आऊटसोर्सिंग नीति पार्ट 1-2 में ठेके पर लगे कर्मचारियों की छंटनी के खिलाफ प्रदर्शन 


फरीदाबाद(Abtaknews.com)21 सितम्बर,2020:    नव चयनित क्लर्को की ज्वाइनिंग के बाद नगरपालिका, परिषदों व नगर निगमों में सालों से आऊटसोर्सिंग नीति पार्ट 1 व 2 में ठेके पर लगे क्लर्कों व कम्पयूटर आपरेटरों की छंटनी के खिलाफ आज निगम मुख्यालय कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी जुलूस लेकर निगम आयुक्त के आवास पर पहुंचे जहां निगम आयुक्त को आंदोलन का नोटिस दिया। नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने छंटनी पर रोक नहीं लगाई और छंटनी किए गए कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिया तथा मानी गई मांगों को लागू नहीं किया तो संघ  23 सितंबर को रोहतक में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन आयोजित कर हड़ताल की घोषणा करने के लिए मजबूर कर होगा। आज के प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान गुरुचरण खंडिया ने की तथा मंच का संचालन सफाई कर्मचारी यूनियन के सचिव सोहनपाल झिझोटिया ने किया।


नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, उप महासचिव सुनील चिंडालिया, सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव बलबीर सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा हाल ही में 4015 क्लर्कों की भर्ती की गई है। जिसमें से 544 क्लर्क पालिका, परिषदों व नगर निगमों में भेजे गए है। 544 क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद पानीपत में 10, रोहतक में 36, घरोंडा में दो क्लर्कों को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने शंका जाहिर करते हुए कहा कि नवनियुक्त क्लर्कों की ज्वाईनिंग के बाद लगभग 600 ठेका प्रथा में लगे क्लर्कों की छंटनी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रफल व आबादी एवं कार्य के अनुपात में नए पद सृजित किए जाए तो क्लर्कों की छंटनी को टाला जा सकता है, लेकिन सरकार ठेका प्रथा मेंं लगे क्लर्कों की छंटनी को टालने की बजाए नौकरी से हटाने पर अड़ी है।

उन्होंने ने कहा कि नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा छंटनी को बर्दाश्त नहीं करेगा। संघ ने इस छंटनी के विरोध स्वरूप 16 सितम्बर को ही सरकार को आन्दोलन का नोटिस भेज दिया है। श्री शास्त्री ने आरोप लगाया कि विभाग के मंत्री द्वारा किए वायदे के बावजूद विभाग ने पालिकाओं, परिषदों व निगमों के कर्मचारियों पर सभी पत्र समान रूप से लागू नहीं किए गए तथा छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया गया तथा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों की भांति विभागीय रोल पर करने समान काम-समान वेतन देने, 4 हजार रुपये जोखिम भत्ता देने, कोरोना से मौत होने पर मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को 50 लाख रुपये विशेष आर्थिक सहायता राशि देने का वादा पूरा नहीं किया है। जिसको लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने सभी ठेका प्रथा अनुबंधित कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित कई अन्य मांगों को पूरा न करने का भी सरकार पर आरोप लगाए। आज के इस प्रदर्शन में अन्य के अलावा कर्मी नेता नानक चंद खैरालिया, प्रकाश प्रचारी, ड्राइवर यूनियन के सचिव परसराम अधाना, सैनिटेशन स्टाफ  यूनियन के नेता दीपचंद हंस, अजीत रावत, विशाल पारचा, आउटसोर्सिंग ठेका प्रथा के ड्राइवरों के प्रधान वेद भड़ाना, आउटसोर्सिंग क्लर्को के नेता योगेश शर्मा, सतीश कुमार, वैभव, राजेश कुमार, अमन रोहिल्ला, सीमा, डिंपल, सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता जितेंद्र छाबड़ा, प्रेमपाल, नरेश भगवाना, राजवीर चिंडालिया, महेंद्र कुडिय़ा, ललित, रघुवीर चौटाला, दर्शन सिंह सोया, विजय चिंडालिया, राकेश चिंडालिया, महिला नेता शकुंतला, ज्ञानवती, कविता, सत्तो देवी, सुनीता भी शामिल रही।

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