हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए पुख्ता प्रबंध: मनोहर लाल

चंडीगढ़(Abtaknews.com)14जून,2020:हरियाणा सरकार द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए ऐतिहातिक कदमों एवं प्रबंधों के चलते राज्य में पीडि़त रोगियों में रिकवरी की दर काफी हद तक ठीक है। पिछले 2 सप्ताह में 1748 रोगी ठीक हुए हैं। कल तक राज्य में कुल 6749 सक्रिय मामले में से 2803 रोगियों ने रिकवरी की है और 78 रोगियों को बचाया नहीं जा सका।
स्वास्थ्य विभाग  के अतिरिक्त मुख्य सचिवश्री राजीव अरोरा  ने  बताया कि राज्य सरकार ने विभिन्न मुद्दों पर टेलीफोन कॉल करके होम आइसोलेशन में रह रहे मामलों में फीडबैक लेने की पहल शुरू की हैजैसे कि उनको नियमित स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धताहोम आइसोलेशन के दौरान उनको दिए गए सभी दिशानिर्देशों की पालना की जा रही है। किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैस्वास्थ्य विभाग से किस प्रकार का सहयोग चाहिएक्या वे दवाई ले रहे हैंमास्क पहन रहे हैंसैनेटाइजेशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन सब मामलों के समाधान के लिए हरियाणा हेल्पलाइन नंबर 1075 की सेवाएं आरंभ की गई हैं। कुछ कॉलिंग एजेंट विशेष रूप से इन मामलों को कॉल करने के लिए रखे गए हैं      
         उन्होंने बताया कि कॉल सेंटर 1075 के माध्यम से उनकी भलाई के बारे में घर से अलगाव के मामलों की प्रतिक्रिया लेने जारी रहेगी। सभी होम आइसोलेटिड मामलों में लोगेां से अनुरोध किया जाता है कि वे घर पर अपने निर्दिष्ट कमरे में रहेंघर से बाहर न आएंट्रिप्पल लेयर मास्क पहनेंघर में सामाजिक दूरी (2 गज की दूरी) बनाए रखेंश्वसन शिष्टाचारलगातार हाथ स्वच्छता का पालन करने और सभी दवाएं लें तथा अपने लक्ष्णों के बारे स्वास्थ्य विभाग को नियमित रूप से अपडेट करें।
         उन्होंने कहा कि न केवल उनसे फीडबैक लिया जा रहा है बल्कि उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जा रहा है। कोविड-19 से संबंधित उनके तनाव और चिंता को कम करने के लिए आगे मनोवैज्ञानिक परामर्श दिया जा रहा हैजो कि कोविड-19 महामारी के समय की जरूरत भी है
         उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अगले 3 महीनों के लिए कॉल सेंटर 1075 के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित परामर्श देने के लिए ई-साइक्लिनिक (अनुभवी और योग्य मनोवैज्ञानिकों का एक मंच) के साथ अनुबंध किया है।
         उन्होंने बताया कि अब तक स्वास्थ्य और गैर-स्वास्थ्य से संबधित कुल 441270 कॉल की जा चुकी हैंजिनमें से 149843 स्वास्थ्य कॉल्स, 121752 कोरोना संबंधित कॉल और 28091 टेलीमेडिसिन के लिए कॉल की गई। इसी प्रकार 291427 गैर स्वास्थ्य शिक्षाखाद्य आपूर्तिश्रमिकों का पंजीकरणअन्य पूछताछ जैसे कि आरोग्य सेतु ऐपपंचायत ग्रामपेंशनपुलिसपरिवहन- माल एवं वस्तु और लोगों के आवागमन आदि से संबंधित थी।
-------------------------- 
चंडीगढ़, 14 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर प्रदेश के लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आएं क्योंकि रक्तदान एक महादान है और समय पर उपलब्ध कराया गया रक्त किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकता है।
         आज यहां जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ कुछ गैर सरकारी संगठन व सामाजिक संस्थान समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं। मानवता के नाते हर किसी को ऐसे नेक कार्य के लिए आगे आना चाहिए। कोरोना काल में स्वेच्छा से रक्तदान का महत्व और बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करता रहता हैउसे समाज में एक अलग तरह का सम्मान मिलता है तथा वह युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी बन जाता है।
----------‐----------------
चण्डीगढ़14 जून- जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयवाईएमसीएफरीदाबाद आगामी शैक्षणिक सत्र से पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) स्तर पर विज्ञान विषय के चार नये पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय द्वारा नये जीव विज्ञान विभाग का गठन किया गया है तथा विभाग के अंतर्गत आगामी शैक्षणिक सत्र से बायो-टेक्नोलॉजीमाइक्रोबायोलॉजीबॉटनी और जूलॉजी में चार नए विज्ञान पाठ्यक्रम शुरू किये जा रहे है। सभी दो वर्षीय एमएससी डिग्री कोर्स 20-20 सीटों के साथ शुरू किये जा रहे है।
         इस आशय का निर्णय इन विषयों के बढ़ते महत्व और इसमें कैरियर के विकल्पों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके अलावाविश्वविद्यालय ने एनर्जी और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में इंटर-डिसिप्लिनरी दो वर्षीय एमटेक डिग्री कोर्स भी शुरू करने का निर्णय लिया है।
         इस संबंध में जानकारी देते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने बताया कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग के खतरे ने पर्यावरण इंजीनियरों के महत्व को बढ़ा दिया है। इस प्रकारएनर्जी और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हुई है। खननभूवैज्ञानिकरासायनिक और पेट्रोलियम क्षेत्रों में अधिक से अधिक प्रोफेशल्स की आवश्यकता है। साथ हीसतत विकास की दिशा में काम कर रही सरकारी एजेंसियों तथा विभागों के साथ-साथ अनुसंधान क्षेत्र में पर्यावरण इंजीनियरों के लिए रोजगार की संभावनाएं उज्ज्वल हैं।
         इस प्रकारएनर्जी और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में इंटर-डिसिप्लिनरी एमटेक डिग्री कोर्स को क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर विकल्पों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया जा रहा है। इसी तरहजैव-प्रौद्योगिकीमाइक्रोबायोलॉजीवनस्पति विज्ञान और जूलॉजी का प्रभाव कई क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा हैजिसमें वैज्ञानिक अनुसंधानफार्मास्यूटिकल्सरसायनपर्यावरणकृषिवैज्ञानिक, स्वास्थ्य और औद्योगिक अनुप्रयोग शामिल हैं।
         कोविड-19 महामारी के बाद पर्यावरणस्वास्थ्य और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में अधिक शोध कार्य की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस प्रकारनए पाठ्यक्रम को शामिल करने के साथ विश्वविद्यालय का उद्देश्य रोजगार के संभावित क्षेत्रों में अवसरों का लाभ उठाना तथा अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कुशल कार्यबल उपलब्ध करवाना है।
         कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने कहा कि नये पाठ्यक्रमों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यकता अनुसार शिक्षकों की भर्ती भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है तथा विगत चार वर्षों के दौरान नये क्लासरूमलैब तथा अन्य सुविधाएं विकसित की गई है। इसके अलावाएक नया विज्ञान ब्लॉक भी निर्माणाधीन हैजो जल्द बनकर तैयार हो जायेगा और नए पाठ्यक्रमों की आवश्यकता को पूरा करेगा।

No comments

Powered by Blogger.