हरियाणा की बिजली यूपी में चोरी मामले में आरोपों का सामना कर रहे प्रदीप उर्फ़ दीपक त्यागी आए मीडिया के सामने

फरीदाबाद(Abtaknews.com)24 जुलाई। हरियाणा की बिजली यूपी में चोरी मामला एक नए मौड़ पर आ पहुंचा है। बिजली चोरी के आरोपों से बदनाम हुए प्रदीप उर्फ़ दीपक त्यागी ने मीडिया के सामने आकर कहा कि बिजली विभाग ने उक्त कार्रवाई कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने का कार्य किया है। इस पूरी कार्रवाई के चलते हुई क्षति पूर्ति के लिए वे कोर्ट जाएंगे जिसके लिए वे कानूनी परामर्श ले रहे हैं। श्री त्यागी ने कहा की बिजली विभाग मनघडंत कार्रवाई कर अपने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को बचा रहा है। उत्तर प्रदेश के लोगों के नाम ट्रांसफार्मरों को चोरी के ट्रासंफार्मर बता रहा है। उक्त बिजली चोरी मामले की कार्रवाई ही संदिग्ध नजर आ रही है। मैं अपने नाम के कनेक्शन का नियमित रूप से पूरा बिल भर रहा हूं। 
क्या है पूरा मामला --- ग्रेटर फरीदाबाद के गांव ददसिया- किडावली के निकट यमुना पार, हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा के आसपास बने फार्म हाउसों में बिजली चोरी के मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पिछले एक सप्ताह से जांच कर रहा हैं।  हालांकि बिजली विभाग की अबतक की कार्रवाई पर ही सवाल उठ रहे हैं। बिना पटवारी की निशानदेई के कैसे साबित होगा कि बिजली कनेक्शन हरियाणा की जमीन या उत्तर प्रदेश की जमीन पर है। जांच के नाम पर बिजली निगम ने उक्त कनेक्शन काट कर बिजली सप्लाई रोक दी है। बिजली विभाग के अंतर्गत वर्ष 2014 में खेड़ी सब डिविजन ने प्रदीप उर्फ़ दीपक त्यागी को कनेक्शन जारी किया था। 
हरियाणा उत्तर प्रदेश सीमा विवाद में फंसी इस कार्रवाई को लेकर बिजली विभाग अब पटवारी और तहसीलदार के माध्यम से पैमाईश करवा रहा है। जांच अधिकारी कई पहलुओं से मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि विगत एक सप्ताह से चल रही अभी तक की पूरी जांच कार्रवाई सवालों के घेरे में है। 
ददसिया निवासी प्रदीप त्यागी उर्फ़ दीपक त्यागी के यमुना नदी पार जमीन है जिसके लिए बिजली कनेक्शन लिया हुआ है। ददसिया के पास गांव किड़ावली में खेतों सिचाई के लिए बिजली निगम ने वर्ष 2015 में 15 किलोवाट लोड का बिजली कनेक्शन दिया गया था। प्रदीप के कनेक्शन के लिए बिछाई गई लाइनों से ही दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, हिसार मुख्यालय की टीम ने छापेमारी के दौरान 44 फार्म हाउसों में बिजली चोरी पकड़ने का दावा किया था।बिजली निगम की 11 हजार वोल्टेज की लाइन से बिजली चोरी करके 24 ट्रांसफार्मर चलाए जा रहे थे।बिजली चोरी में किस अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार की मिलीभगत है इसमें जांच जारी है। बिजली निगम, हिसार मुख्यालय के अधिकारी और स्थानीय टीम हैरान हैं कि आखिर इतना बड़ा चोरी का खेल किस अधिकारी की दखल से कैसे चलता रहा।
खेड़ी सब डिविजन कार्यालय की कार्यशैली संदिग्ध-- बिजली चोरी के इस मामले के सामने आने के साथ ही खेड़ी सब डिविजन भी निशाने पर आ गया है। किड़ावली, जहां बिजली कनेक्शन दिया गया था, वह खेड़ी सब डिविजन के अंतर्गत ही आता है। यहीं से ही प्रदीप को बिल भेजा जाता था। वैसे तो सब जगह उपभोक्ताओं को कंप्यूटराइज्ड बिल भेजे जाते हैं। यहां हैरानी की बात है कि प्रदीप को कई बिल हस्तलिखित भेजे गए हैं। इससे भी खेड़ी सब डिविजन के अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं। यह भी जांच करनी होगी कि बिल की राशि निगम के खाते में जाती रही या किसी की जेब में। यमुना पार हरियाणा, उत्तर-प्रदेश सीमा के पास मेरे अपने खेत हैं। यहीं के लिए मैंने बिजली कनेक्शन लिया था। इसका बराबर भुगतान कर रहा हूं। मेरी कहीं कोई गलती नहीं है। बिजली निगम के अधिकारी जांच कर रहे हैं। निगम के अधिकारियों से मिल कर मैंने अपना पक्ष रख दिया है। मैं बराबर सहयोग कर रहा हूं।
बिजली निगम अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ के अनुसार ददसिया गांव निवासी प्रदीप त्यागी उर्फ़ दीपक त्यागी उपभोक्ता के नाम पर एक कनेक्शन यमुना पार का है। इसी में कई पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। बिजली चोरी में कौन कौन शामिल हैं जांच कार्य पूरा होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। बिजली चोरी मामले में शामिल पाए जाने पर उक्त फार्म हाउस संचालकों के खिलाफ  सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए जुर्माना किया जाएगा। बिल में गड़बड़ी संबधी शिकायत की भी जांच की जा रही है।
क्या कहते हैं प्रदीप त्यागी उर्फ़ दीपक त्यागी -- इस पूरे मामले में बिजली विभाग उन्हें मुख्य आरोपी के रूप में बदनाम कर रहा है। उनके नाम कनेक्शन का वह पूरा बिल समय पर देते आए हैं। बिजली विभाग की इस कार्यशैली से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा बुरी तरह प्रभावित हुई  है जिसको लेकर वे कोर्ट जायंगे और बिजली विभाग पर मानहानि का मुकदमा दर्ज करेंगे। जिन 24 ट्रांसफार्मरों को चोरी के बता रहा है वह सभी उत्तर प्रदेश के निवासियों के नाम पर हैं जिनके वे सभी यू पी बिजली विभाग में बिल अदा कर रहे हैं। अगर बिजली चोरी की बात आती है तो इसमें शामिल लाइन मैन और जेई की मिलीभगत की जांच करे विभाग और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। 

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