पावर हाउस कॉलोनी में खतरे, दहशत के माहौल और राम भरोसे रहते हैं बिजली कर्मचारियों के परिवार


फरीदाबाद(Abtaknews.com)26जून,2020:बिजली निगम की पावर हाउस कॉलोनियाँ कर्मचारियों के रहने के लिये खतरे मात्र कहें या राम भरोसे रह गई हैं । जिनके हालात फिलहाल इतने दयनीय हो चुके हैं । कि किसी भी क्षण ये इमारतें एक हल्के से भूकम्प के झटके तक को सहन नही कर सकेंगी और भरभराकर गिरने को आमादा होंगी । इनमें रहने वाले बिजली कर्मचारियों ने इनकी लाचार दुर्दशा को लेकर अनेकों बार निगम अधिकारियों को आगाह किया व यूनियन के कर्मचारी नेताओं को बताया गया । बल्लभगढ़ के कर्मचारी प्रधान कर्मवीर यादव ने कहा कि ए-5 सीही पावर हाउस कॉलोनी में आज सुबह तड़के मकान नंबर बी-26 कुलानन्द बिजली कर्मचारी के मकान का लेन्टर अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा जबकि गनीमत यह रही कि उसकी बेटी वहाँ छत के नीचे सो रही थी जो कुछ ही क्षण पहले उठकर जागी थी । जो इस हादसे में बाल बाल बची। लेकिन बिजली निगम के अधिकारियों को किसी कर्मचारी के या परिवार जन की जान से क्या वास्ता है कोई जिए या मरे।
ऐसे ही बदतर हालातों से फरीदाबाद की सभी पावर हाउस कॉलोनियाँ जूझ रही हैं । जो कभी भी एक बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं । परन्तु अधिकारी बेपरवाह आँखें मूँदे बैठे हैं । ऐसा लगता है कर्मचारियों के परिवार व कर्मचारी की कीमती जान से उन्हें कोई सरोकार नही । एचएसईबी वर्कर यूनियन ने इन्ही दयनीय हालातों पर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के एक्सईएन एमएल गर्ग को 10 फरवरी 2020 को एजेन्डे के जरिये अवगत कराया है । जिस पर अभी तक एक इन्च मात्र काम अमल में नही लाया गया है । कुछ दिनों पहले 24 अप्रैल 2020 को इसी तरह सेक्टर-18 की ए-4 कॉलोनी के जयभगवान लाइनमैन कर्मचारी के मकान का छज्जा ढह कर उसकी पत्नी के हाथ पर आ गिरा जिससे वह चोटिल हुई । और सीही की ए-5 की मकान नम्बर बी-34 का 10 मई 2020 को किशन सिंह लाइनमैन के छत का लेन्टर टूटकर गिर गया था । उस दौरान भी एक बड़ा हादसा होते होते टला । कंडम पड़ी इन इमारतों में ऐसे ही रहने वाले बिजली कर्मचारियों में सीही ए-5 का मकान नम्बर बी-15 बलजीत एसए, बी-16 वेद प्रकाश शर्मा लाइनमैन, बी-28 सुभाष जेई व बी-38 सियाराम लाइनमैन है । जिनके मकान बिल्कुल खस्ताहाल में अब हो चुके हों । जो आगे कभी भी ऐसे ही हादसों की भेंट चढ़ सकते हैं । यदि समय रहते बिजली निगम अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नही दिया तो स्वभाविक है आने वाले समय कोई बढ़ी दुघर्टना देखने को मिल सकती है । कर्मचारियों की इस परेशानी की नैतिक जिम्मेदारी निगम के आधिकारिक वर्ग की होगी ।

No comments

Powered by Blogger.