देंखे कैसे बीपीटीपी बिल्डर ने कायम की धोखाधड़ी की नई मिसाल, लाखों रुपए ऐंठकर लगा दिया चूना

फरीदाबाद (abtaknews.com)31अगस्त, 2020 : हरियाणा में सीएम विंडो पर शिकायत लगाने के बावजूद बीपीटीपी बिल्डर द्वारा अपने ग्राहक  के साथ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। बिल्डर ने एक फ्लैट को दो लोगों के बीच बांटकर धोखाधड़ी की नई मिसाल कायम की है। यह हाल तो तब है, जब सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद बिल्डर ने अपने ग्राहक  को ना केवल लिखित तौर पर फ्लैट का कब्जा दे दिया, बल्कि उसे चाबी भी दे दी। लेकिन जब ग्राहक अपने फ्लैट पर पहुंचा तो वहां पहले से ही किसी और परिवार को रहता हुआ देखा। यह देखकर पीडि़त व्यक्ति के पैरों तले से जमीन निकल गई। उसे तनिक भी अहसास नहीं था कि देश का जाना माना बिल्डर इतनी छोटी हरकत कर उनके साथ धोखाधड़ी करेगा।

पुलिस को दी शिकायत--अब पीडि़त व्यक्ति ने पुलिस को अपनी शिकायत दी है। जानकारी के अनुसार नाईजीरिया में रहने वाले रवि बजाज पुत्र गुलशन कुमार निवासी सैक्टर 29 फरीदाबाद ने बीपीटीपी ग्रेटर फरीदाबाद में ईलीट हाऊसिंग योजना में प्रथम तल पर यह फ्लैट खरीदा था। रवि बजाज के पिता गुलशन कुमार ने ही सीएम विंडो पर यह शिकायत दी थी। लेकिन धोखाधड़ी होने के बाद गुलशन कुमार पुलिस की चौखट पर पहुंच गए हैं।  फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। आपको बता दें कि रवि बजाज ने  तीन बेडरूम वाला यह फ्लैट एनआईटी नंबर-4 में रहने वाले अजीत सिंह से 29-6-2011 को खरीदा था। जबकि अजीत सिंह ने यह फ्लैट दिल्ली के ओखला में रहने वाले जाकिर हुसैन तथा अली हुसैन से वर्ष 2009 को खरीदा था। जाकिर व अली हुसैन इस फ्लैट के प्रथम एलॉटी थे। रवि बजाज ने इस फ्लैट को खरीदने के दौरान पूरी पेमेंट का भुगतान कर दिया था। जिस समय रवि बजाज ने यह फ्लैट खरीदा था, तब बीपीटीपी कंपनी की ओर से उन्हें 24 महीने के भीतर तैयार फ्लैट का पोजीशन देने का आश्वसन दिया था। इसके लिखित दस्तावेज रवि बजाज के परिवार के पास हैं। मगर कई सालों तक भी उन्हें फ्लैट नहीं दिया गया।

सीएम विंडो पर की थी शिकायत-- फ्लैट ना मिलने पर 13सितंबर को रवि बजाज के पिता गुलशन कुमार ने सीएम विंडो पर बिल्डर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।  इस शिकायत का असर यह हुआ कि बिल्डर ने गुलशन कुमार को उनका असल फ्लैट जल्द देने का आश्वासन देते हुए  सिक्योरिटी के तौर पर दूसरा तैयार फ्लैट उन्हें दे दिया। जिसकी चाबी व लिखित एग्रीमेंट भी उन्हें सौंपे गए। कागज व चाबी मिलने के बाद गुलशन कुमार संतुष्ट हो गए और उन्हें उम्मीद जगी कि जल्द ही उनका फ्लैट भी उन्हें मिल जाएगा। लेकिन फिर बिल्डर ने चालाकी दिखाते हुए गुलशन कुमार को निर्धारित समय पर उनका फ्लैट तैयार करके नहीं दिया।

देखकर रह गए दंग-- इस पर गुलशन कुमार उस फ्लैट पर पहुंच गए, जोकि बीपीटीपी कंपनी ने उन्हें सिक्योरिटी के तौर पर दिया था। लेकिन वहां पहुंचकर गुलशन कुमार दंग रह गए कि जो फ्लैट उन्हें सिक्योरिटी के तौर पर चाबी सहित दिया गया था, वहां का पूरा लॉक सिस्टम बदलवा कर उसे किसी और परिवार को सौंप दिया गया है। कंपनी की इस धोखाधड़ी को देखकर गुलशन कुमार ने अपना माथा पकड़ लिया। हैरत की बात है कि बीपीटीपी कंपनी ने सीएम विंडो की शिकायत का फर्जी तरीके से निपटारा किया और पीडि़त परिवार के साथ धोखाधड़ी कर पूरे कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया। इस घटना के बाद पीडि़त गुलशन कुमार ने पुलिस को बीपीटीपी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दी है। देखना अब यह है कि सालों से पूरा भुगतान करने के बावजूद अपना फ्लैट पाने के लिए धक्के खा रहे गुलशन कुमार को कब इंसाफ मिल पाता है ।

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