हरियाणा में गौकशी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए दोषियों के विरूद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई: मनोहर लाल

चंडीगढ़(Abtaknews.com)16जून,2020:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गौकशी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए दोषियों के विरूद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई करनेजबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए धर्म स्वतंत्रता अधिकार विधेयक पारित करने सहित अल्पसंख्यक हिंदू क्षेत्र की धार्मिक संपदाओं की देखरेख के लिए धर्मादा बोर्ड का गठन करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री आज नूंह दौरे के दौरान जिला लघु सचिवालय सभागार में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आपसी भाईचारे को कायम रखते हुए सामाजिक सद्भाव के साथ सरकार कदम बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौकशी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और दोषियों पर सख्त एवं जल्द कार्रवाई के लिए ऐसे सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अगर गौ रक्षा के लिए सरकार की ओर से बनाए गए गौ संरक्षण एवं गौ संवर्धन कानून में संशोधन करने की आवश्यकता होती है तो उसका भी समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में जबरन धर्म परिवर्तन के मामले सामने आए हैंऐसे में गलत तरीके से धर्म परिवर्तन करने के हथकंडे अपनाने वालों पर धर्म स्वतंत्रता अधिकार विधेयक पारित करते हुए विधेयक अनुसार दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। अल्पसंख्यक हिन्दु क्षेत्रों के लिए सरकार की ओर से धर्मादा बोर्ड का गठन करते हुए हिंदू धार्मिक संपदाओं की देखरेख की जाएगी। यह कार्य संबंधित क्षेत्र के लोगों की मांग अनुसार किया जाएगा।
         मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने पत्रकार वार्ता से पूर्व सभागार में जिला अधिकारियों व विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक भी ली और आमजन से अपील की कि सभी को सदियों से चले आ रहे भाईचारे को मजबूत बनाते हुए सामाजिक सद्भाव को निरंतर बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि देशप्रदेश व समाज हम सभी का है इस बात को हमेशा याद रखने की जरूरत है। शरारती तत्वों द्वारा की गई किसी अप्रिय घटना के लिए पूरे समाज को कोसना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हमेें सोशल मीडिया के प्रयोग के दौरान भी सतर्कता बरतनी चाहिए। सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक दृष्टिकोण से करना चाहिए।

जिला नूंह को मिलेगा यमुना से 100 क्यूसिक पानी
         मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में नूंह जिला में पेयजल समस्या के समाधान की बात कही। उन्होंने बताया कि जिला नूंह के लिए यमुना से केएमपी एक्सप्रेस वे के साथ एक परियोजना तैयार की गई है जिसके माध्यम से नूंह जिला को 100 क्यूसिक पेयजल मिलेगा और इस परियोजना पर करीब 220 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि पेयजल समस्या का समाधान सरकार की ओर से बेहतर तरीके से किया जा रहा है और किसी भी रूप से लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए विभागीय स्तर पर भी योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे से होगा नूंह जिला का औद्योगिक विकास
         मुख्यमंत्री ने कहा कि नूंह जिला के लोगों को अधिक से अधिक रोजगार देने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ाव करने की दिशा में यहां से निकलने जा रहा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे विकास की धुरी साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेस वे पर काम शुरू हो गया है और आने वाले समय में इस एक्सप्रेस वे के साथ ही नूंह जिला में औद्योगिक निवेश की संभावनाएं प्रबल होंगी। उन्होंने बताया कि औद्योगिक इकाईयों का आगमन होने से यहां के लोगों को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही औद्योगिक इकाईयों का आगमन जिला के आर्थिक विकास में भी अहम होगा। उन्होंने बताया कि एमएसएमई का कार्य भी बढ़ेगा।

जिला नूंह में स्थापित होगी आईआरबी बटालियन
         मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा नूंह जिला में आईआरबी बटालियन स्थापित करने की योजना है। गुरूग्राम स्थित आईआरबी बटालियन को नूंह में स्थानांतरित किया जाएगा और गुरूग्राम में एक नई महिला आईआरबी बटालियन स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में कानून संचालन में भागीदारी बेहतर तरीके से होगी।
         इस अवसर पर सोहना से विधायक कंवर संजय सिंहनूंह से विधायक आफताब अहमदपुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियासफिरोजपुर झिरका विधायक मामन खानभाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप आर्यपूर्व विधायक जाकिर हुसैनपूर्व विधायक रहीसा खानपूर्व विधायक नसीम अहमदगौ सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगलाजवाहर यादवहज कमेटी चेयरमैन औरंगजेबनोक्षम चौधरीनरेंद्र पटेलराजकुमार गर्गजाहिद चेयरमैनखुर्शीद राजाका सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
क्रमांक-2020
सत्यव्रत

  
चण्डीगढ 16 जून- हरियाणा के कला एवं सांस्कृतिक मामले मंत्री श्री कंवर पाल  ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि सामाजिक विषयों पर रागिनीनृत्य एवं नाटक व गीतों की प्रतियोगिताएं व प्रशिक्षण दिये जायें ताकि आमजन को जागरूक करने में सहायता मिल सके व कलाकारों को प्रोत्साहित किया जा सके।
         श्री कंवरपाल आज यहां कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
         बैठक में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल ने बताया कि द्वारा राज्य की संस्कृति के संरक्षण,परिरक्षण एवं प्रबंधन के लिए कलश नीति’ बनाई गई है। जिसका मुख्य उद्देश्य हरियाणा की पारंपरिक कलाओं रूपों का ज्ञान और लाभ वर्तमान और भावी पीढियों के मिल सके। इस नीति के तहत प्राचीन एवं सांस्कृतिक विभिन्न कला विधाओं के क्षेत्र में लगभग 1300 कलाकारों को पंजीकृत किया गया है। कलाकारों की सभी अदायगियां आनलाईन माध्यम से की जा रहीं हैं। सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रतीक चिन्ह का प्रक्षेपण फरवरी 2019 में किया गया है तथा विभागीय वैबसाइट भी वर्ष 2019 में बनाई गई है। उन्होने बताया कि विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं व कलाकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए नियम बनाये गये हैं तथा मुख्यालय एवं मंडल स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों को बढावा देने के लिए 153 पदों को सृजन करने का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है।
         बैठक में बताया गया कि हरियणा कला परिषद् द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं व सरकार के मध्य प्रभावी मेलजोल स्थापित किया जाता है। इसके अलावा संगीत,नृत्य तथा नाटक आदि के क्षेत्र में शिक्षा तथा अनुसंधान कार्य को प्रोत्साहित किया जाता है। विभिन्न कला विधाओं पर प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए संस्थाओं की स्थापना करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हरियाणा संस्कृति अकादमी द्वारा सांस्कृतिक परम्पराओं एवं साहित्य गतिविधियों  को बढावा देने के लिए विभिन्न गाष्ठियों व सम्मेलनों का आयोजन किया जाता है।
         बैठक में हरियाणा सरस्वती धरोहर बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विजेन्द्र कुमार ने बताया कि हरियाणा में प्राचीन सरस्वती नदी का पुनरुत्थान करने और इसमें ताजे पानी के नियमित प्रवाह को सुनिश्चित करने हरियाणा सरस्वती धरोहर बोर्ड का गठन किया गया है। जिसका मुख्य उद्देश्य सरस्वती नदी का पुनरोद्धार एवं सरस्वती नदी से जुड़े क्षेत्रों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन एवं तीर्थ स्थल के रुप में विकसित करना व उन क्षेत्रों का भी विकास करना जहॉं सरस्वती नदी के भू-गर्भ में प्रमाण मिलेे हैं। इसके अलावा अन्य सहायक नदियों को भी जोडकर सरस्वती की धारा में जल आपूर्ति करना है।
क्रमांक-2020



चंडीगढ़, 16 जून- कोविड-19 कोरोना महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे प्रबंधों की कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने 642 और चिकित्सा अधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग ने नियुक्ति पत्र जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है।
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री अनिल विज ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मार्च, 2020 की नवीनतम भर्ती की शेष मेरिट सूची से इन चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इस प्रकार पिछले तीन महीनों में कुल 954 चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। मार्च में 312 डॉक्टरों को नियुक्ति के लिए पत्र दिए गए थे।
श्री विज ने बताया कि इस प्रकार विभाग ने 954 चिकित्सा अधिकारियों में से 166 विशेषज्ञ डॉक्टर तथा 788 एमबीबीएस योग्यता वाले डॉक्टर उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही विभाग में काफी हद तक डॉक्टरों की कमी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बड़ी संख्या मे चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र जारी करना विभाग की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा व श्री आलोक निगम इसके लिए बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इस भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चयनित किए गए डॉक्टरों को कहा गया है कि 15 दिनों के अंदर-अंदर अपने विभाग में ज्वाइनिंग करें तथा एकीकृत नियुक्ति पत्र विभाग की वैबसाईट पर अपलोड कर दिया जाएगा। चयनित उम्मीदवार अपनी इच्छा के अनुसार सिविल सर्जन को रिपोर्ट कर सकते हैं। सिविल सर्जन द्वारा रिक्त पदों के अनुरूप उनकी नियुक्ति की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव कार्यालय तथा हरियाणा महा अधिवक्ता कार्यालय से सभी आवश्यक अनुमति प्रक्रियाओं की स्वीकृति पहले ही प्रदान कर ली गई है।

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