Wednesday, June 3, 2020

‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ आर्थिक पैकेज‘ के लिए हरियाणा उधम सहयोग’ नाम से एक समर्पित पोर्टल शुरू

चंडीगढ़(Abtaknews.com)03जून,2020: हरियाणा में एमएसएमई को आत्मनिर्भर भारत अभियान’ आर्थिक पैकेज के तहत अधिक से अधिक लाभ लेने में सक्षम बनाने के अपने प्रयासों के तहतराज्य सरकार ने ऋण प्राप्त करने के बारे में एमएसएमई की शिकायतें प्राप्त करने के लिए हरियाणा उधम सहयोग’  के नाम से एक समर्पित पोर्टल शुरू किया है।
        उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि देश में कोविड-19 महामारी का आर्थिक प्रभाव काफी हद तक विघटनकारी रहा है। इस महामारी के कारण देशभर में सूक्ष्मलघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने इन उद्योगों को ऋण सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी आत्मनिर्भर भारत अभियान’ आर्थिक पैकेज लॉन्च किया है। इस आर्थिक पैकेज में संशोधित परिभाषाओं के अनुसार खुदरा व्यापारीव्यापारीदुकानदारों आदि समेत सभी एमएसएमई को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इस महामारी द्वारा उत्पन्न चुनौतियों की गंभीरता को समझती है और स्वीकार भी करती है।  इसलिए राज्य के सभी उद्यमियों से अनुरोध है कि वे केन्द्र सरकार के कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और यदि उन्हें ऋण से संबंधित चुनौतियां पेश आती हैं तो वे इस पोर्टल के माध्यम से दर्ज करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि दर्ज की गई शिकायतों की दैनिक आधार पर बैंकों के साथ पैरवी की जाएगी और उनका तेजी से समाधान किया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि उद्यमी एमएसएमई के लिए वित्त संबंधित शिकायतों को उठाने के लिए सरल हरियाणा पोर्टल (https://saralharyana.gov.inपर पंजीकरण करने के बाद शिकायत फार्म भरकर अपनी समस्या को दर्ज करवा सकते हैं।
क्रमांक-2020

चंडीगढ़, 3 जून- हरियाणा संस्कृत अकादमी व श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालयकुरूक्षेत्र के सयुंक्त तत्वावधान में आज यहां अकादमी भवन में संस्कृतसंस्कृति एवं स्वास्थ्य संरक्षण’ विषय पर एक दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 500 लोगों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर संगोष्ठी में श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालयकुरुक्षेत्र के कुलपति डॉ. बलदेव धीमान ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की जबकि अध्यक्षता हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. सोमेश्वर दत्त शर्मा ने की।
डॉ. धीमान ने वर्तमान परिस्थितियों में संस्कृतसंस्कृति एवं स्वास्थ्य संरक्षण के बारे में विस्तार से अपने विचार रखे और कहा कि संस्कृति एवं स्वास्थ्य का परस्पर गहरा संबंध है। अकादमी के निदेशक डॉ. सोमेश्वर दत्त शर्मा ने सम्बन्धित विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व कोरोना जैसी महामारी से त्रस्त है। उन्होंने बताया कि योग आदि उपायों व संतुलित आहार से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय मुन्दड़ीकैथल के कुलसचिव प्रो. यशबीर सिंह ने सारस्वत अतिथि के रूप में भागीदारी करके संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय साहाअम्बाला के संस्कृत विभागाध्यक्षडॉ. सुखबीर सिंह शास्त्री द्वारा मुख्य वक्तव्य दिया गया। भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलांसोनीपत के प्रो. नरेश भार्गव ने प्रमुख वक्ता के रूप में आयुर्वेद पर अपने विचार रखे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शोधार्थी रविदत्त शर्मा ने इस संगोष्ठी का शुभारम्भ वैदिक मंगलाचरण से किया।
क्रमांक-2020
जंगबीर सिंह


चंडीगढ़, 3 जून- हरियाणा सरकार ने कोविड-19 की रोकथाम के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के दिशा-निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में खेल परिसरों और स्टेडियमों में खेल प्रशिक्षण तथा अन्य संबंधित गतिविधियों की अनुमति दी है।
        खेल एवं युवा मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि चूंकि रात्रि कफ्र्यू के कारण रात 9:00 बजे से प्रात: 5:00 बजे के बीच लोगों की आवाजाही पर सख्त प्रतिबंध हैइसलिए प्रशिक्षुओं को केवल प्रात: 5:00 बजे के बाद तथा रात 9:00  बजे से पहले ही प्रशिक्षण या अभ्यास की अनुमति होगी।
        उन्होंने बताया कि जिम्नेजियम और स्वीमिंग पूल को किसी भी परिस्थिति में खोला नहीं जाएगा। प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करते समय गर्मी की स्थितियों को ध्यान में रखना होगा। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षुओं/प्रशिक्षकों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो। इसके अलावाखेल स्टेडियमों व परिसरों में दर्शकों की अनुमति नहीं होगी तथा अगले आदेशों तक इनमें किसी भी स्पर्धा या समारोह की भी अनुमति नहीं दी जाएगी।
        प्रवक्ता ने बताया कि सभी जिला खेल एवं युवा मामले अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाए। आवश्यकतानुसार प्रत्येक जगह पर सैनिटाइजर उपलब्ध करवाया जाए और सभी अधिकारियोंप्रशिक्षकों और प्रशिक्षुओं ने मास्क पहने हुए हों। उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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