आशा वर्करों का धरना 19 वे दिन भी जारी रहा


फरीदाबाद(Abtaknews.com)14 सितंबर,2020: स्थानीय बादशाह खान अस्पताल के बाहर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आशा वर्करों का धरना आज सोमवार को 19 वे दिन भी जारी रहा।आज के धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान हेमलता ने की जबकि संचालन जिला सचिव सुधा पाल कर रही थी। इस मौके पर सीटू के जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डंगवाल एवं बैंक कर्मचारी यूनियन के नेता कॉमरेड ओम प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित थे। राज्य सरकार की टालमटोल की नीति से खफा हुई बैठी आशा वर्करों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए और जिला सिविल सर्जन के कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। आज के धरने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दयालपुर, पन्हेरा, और पल्ला की आशा वर्करों ने भाग लिया। उन्होंने प्रोत्साहन राशियों का भुगतान करो, जोखिम भक्ता चार हजार रुपए लागू करो के नारे लगाए। आंदोलनरत कर्मचारियों को जिला उपाध्यक्ष विरेंद्र सिंह डंगवाल ने संबोधित किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहां की हरियाणा सरकार सरकार आशा वर्करों के आंदोलन की अनदेखी कर रही है। जबकि 26 अगस्त को माननीय मुख्यमंत्री जी के ओएसडी श्री कृष्ण कुमार बेदी ने यूनियन के शिष्टमंडल को 10 दिन के अंदर आशाओं की मांगों का माननीय मुख्यमंत्री जी के साथ वार्तालाप करने के बाद समाधान करने का वादा किया था। 20 दिन का समय व्यतीत होने के बाद भी आंदोलनरत आशाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। जबकि एक तरफ सरकार आशाओं को कारोना योद्धाओं की संज्ञा दे रही है। दूसरी तरफ इनके मसलों पर बातचीत भी नहीं करना चाहती है। जबकि वास्तविकता यह है कि कोरोना की महामारी के दौरान सबसे अधिक काम आशाओं ने ही किया है। कंटेनमेंट जोन मैं जाकर सर्वे करके लाना और बीमार व्यक्ति को दवाई दिलाना यह सारे काम आशा वर्करों ने ही किए हैं। लेकिन इन कठिन कार्यों को करने की एवज में इन्हें किसी भी प्रकार की प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है। जबकि केंद्र सरकार द्वारा दी गई प्रोत्साहन राशियों का हरियाणा सरकार के द्वारा भुगतान नहीं करने और जोखिम भत्ता लागू नहीं करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा वर्कर 7 अगस्त से 26 अगस्त तक हड़ताल कर चुकी हैं।लेकिन सरकार ने इनकी मांगो के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय 26 अगस्त को विधानसभा सत्र के दौरान पंचकूला में विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुई आशा वर्करों के नेताओं के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने 28 अगस्त को झूठे मुकदमें दायर कर दिए। डगवाल ने कहा कि बताया कि यूनियन के नेता झूठे मुकदमों से नहीं डरते हैं। जब तक मांगो को लागू नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से सरकार से झूठे मुकदमे रद्द करने की मांग की। आज के धरने को कामरेड ओम प्रकाश, हेमलता, सुधा पाल ने भी संबोधित किया। यूनियन की मुख्य मांगों में आशाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दो, एक्टिविटी की काटी गई 50% राशि वापस देने, ईएसआई पी एफ का लाभ देने, जोखिम भत्ता ₹4000 लागू करने इत्यादि हैं।

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