हरियाणा राज्य को ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस रैंकिग में उतर भारत में प्रथम और भारत में तीसरा स्थान प्राप्त : मनोहर लाल

चण्डीगढ़(Abtaknews.com)1जुलाई,2020:हरियाणा राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने व युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के उदेश्य के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) द्वारा आईएमटी  सोहना व आईएमटी खरखौदा में 4000 से अधिक प्लाटों के आंबटन का कार्य प्रक्रियाधीन हैं और इन औद्योगिक प्लाटों के लिए आईएमटी मानेसर में 1500 एकड़ भूमि व खरखौदा में 3000 एकड़ भूमि ली गई है।  
यह जानकारी आज यहां एचएसआईआईडीसी के मनेजिंग डायरेक्टर ने श्री अनुराग अग्रवाल ने जापानी कंपनियों के साथ भारत के उतरी राज्यों में निवेश के अवसर पर वेबिनार में हरियाणा की तरफ से दी। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने 1 हजार 100 विकसित प्लॉटों के साथ 34 औद्योगिक एस्टेट विकसित किए हैं, जोकि 450 वर्ग मीटर से लेकर 4,000 वर्ग मीटर तक के आईएमटी फरीदाबाद, आईएमटी बावल, आईएमटी माणकपुर, आईई पानीपत, उद्योग विहार गुरुग्राम में उपलब्ध हैं।
श्री अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा भारत के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुॅच प्रदान करता है। राज्य को ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस रैंकिग में (डीआईआईपीटी,वल्र्ड बैंक) उतर भारत में प्रथम और भारत में तीसरा स्थान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 7 परिचालन विशेष आर्थिक क्षेत्र हैं जो 10 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करते हैं और 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा 2 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों, व्यापक-प्रसार  के लिए रेल और सडक़ नेटवर्क, 9 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, 3 कंटेनर माल स्टेशनों और 8 निजी मालवाहक टर्मिनलों तक पहुंच प्रदान करके औद्योगिक क्षेत्रों को अधिक मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा देश में पूंजी उत्पाद, उत्खनन में 80 प्रतिशत और क्रेन के निर्माण में 52 प्रतिशत की भागीदारी रखता है। इसके अलावा, राज्य का मानेसर-बावल क्षेत्र में पूंजीगत उत्पाद के निर्माण के समर्पित है। उन्होने बताया कि पूरा राज्य एक प्रमुख औद्योगिक कोरिडोर (दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कोरिडोर, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर और कुंडली- मानेसर - पलवल एक्सप्रेसवे) द्वारा कवर किया गया है, और औद्योगिक इकाइयों को उपभोग हब और बंदरगाहों से जोड़ता है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि जेट्रो द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, भारत में पंजीकृत जापानी कंपनियों की संख्या 2006 में 267, 2017 में 1369 और 2018 में  बढक़र 1441 कंपनिया हो गई। इन 1441 कंपनियों (2017 में 1369 कंपनियां), 393 कंपनियां (2017 में 340 ) हरियाणा से संबंधित है जो कि देश में जापानी कंपनियों  का 27 प्रतिशत से अधिक है। भारत में कंपनियों की उच्चतम विकास दर हरियाणा में है, जोकि देश की 5.26 प्रतिशत वृद्वि दर के मुकाबले 15.6 प्रतिशत है। 
उन्होंने कहा कि हरियाणा की उद्यम प्रोत्साहन नीति, 2015 में निवेशकों को 75 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन, स्टांप ड्यूटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, 100 प्रतिशत बिजली शुल्क में छूट के साथ-साथ रोजगार सृजन सब्सिडी जैसी वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे है। राज्य के पास कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, आईटी और ईएसडीएम, लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग, वस्त्र और फार्मास्युटिकल क्षेत्र के लिए क्षेत्र विशेष समर्पित नीतियां हैं।

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