बखूबी निभाया है। लेकिन इन कठिन कार्यों को करने के बदले में कुछ भी प्रोत्साहन राशि नहीं दी । इसलिए हरियाणा सरकार के द्वारा वर्ष 2018 में स्वीकृत मांगों को पूरा नहीं करने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर 7 अगस्त से 26 अगस्त तक हड़ताल पर रही हैं। सबसे आज तक सिविल सर्जन के कार्यालय पर बेमियादी धरना दे रही है लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। समस्याओं का समाधान करने के बजाय बजाय विधानसभा सत्र के दौरान पंचकूला में विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुई आशा वर्करो के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने 28 अगस्त को झूठे मुकदमें दर्ज कर दिए। डगवाल ने कहा कि यूनियन मुकदमों से नहीं डर नहीं लगता है। जब तक मांगों को लागू नहीं किया जाता। अब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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