जिद्दी व जूनूनी मनोज यशवंत ने पढाई के लिये इकट्ठा की रकम जरूरतमंद एवं बेजुबानो पर कर दी खर्च

फरीदाबाद-18जून( दुष्यंत त्यागी ) किसी भी तरह की चाहत कुर्बानी मांगती हैं। कुछ हासिल करने के लिए बहुत कुछ खोना पड़ता हैं। यह सब तभी होता है जब आप एक उद्देश्य को लेकर अपनी मंजिल की ओर चल देते हो।जो ठान लिया वो मिलकर रहेगा चाहे कितनी ही मुश्किलें आएं। थोड़ा समय लग सकता है लेकिन सफलता जरूर मिलेगी क्योंकि भगवान के यहां देर हो सकती है लेकिन अंधेर नहीं। कौशिक करने वालों की कभी हार नहीं होती यह अटल सत्य है। इन्ही तमाम बातों से प्रेरित हुआ शहर फरीदाबाद का युवा मनोज यशवंत।  जिद्दी और जूनूनी मनोज यशवंत ने दिहाडी मजदूरी कर पढाई के लिये इकट्ठा की रकम को जरूरतमंद एवं बेजुबानो पर कर दिया खर्च  जनता कर्फ्यू से लेकर अनलॉक वन तक आपने कई ऐसी तस्वीरें देखी होंगी जिसमे विभिन्न समाजसेवी संगठन एकजुट होकर गरीब और जरूरतमंद लोगो की मदद करते दिखायी दे रहे थे। इन सभी तस्वीरों से परे हटकर एक युवक अपने दम पर कुछ ऐसा कर जाता है जिसके बारे में सुनकर आप भी इस छात्र की तारीफ करते नहीं थकेंगे। फरीदाबाद के रहने वाले युवक मनोज यशवंत ने पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए जमा किये हुए पैसो को जरूरतमंद लोगो और बेजुबान जानवरो की सेवा में लॉक डाउन के दौरान लगा दिया। इस युवक ने अपनी पढाई के लिए जो पैसा जमा किया हुआ था वह पैसा उसने दिहाड़ी मजदूरी करके जुटाया था। 
एनआईटी 86 विधानसभा के स्लम क्षेत्र में लॉक डाउन के दौरन समाजसेवी संगठन भी मदद नहीं पहुंचा सके।  लेकिन ऐसे ही लोगो की मदद ऐसे युवक ने की जो ना केवल छात्र है बल्कि दिहाड़ी मजदूरी करने वाला मजदूर भी है।  जिसने अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की पढाई के लिए मजदूरी के पैसे इकठ्ठा किया था।  दिहाड़ी मजदूरी के माध्यम से लगभग 45 हजार रूपये मनोज ने अब तक कमाए थे जिसे उसने अपनी पढाई के लिए बचाकर रखे थे। लेकिन लोगो को जब उसने अपने आस पास के गरीब मजबूर लोगो को लॉक डाउन की स्तिथि से गुजरते देखा तो उसने अपनी पढ़ाई के लिए जमा की हुई राशि से लोगो की मदद करना शुरू कर दी जिसके तहत उसने कच्चे राशन से लेकर पका हुआ खाना जरूरतमंदों को मुहैया करवाया।  वहीँ बेजुबान जानवरों के लिए भी दूध और चारे का प्रबंध मनोज यशवंत ने करवाया।  इसके अलावा आज भी वह फेस मास्क खरीदकर लोगो में बाँट रहा है और जागरूक कर रहा है।  
जरूरतमन्दी लोगो की मदद करने वाले छात्र मनोज यशवंत ने संवाददाता को बताया की 23 मार्च से लेकर 31 मई तक लॉक डाउन के चलते जिन गरीब जरूरत मंदों को मदद चाहिए थी उन्हें राशन देकर मदद की है.  वहीँ उसने बताया की यह मदद उसने अपनी पढाई के पैसो से की है। उसने बताया की वह एक छात्र है और उसकी ग्रेजुएशन एमडीयू से हो रही है वहीँ आगे की पढाई के लिए उसने कुछ पैसा दिहाड़ी मजदूरी के लिए इकठ्ठा किया था। लेकिन अचानक से लॉक डाउन हो जाने के चलते उसने देखा की गरीब लोगो को राशन की परेशानी हो रही है जिसके बाद उसने दिहाड़ी मेहनत से कमाई हुई पूरी राशि ऐसे लोगो के लिए लगा दी हो लॉक डाउन के चलते भूखे मरने के कागार पर थे।  वहीँ उसने बताया की जरूरतमंद लोगो की मदद करते हुए उसने बेजुबान जानवरो का भी ख्याल रखा चाहे वह गलियों में घूमने वाले जानवर हो उन्हें दूध पिलाया वहीँ गौ माता को चारा भी खिलाया है।  उसने कहा की उसे बेहद खुशी महसूस होती है की वह इस महामारी के वक्त जरूरतमंदो के काम आया।  हालांकि उसका तमाम बेलेंस खत्म हो गया लेकिन अगर आगे भी उससे जो बन पड़ेगा वह लोगो की सेवा के लिए लगा रहेगा।  वहीँ उसने लोगो से भी अपील की है की जिस तरह से उसने लोगो की सेवा की वहीँ अन्य लोग भी जरुरत मंदों की मदद करें।  उसने कहा की जिस तरह से आज मोबाइल फोन हमारी अहम् जरूरत बन गया है इसी तरह मास्क , सेनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर इस महामारी से जंग जीत लें।

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