Thursday, June 11, 2020

पलवल में योग से सिखा रहे प्राण शक्ति बढ़ाने की जीवन शैली, जागरूकता से ही कोरोना से जीतेगा देश

पलवल(Abtaknews.com)11 जून,2020:जिला आयुष अधिकारी डा. जसवीर अहलावत के मार्गदर्शन में आयुष चिकित्सकों की टीम जगह-जगह आयुर्वेदिक दवाओं व स्वस्थ खानपान के बारे में लोगो को जागरूक कर रही हैं। नागरिक अस्पताल पलवल के योगाचार्य डा. रामजीत जहां गांवों में योग व प्राणायाम से इम्यूनिटी बढ़ाने के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं वहीं सभी लोगो को योगासन भी सिखा रहे हैं।
डा. रामजीत शलभासन, मयूरासन, गौमुख आसन, ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन व प्राणायाम लोगों को सिखा रहे हैं। उनका कहना है कि यह आसन मनुष्य जीवनीय शक्ति को बढ़ाने में सहायक होते हैं। साथ ही खानपान के बारे में भी लोगों को बताया जा रहा है, जिसमें जीरा, हल्दी, धनिया, काली मिर्च का उचित उपयोग आदि शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर नागरिक अस्पताल के आयुष चिकित्सक डा. पुरेंद्र चौहान की देखरेख में आयुर्वेदिक काढ़ा बनाया जा रहा हैं, जिसे डा. संजीव कुमार कोरोना सैंपल देने वाले लोगों को दे रहे है। यह काढ़ा जिले में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में रह रहे लोगों को भी दिया जा रहा हैं। इसबारे में आयुष चिकित्सा अधिकारी गांव-गांव जाकर लोगों में जागरूकता उत्पन्न कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत डा. राजेश बंसल ने गांव रुंधी, डा. शमीम ने गांव घोड़ी, रामपुरखोर, डा. हमीदुल्ला ने गांव अटोहा, डा. सूरजभान ने गुराकसर, डा. एस.के. वर्मा ने राजपुरा, डा. प्रवीण गोयल ने धतीर, डा. उर्वशी गुप्ता ने गांव टीकरी गुर्जर, डा. राजकुमार ने बघौला, मांदकोल, डा. हेमलता ने गोपीखेड़ा, डा. सुनील ने अमरौली, डा. रफीक ने रामपुर-हसनपुर, डा. प्रवेश अग्रवाल व डा. सतीश शर्मा ने पलवल शहर के वार्ड नंबर-6 और वार्ड नंबर-8.   --------------------------------------
पलवल, 11 जून।सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने कहा कि इस समय जहां पूरा भारत कोरोना के खिलाफ एक जुट होकर लड़ रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ लोग सामाजिक कुरीतियों जैसे प्रसव पूर्व लिंग जांच का कार्य कर बच्ची को गर्भ में ही मारने के कार्य को करने में लगे हुए हैं।
सिविल सर्जन डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने बताया कि ऐसे लोगों को पकडने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक टीम का गठन किया और उस टीम ने छापेमारी कर एक फर्जी डाक्टर को पकड़ा जोकि लडक़ा होने की दवाई देकर लोगों को बेवकूफ बना रहा था। डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने लोगों से आह्वïान किया है कि सभी इन सामजिक कुरीतियों से बचे व लडक़े व लडक़ी में कोई भेद न समझे। सरकार ने लडकियों के लिए अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की हुई है जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि, जिसमें बेटियों को आगे बढाने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने ऐसे लोगों को सख्त शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे निंदनीय कार्य करने वालों पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन की टीम द्वारा पैनी नजर रखी जा रही है और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया की इस प्रकार की रेड भविष्य में भी चलती रहेंगी ताकि जिला में लडक़ा और लडक़ी के आकडे को समान रेश्यो पर लाया जा सके तथा अपने देश-प्रदेश को कामयाबी की बुलंदियों पर ले जाया जा सके।
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पलवल, 11 जून।सिविल सर्जन डॉ ब्रह्मदीप की अध्यक्षता में मलेरिया व डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग मे एक विशेष जिला स्तरीय मलेरिया वर्किंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सभी चिकित्सकों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा जिले में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के बारे में समय रहते हुए उचित कदम उठाने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देश दिए गए, जिससे मलेरिया, डेंगू की बीमारी समुदाय में ना फैल सके।
सिविल सर्जन डा. ब्रह्मदीप ने सभी को मलेरिया व डेंगू की रोकथाम व नियंत्रण से संबन्धित आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सिविल सर्जन ने नोडल अधिकारी मलेरिया को अपने आस-पास पानी एकत्रित ना होने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंदे पानी के तालाबों में काला तेल डलवाएं व छोटे गड्डों को मिट्टी से भरवा दें। सिविल सर्जन ने सभी को अपने आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा।
डा. ब्रह्मïदीप सिंह ने पलवल ने आमजन से अपील है कि सभी लोग पलवल को मलेरिया से मुक्त करने के लिए अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करे, जिसमे प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाएं, जिसमें घरो के टैंक, कूलर व गमलो के पानी को सप्ताह मे एक बार सुखा कर साफ कर ले, घर मे फ्रिज की ट्रे के पानी को साफ कर दे। घरो की छत पर रखे हुए बेकार टायरो या बेकार बर्तनों को हटा दे, ताकि उनमे बारिश का पानी एकत्रित न हो पाए। घरों के आस-पास पानी एकत्रित नही रहना चाहिए क्योकि ठहरे हुए पानी मे ही मच्छर अंडे देता है। इसलिए अगर बिना प्रयोग का पानी है तो उसमे काला तेल डाल दे, जिससे मच्छर का लार्वा पानी मे न पनप सके और  मलेरिया फैलाने वाले मच्छर के प्रजनन पर रोक लग सके।
उन्होंने बताया कि मलेरिया के शुरूआती लक्षणों मे तेज ठंड के साथ बुखार आना, सिर दर्द होना व उल्टी का  आना है। इसलिए कोई भी बुखार आने पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र मे जाकर मलेरिया कि जांच करवाए और अगर जांच मे मलेरिया पाया जाता है तो उसका 14 दिन का इलाज स्वास्थ्यकर्मी की देख-रेख मे करें।
मलेरिया का उपचार व बचाव
कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर अपने नजदीक स्वास्थ्य केन्द्र में तुरन्त रक्त की जांच कराएं। मलेरिया होने पर तुरन्त पूर्ण आमूल उपचार लें क्योकि आमूल उपचार न लेने से मलेरिया बुखार बार-बार होता है। मलेरिया बुखार बार-बार होने से शरीर में खून की कमी हो जाती है जोकि बहुत घातक होती है। घरो में मच्छरनाशक दवाई का छिडकाव करवाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बाजू के कपडें पहनें। घर के आस-पास पानी एकत्रित न होने दे। बरसात का मौसम शुरु होने से पहले घर के आस-पास के गड्डो को मिट्टïी से भर दिया जाए ताकि बरसात का पानी इक_ïा न होने पाए, जिसमे मच्छर पनपते है क्योंकि पानी ठहरेगा जहां मच्छर पनपेगा वहां।

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