हरियाणा प्रदेश के किसानों को फसल विविधिकरण अपनाना चाहिए: जयप्रकाश दलाल

चंडीगढ़(Abtaknews.com)18जुलाई,2020: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रशिक्षण संस्थानों में युवाओं के लिए ऐसे कोर्स शुरू करें जिससे वे सीखकर बागवानी के क्षेत्र में देश ही नही बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसर हासिल कर सके। उन्होंने आईलट्स की भी व्यवस्था प्रशिक्षण संस्थानों में करने के लिए कहा।
         कृषि मंत्री आज करनाल जिला के गांव उचानी में स्थित बागवानी के प्रशिक्षण संस्थान में करीब 14 लाख 50 हजार रूपये की लागत से बने सम्मेलन सभागार का उद्घाटन करने के उपरांत बागवानी विभाग के अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर मंत्री ने मधुमक्खी विशेषज्ञ डॉ. बिल्लू यादव द्वारा लिखी गई पुस्तक का विमोचन भी किया।
         इस अवसर पर कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल ने बागवानी विभाग के माध्यम से चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिए कि इन योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होज्यादा से ज्यादा किसानों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे और बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा मिले। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कृषि विभाग की तर्ज पर बागवानी विभाग के विशेषज्ञ भी रेडियो पर वार्तालाप करें और बागवानी से जुड़े किसानों की समस्याओं का समाधान करें ताकि किसान समृद्ध हो तथा देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
         कृषि मंत्री ने पत्रकारों से वार्तालाप करते हुए कहा कि 20 से 25 वर्षो के बाद दूसरे देशों से आए हुए टिड्डी दल द्वारा हमला किया गया हैलेकिन भारत सरकार व हरियाणा सरकार द्वारा इस स्थिति पर नियंत्रण के लिए काफी कारगर कदम उठाए जा रहे है। हरियाणा में टिड्डी दल के द्वारा ज्यादा नुकसान नहीं किया गया है लेकिन फिर भी किसानों को सावधान रहने की जरूरत है। सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में दवाई तथा अन्य आवश्यक प्रबंध किए गए है ताकि किसान को नुकसान से बचाया जा सके।
         मंत्री ने कहा कि किसानों को फसल विविधिकरण अपनाना चाहिए। इससे किसानों की आमदनी दोगुना बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि धान की बिजाई पर सरकार द्वारा प्रतिबंध नहीं लगाया गया है बल्कि पानी को बचाने के लिए धान की जगह किसानों को मक्काबाजरातलहनदलहन व कपास की खेती करने की सलाह दी जा रही है। इन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किसानों को खाद व बीज की सुविधा के अलावा नकद प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
         इस अवसर पर कृषि मंत्री को विभाग द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों के बारे में अवगत करवाते हुए बताया गया कि उद्यान प्रशिक्षण संस्थान उचानी में किसानों को बागवानी की नवीनत्तम तकनीकों से प्रशिक्षित किया जाता है।
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चंडीगढ़,18 जुलाई। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जयप्रकाश दलाल ने कहा कि प्रदेश में इजराईल के साथ मिलकर बागवानी के क्षेत्र में हरियाणा नई तकनीक पर काम कर रहा है।
इस नवीनतम तकनीकी को अपनाकर हरियाणा में अलग-अलग जिलों में फल-सब्जी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलैंस तैयार किए गए है और आने वाले कुछ समय में 3-4 सेंटर ओर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में किसानों की आय में इजाफा करने के लिए बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार  बागवानी पर सबसीडी भी मुहैया करवा रही है और वह दिन दूर नहीं जब हरियाणा बागवानी के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर होगा।
         कृषि मंत्री शनिवार को कुरुक्षेत्र जिला में स्थित सेंटर फॉर सब-ट्रॉपिकल फ्रूटलाडवा में उद्यान विभाग हरियाणा की तरफ से लगाए गए 5 दिवसीय फल उत्सव के उदघाटन समारोह में बोल रहे थे। इससे पहले कृषि मंत्री ने विधिवत रुप से 18 से 22 जुलाई तक चलने वाले फल उत्सव का शुभारम्भ किया। इस दौरान कृषि मंत्री ने आम का पौधा लगाया और पैदल घूमकर 30 एकड़ भूमि पर लगे आमआडूआलु बुखारानाशपातीअमरुदअनार के फलों का निरीक्षण भी किया।
         कृषि मंत्री ने वेबिनार के जरिए प्रदेश के किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बागवानी विभाग की तरफ से कई सालों से पिंजौर में आम मेले का आयोजन किया जाता रहालेकिन इस बार इस मेले को आम के खेतों तक लेकर आए है और लाडवा के सेंटर फॉर सब-ट्रॉपिकल फ्रूट सेंटर में पहली बार फल उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस फल उत्सव को एक फल तक ही सीमित न रखकर इस बार आमलीचीअमरुदअनारनाशपती को प्रत्येक दिन एक-एक फल पर आधारित मेले का आयोजन किया जा रहा है।
         उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण फल उत्सव में सोशल डिस्टैंस के नियमों की पालना करते हुए बहुत कम किसानों को आमंत्रित किया गया है और इस फल उत्सव को वेबिनार के जरिए किसानों के साथ जोड़ा गया है। इस देश में जब से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बागडोर सम्भाली हैतब से तमाम नीतियां किसानों को फोकस रखकर तैयार की जा रही है। प्रदेश में किसानों की आय को दौगूना करने के लिए फसल विविधिकरण को अपनाते हुए बागवानीडेयरीदूधमछली उत्पादन पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इस प्रदेश में पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट के लिए ऋण मुहैया करवाया जा रहा है।
         कृषि मंत्री ने कहा कि  बागवानीडेयरीमत्स्य पालन जैसे व्यवसायों के लिए कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाए जा रहे है और सरकार का लक्ष्य है कि एक साल में 10 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जाए।
         उन्होंने कहा कि पानी को बचाने के लिए सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई पर ज्यादा ध्यान दिया है और इसके लिए 1 हजार करोड़ रुपए का बजट भी तय किया है। इस प्रदेश में एक-एक बूंद से सिंचाई की जाएगी और इजराईल की तर्ज पर कम पानी से खेती की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री  मनोहर लाल ने किसानों के जोखिम को कम करने के लिए कई योजनाओं को लागू किया है, 5 एकड़ तक भूमि वाले किसानों के खाते में 6 हजार रुपए प्रतिवर्ष प्रति परिवार जमा करवाने का फैसला कियाइस राशि से फसल बीमा भी किया जाएगा। इतना ही नहीं हरियाणा देश का पहला राज्य है जहां पर 50 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया जबकि पूरे देश में डेढ़ करोड़ पशुओं को टीके लगाए गए। इस प्रदेश में मुंहखुर की बिमारी को समाप्त किया गया।
         उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 से 6 लाख पशु पालकों को पशुधन क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे और इस कार्ड पर पात्र व्यक्ति को 1 लाख 80 हजार रुपए का ऋण बिना किसी गारंटी के मुहैया करवाया जाएगा।

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