यूजीसी के नए दिशानिर्देशों पर छात्रों में नाराजगी, लिखी चिट्ठी

 
फरीदाबाद (Abtaknews.com)10जुलाई,2020:कोरोना महामारी में परीक्षा न कराने को लेकर छात्रों की मांग को हरियाणा सरकार ने तो मान लिया लेकिन केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की सिफारिश पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रो को बड़ा झटका दिया है। यूजीसी द्वारा जारी किये गए नए दिशानिर्देशों के अनुसार अब विश्वविद्यालयों को अंतिम वर्ष और बैकलॉग परीक्षाओं को कराना अनिवार्य है।

राज्य सरकार द्वारा मास प्रमोशन की घोषणा होने के बाबजूद यूजीसी के दिशानिर्देशों के खिलाफ छात्रों में नाराजगी है। अपनी नाराजगी और समस्याओं को पत्र के माध्यम से यूजीसी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने भी रखा गया है। छात्र संगठन वर्ल्ड स्टूडेंट यूनियन द्वारा लिखे पत्र में छात्रों की समस्या और समाधान के बारे में बताते हुए मंत्रालय को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए आग्रह किया गया है

छात्र नेता आशीष राजपूत ने बताया कि पत्र में संगठन ने लॉकडाउन के कारण मानसिक तनाव, होस्टल छात्रों के पास पाठ्य सामग्री न होना, यातायात व्यवस्था का न चलना, वायरस का हवा के जरिये फैलना, बिना लक्षण के पॉजिटिव केस का मिलना, विश्वविद्यालयों के पास संसाधनों की कमी समेत कई मुख्य समस्यायों को सामने रखा गया है। 

संगठन ने मांग की है कि विभाग अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और राज्य सरकारों को अपन स्तर पर फैसले लेने की स्वतंत्रता दी जाये। इसके साथ ही ऑफ़लाइन परीक्षा का आयोजन न हो, अगले सेशन का सिलेबस कम किया जाये, जरूरी होने पर असाइनमेंट वर्क प्रणाली को अपनाया जाये, जैसी मांग भी शामिल हैं।

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