पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोककर भारत अपने विभिन्न राज्यों में जल आपूर्ति करे: दुष्यंत चौटाला

अमृतसर(Abtaknews.com)12 अगस्त। हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला अपनी धर्मपत्नी मेघना और युवा जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला के साथ अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे। स्वर्ण मंदिर में डिप्टी सीएम ने अपने परिवार सहित पवित्र स्थल पर आयोजित पाठ में हिस्सा लिया और शीश नवाकर गुरु साहिब से देश व प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज कोरोना महामारी का प्रकोप पूरे संसार में है। उन्होंने प्रार्थना की कि संकट की इस घड़ी में गुरु साहिब सबको शक्ति दें और इस भीषण संकट काल से सबको निजात दिलाएं। डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें जब भी गुरु घर में आने का मौका मिला वे यहां आते हैं और देश-प्रदेश की प्रगति व शांति, हर घर में खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। यहां माथा टेकने के बाद डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कुछ समय कीर्तन भी सुना। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा उपमुख्यमंत्री को सिरोपा, श्री दरबार साहिब का सुनहरी मॉडल व श्री गुरु नानक देव जी की धार्मिक पुस्तक देकर सम्मानित किया।

इस दौरान पत्रकारों द्वारा सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के पानी को लेकर पूछे गए सवाल पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट देश का सर्वोच्च न्यायालय है और कोर्ट ने जो दो साल पहले अपना निर्णय दिया था उसे लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसवाईएल का पानी लाने के लिए हरियाणा सरकार  प्रतिबद्ध है और  सर्वोच्च  न्यायालय का निर्णय लागू करवाने के लिए प्रयासरत है। वहीं दुष्यंत चौटाला ने गिरते भूजल स्तर के चलते पानी की समस्या को दूर करने को लेकर कहा कि पाकिस्तान जा रही भारत की नदियों के पानी का सदुपयोग होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों की तर्ज़ पर टेक्नोलॉजी के माध्यम से भारत को ऐसी व्यवस्था स्थापित करनी चाहिए जिससे पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोक कर देश के विभिन्न राज्यों में जल आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि इससे हर साल भारत द्वारा पाकिस्तान को की जा रही नुकसान की भरपाई नहीं करनी पड़ेगी और देश के कृषि क्षेत्र में उन्नति होगी।

 

पत्रकारों द्वारा शराब के मामले में पूछे गये सवालों पर डिप्टी सीएम ने कहा कि हरियाणा सरकार को शराब की अवैध तस्करी की जब भी शिकायतें मिलीउसके खिलाफ सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ऐसी शिकायतें सामने आई थी और उस दौरान आबकारी विभाग की टीमों ने लगातार प्रदेशभर में छापेमारियां करते हुए कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 1250 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई।

 

उन्होंने कहा कि देशभर में हरियाणा ही ऐसा राज्य है जहां प्रदेश सरकार ने नशा तस्करी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाया है और इसे अन्य राज्यों को भी लागू करना चाहिए।


---------------------------------------------------------------------------------------------------गुरु जम्भेश्वर है सही मायने में पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत - दुष्यंत चौटाला

 

चंडीगढ़12 अगस्त। बिश्नोई पंथ प्रवर्तक गुरु जम्भेश्वर  महाराज सही मायने में पर्यावरण संरक्षण के अग्रदूत माने जाते हैजिस प्रकार से उन्होंने आज से सैकड़ों वर्ष पूर्व पर्यावरण के महत्व को समझा और समाज को इस विषय में जागरूक किया। इससे उन्होंने पर्यावरण के प्रखर प्रवक्ता के तौर पर एक अमिट छाप छोड़ी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी और बिश्नोई धर्म प्रवर्तक गुरु जाम्भो जी के 570वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश वासियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही।

 

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बिश्नोई समाज को जीव व पर्यावरण प्रेमी बताते हुए कहा कि जो सन्देश गुरु जम्भेश्वर महाराज ने पर्यावरण व जीव रक्षा को लेकर सन 1485 में दिया थाउसे सर्व समाज के प्रत्येक इंसान को अपने जीवन में ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी से पर्यावरण व वातावरण सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने कहा कि गुरु जम्भेश्वर के बताए 29 नियमों का मुख्य सारांश भी 'जीव प्रेम व पर्यावरण संरक्षणही है।

 

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अध्ययन करना उनकी स्वयं की मुख्य हॉबी है। जम्भ साहित्य को उन्होंने पढ़ा है उसमें भी 'जीव दया पालनीरूंख लीलो न घावेकी महत्ता पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर समाज का हर व्यक्ति इस बात को अपने सामान्य जीवन में धारण कर ले तो समाज की दशा और दिशा दोनों में अभूतपूर्व परिवर्तन हो सकता है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा गुरु जम्भेश्वर के बताए रास्ते पर चलते हुए हमें वृक्ष न केवल लगाने चाहिए बल्कि हरे वृक्षों की देखभाल भी करनी चाहिए क्योंकि हरे वृक्ष हमें असंख्य जीवनदायिनी वस्तुएं प्रदान करते है जो प्रकृति को संजोए रखते है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गुरु महाराज ने वृक्षों को जीवित देव की संज्ञा दी है तो हम सबको उनकी बताई गई शिक्षा का अनुसरण करते हुए जीव जंतुओं के साथ हरे वृक्षों की भी देखभाल करनी चाहिए ताकि इस सृष्टि को हर प्रकार से सुरक्षित रख सकते है।

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