नितिन गडकरी ने हरियाणा में 20,027 करोड़ की विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं को किया समर्पित, मनोहर लाल ने जताया आभार

चंडीगढ़(Abtaknews.com)14जुलाई,2020: केन्द्रीय सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग और सूक्ष्मलघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) मंत्री नितिन गडकरी द्वारा राज्य में 20,027 करोड़ रुपये के नए आर्थिक गलियारे के हिस्से के रूप में विभिन्न राजमार्ग परियोजनाओं को समर्पित करने के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के संबंध में पड़ौसी राज्य पंजाब के साथ लंबे समय से लंबित मुद्दे को हल करने में उनका  हस्तक्षेप मांगा ताकि हरियाणा को नदी के पानी का वैध हिस्सा मिल सके।
          श्री मनोहर लाल ने यह बात आज यहां केंद्रीय सडक़ परिवहनराजमार्ग और एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी द्वारा वेब आधारित समारोह के माध्यम से 11 हाईवे परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के उपरांत कही। श्री मनोहर लाल ने श्री नितिन गडकरी से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार के समक्ष एसवाईएल मुद्दे पर हस्तक्षेप करें और हरियाणा के हित में इस लंबे समय से लंबित मुद्दे के शीघ्र समाधान में योगदान दें।
इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटालासहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लालसांसद श्री धर्मबीर सिंह उपस्थित थे और इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विजखेल मंत्री श्री संदीप सिंहसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री ओमप्रकाश यादवअन्य सांसद और विधायक वेब लिंक के माध्यम से समारोह में शामिल हुए।
          इससे पहलेश्री नितिन गडकरी ने 2240 करोड़ रुपये की तीन बड़ी सडक़ परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इनमें 1183 करोड़ रुपये की लागत से एनएच 334बी की 35.45 किलोमीटर की 4-लेन रोहना/हसनगढ़ से झज्जर, 857 करोड रूपए की लागत से 70 किलोमीटर लंबी एनएच 71 से पंजाब-हरियाणा बॉर्डर जींद सैक्शन की 4-लेन की सडक और 200 करोड रूपए की लागत से एनएच 709ए पर पेव्ड शोल्डर सहित जींद-करनाल हाइवे की दो लेन की 85.36 किलोमीटर की सडक शामिल है। 
         श्री गडकरी ने 17787 करोड़ रूपए की लागत से सडक़ परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें 8650 करोड़ रूपए की लागत से पैकेज में एनएच 152डी पर इस्माइलाबाद से नारनौल तक लेन का 227 किलोमीटर लंबा एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रैसवे, 1524 करोड रूपए की लागत से एनएच 352डब्ल्यू का लेन का 46.11 किलोमीटर लंबा गुरूग्राम पटौदी- रेवाड़ी सैक्शन, 958 करोड़ रूपए की लागत से लेन का 14.4 किलोमीटर रेवाडी वाईपास, 1057 करोड़ रूपए की लागत से एनएच 11 का लेन का 30.45 रेवाड़ी -अटेली मण्डी सेक्शन, 1380 करोड रूपए की लागत से एनएच 148बी पर लेन का 40.8 किलोमीटर नारनौल बाईपास व एनएच 11 का लेन का नारनौल से अटेली मण्डी सैक्शन, 1207 करोड रूपए की लागत से एनएच 352ए का 40.6 किलोमीटर लंबा लेन जींद-गोहाना (पैकेज -1, ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट), 1502 करोड़ रूपए की लागत से एनएच 352ए का 38.23 किलोमीटर लंबा लेन गोहाना-सोनीपत सैक्शन, 1509 करोड़ रूपए की लागत से एनएच 334बी का 40.47 किलोमीटर लंबा लेन यूपी-हरियाणा सीमा से रोहना तक की परियोजनाएं शामिल है। 
          इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अगले दो वर्षों में हरियाणा में नई सडक़ों के निर्माण पर दो लाख करोड़ रुपये खर्च करेगा। उन्होंने कहा कि 20,027 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाएंजो उन्होंने आज हरियाणा के लोगों को समर्पित की हैंदेश के पश्चिमी हिस्से और पंजाबहिमाचल प्रदेशउत्तराखंडउत्तर प्रदेश और जम्मू और कश्मीर के पड़ोसी राज्यों में बेहतर सडक़ संपर्क के माध्यम से राज्य में विकास के नए द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि इन सडक़ों परियोजनाओं के अलावा, 687 किलोमीटर लंबा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे जो कि हरियाणा के जींद से गुजरता हैराज्य को भी बड़े पैमाने पर लाभान्वित करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर पर खर्च होने वाले एक लाख करोड़ रुपये में से हरियाणा में 55,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
          नवीनतम तकनीक अपनाने के माध्यम से देश में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए श्री गडकरी ने कहा कि विकास के लिए केंद्र सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भारत को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए आह्वान किया है और इस सोच को प्राप्त करने के लिए चार कारक हैं जिनमें जलबिजलीउद्योग और सामंजस्य शामिल हंै।
          श्री गडकरीजो केंद्रीय एमएसएमई मंत्री भी हैंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल से एग्रो एमएसएमई की अलग योजनाएं बनाने का आग्रह कियाजिससे केंद्र सरकार द्वारा अगले दो वर्षों में लाख करोड़ की एमएसएमई अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सके। उन्होंने हरियाणा को इन योजनाओं के निर्माण में सभी आवश्यक सहायता और सहयोग देने का आश्वासन भी दियाजो गांवों के औद्योगिक विकास को सुनिश्चित ही नहीं करेगा बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी प्रदान करेगा। श्री गडकरी ने कहा कि उनका उद्देश्य आने वाले वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र में करोड़ नई नौकरियों का सृजन करना है।
         हरियाणा के मेहनती किसानों की सराहना करते हुए श्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र देश में एथेनॉल की एक लाख करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था को बनाने पर विचार कर रहा है जिसमें हरियाणा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि इस एक लाख करोड़ रूपए का सीधा फायदा देश के कृषक समुदाय को होगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथडीजल की बजाए बायो सीएनजीइथेनॉल पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है क्योंकि यह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने में मदद करेगा।
          केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री श्री महोहर लाल से दिल्ली-मुंबई कोरिडोर पर नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने का भी आग्रह किया और कहा कि केंद्र इस काम में हरियाणा को हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
          केंद्रीय सडक़ परिवहनराजमार्ग और एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी को 11 राजमार्ग परियोजनाएं हरियाणा को समर्पित करने हेतू धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि यह सडक़ परियोजनाएं राज्य में अवसंरचनात्मक और आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 53,000 करोड़ रुपये की विभिन्न सडक़ परियोजनाएं प्रगति पर हैंजो न केवल राज्य के भीतर बल्कि देश के अन्य हिस्सों के साथ भी सहज संपर्क प्रदान करेंगी।
         उन्होंने कहा कि हरियाणा को औद्योगिकीकरण के मामले में कहीं बेहतर माना जाता है और यह निवेश के लिए उद्यमियों का एक पसंदीदा स्थान बन गया है। इसका कारण हरियाणा की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से निकटता और बेहतर सडक़रेल और हवाई संपर्क है। राज्य को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे से भी काफी फायदा हो रहा है।
         उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) और रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में लगभग 944 करोड़ रुपये की लागत से 47 नए आरओबी/ आरयूबी का निर्माण किया गया हैजबकि 1366 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ 52 आरओबी /आरयूबी पर काम चल रहा है। इसके विपरीतपिछले 48 वर्षों में राज्य में केवल 64 आरओबी/आरयूबी का निर्माण किया गया था। इसके अलावाराज्य सरकार ने प्रदेश में 17 टोल बैरियरों को भी हटा दिया है।
         श्री मनोहर लाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना -के तहत 2500 किलोमीटर लंबी सडक़ों के सुदृढ़ीकरण के कार्य आवंटित किए गए हैंजिसमें से वर्ष 2020-21 में 1000 किलोमीटर लंबी सडक़ों के सुधार के लिए योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के पिछले साढ़े पांच साल के कार्यकाल में 29,406 किलोमीटर लंबी सडक़ का सुदृढ़ीकरण किया गया है।
          राज्य सरकार के अधिकारियों और एनएचएआई के अधिकारियों के बीच नियमित रूप से बैठकों की आवश्यकता पर जोर देते हुए विभिन्न परियोजनाओं को फास्ट ट्रैक रोड परियोजनाओं के लिए हल करने हेतू मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय सडक़ परिवहनराजमार्ग और एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी को पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है कि राज्य में सडक़ परियोजनाओं पर काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इसके अलावाउन्होंने पलवल में एलिवेटेड रोड पर काम में तेजी लाने का भी अनुरोध किया है।
          श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य में सूक्ष्मलघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने एक अलग एमएसएमई विभाग बनाया हैै। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 22 जिलों में कलस्टर स्थापित करने के लिए भी एक योजना तैयार की जा रही हैजिसमें लोगों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावाराज्य सरकार ने एमएमएमई सैक्टर में लगे लोगों के लिए शिशु श्रेणी के अंतर्गत मुद्रा ़ऋण उपलब्ध करवाने की भी व्यवस्था की है और यह ऋण पांच लाख लोगों तक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न जल संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
           इस अवसर पर बोलते हुए उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चैटाला ने आज के दिन को एक ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि ये 11 राजमार्ग परियोजनाएं हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने केंद्रीय सडक़ परिवहनराजमार्ग और एमएसएमई मंत्री श्री नितिन गडकरी को इन परियोजनाओं को हरियाणा के लोगों को समर्पित करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि श्री गडकरी के मार्गदर्शन में देश में सडक़ नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। 
         केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल डॉ वी. के. सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 में हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 2000 किलोमीटर थी जो अब बढक़र 3500 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने कहा कि जींद से गुजरने वाले दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे के निर्माण से हरियाणा के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
          केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रमकार्यान्वयन और योजना राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंहकेंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री और जलशक्ति श्री रतन लाल कटारियाकेन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री कृष्ण पाल और एनएचएआई के अध्यक्ष डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने भी इस अवसर पर अपना संबोधन दिया।  
          इस अवसर पर सांसद श्री धर्मबीर सिंहमुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ामुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लरलोक निर्माण (भवन एवं सडकें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकर सहित एनएचएआई व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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