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हरियाणा में टैक्सी, कैब एग्रीगेटर, मैक्सी कैब और ऑटो रिक्शा चलाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी

चंडीगढ़(Abtaknews.com)2जून,2020:हरियाणा सरकार ने जनसाधारण के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए टैक्सीकैब एग्रीगेटरमैक्सी कैब और ऑटो रिक्शा चलाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि टैक्सी और कैब एग्रीगेटर को चालक के अलावा दो व्यक्तियों के साथ चलने की अनुमति होगी। इस तरह कुल मिलाकर वाहन में 3 व्यक्ति यात्रा कर सकेंगे। मैक्सी कैब अपनी बैठने की क्षमता के आधे लोगों के साथ चलाई जा सकती हैं। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा में चालक के अलावा 2 व्यक्तियों के बैठने की अनुमति दी गई है। इसी तरह दुपहिया वाहनों पर वन पिलियन राइडर’ को अनुमति दी जाएगी और दोनों व्यक्तियों के लिए हेलमेटमास्क और दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। हाथ से संचालित (मैनुअली ड्राइवन) रिक्शा में 2 से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा।
        उन्होंने बताया कि कन्टेनमेंट जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी। कंटेनमेंट जोन के अंदर आवाजाही को सख्ती से विनियमित किया जाएगा और केवल आपातकालीन और आवश्यक वस्तुओं या सेवाओं के वाहनों के लिए अनुमति दी जाएगी। सभी चालकों और यात्रियों को अपने मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने और नियमित रूप से इस ऐप पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति अपडेट करने की सलाह दी गई है।
        उन्होंने बताया कि रात्रि 9.00 बजे से सुबह 5.00 बजे के बीचआवश्यक गतिविधियों को छोडकऱव्यक्तियों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियोंअस्वस्थ व्यक्तियों (को-मोरबिडिटीज)गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों कोआवश्यक और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोडक़रघर पर रहनेे के लिए कहा गया है। सभी चालकों और यात्रियों को हर समय अपने चेहरे को मास्क या कपड़े से ढक कर रखना होगा। मोटर वाहनों को नियमित रूप से सैनेटाइज करने और चालकों और यात्रियों को नियमित रूप से सैनेटाइजऱ का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी लोगों को हर समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सभी टैक्सी/ऑटो स्टैंड पर हैंड वाश और सैनेटाइजर उपलब्ध करवाना होगा। टैक्सी/ऑटो स्टैंड पर चालकों को एक-दूसरे से सामाजिक दूरी बनाकर रखनी होगी।
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चंडीगढ़, 2 जून- हरियाणा सरकार द्वारा क्रियान्वित लिटिगेशन प्रबंधन प्रणाली’ (एलएमएस) की पूरे देश में सराहना हो रही है। अबकेंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर की सरकार ने भी अपने राज्य में इस प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया हैजिसके लिए हरियाणा सरकार के अधिकारी और कर्मचारी केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर में इस प्रणाली को लागू करवाने में सहयोग करेंगे।
        हरियाणा के एडवोकेट जनरल श्री बलदेव राज महाजन ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू एवं कश्मीर के कानूनन्याय एवं संसदीय मामले विभाग ने एलएमएस सॉफ्टवेयर वर्जन को मुहैया करवाने व उसको क्रियान्वित करवाने में हर संभव सहायता देने का हरियाणा सरकार से आग्रह किया है।
       श्री महाजन ने बताया कि हरियाणा सरकार के एलएमएस को देश भर में सराहा गया है और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रणाली की सराहना की है और अन्य राज्यों को भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
      यहां यह उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एलएमएस http://lmshry.gov.in का शुभारंभ किया थाजो कि राज्य सरकार द्वारा विभागोंनिगमोंबोर्डों और अन्य राज्य निकायों के लिए डिजाइन और विकसित किया गया है ताकि कोर्ट केसों की निगरानी की जा सके।
        एलएमएस राज्य में सभी विभागोंबोर्डों और निगमों में लागू की जाने वाली एक सामान्यएकीकृत वर्कफ्लो आधारित प्रणाली है। एलएमएस के उपयोगकर्ता विभाग अपने कोर्ट मामलों को ऑनलाइन देखते हैं। यह सॉफ्टवेयर विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों के लिए डेटा लाने के लिए उच्च न्यायालय के साथ एकीकृत है। हरियाणा के एडवोकेट जनरल का कार्यालय राज्य नोडल कार्यालय के रूप में काम करता है।
        हरियाणा के एडवोकेट जनरल श्री बलदेव राज महाजन ने बताया कि नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटरहरियाणा टीम के साथ ओपन सोर्स-टेक्नोलॉजी का उपयोग करके सिस्टम को विकसित किया गया है। उपयोगकर्ताओं के कई स्तर हैंजो काम के दायरे की सीमा के अनुसार सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने कहा कि एलएमएस को किसी विभाग में मौजूदा मैनुअल सिस्टम से जुड़ी डेटा या सूचना से निपटनेअद्यतन करनेपुनप्र्राप्ति और प्रसंस्करण की समस्याओं को दूर करने के लिए विकसित किया गया है।
        एक बटन के क्लिक पर विभिन्न स्थानों पर डेटा की त्वरित केंद्रीकरण प्रक्रिया और त्वरित पुनप्र्राप्ति पर संबंधित डेटा को संग्रहित करने के उद्देश्यों के साथ मामलों के संचालन का वेब-आधारित केंद्रीयकृत समाधानडिजाइन विकसित किया गया है। इसके अलावाइस प्रणाली के अदालती मामलों का डेटाबेस राज्य के सभी विभागों के बीच एकीकरणमॉडलिंग और विभिन्न प्रकार के मामलों के विश्लेषण में मदद करता है।
        उन्होंने एलएमएस की विशेषताओं की जानकारी दी और बताया कि केंद्रीयकृत डेटा इनपुट और प्रसंस्करणडेटा अपडेशन में आसानीसूचना का प्रसारण और पुनप्र्राप्ति में डेटा भंडारण होगा। इसी तरहयह कई मामलोंशाखाओं या उप-विभागों को अदालत के मामलों के लिए चिह्नित करने में मदद करता है। सिस्टम प्रत्येक व्यक्तिगत विभाग के प्रशासक या शाखाओं के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं की निगरानी के लिए डैशबोर्ड रिपोर्ट देने में भी मदद करता है। निगरानी उद्देश्य के लिए इसमें एसएमएस और ई-मेल सेवा एकीकृत है। सिस्टम में प्रत्येक विभाग द्वारा समकालीन मामलों की प्रविष्टि और निगरानी की सुविधा है। इसमें शिकायतआवश्यकतातकनीकी समस्यासुझाव और पेपरबुक अनुरोध के लिए हेल्पडेस्क है।
        महाधिवक्ता ने बताया कि इस प्रणाली ने विभागों में पारदर्शिता बढ़ाई हैप्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया है और त्वरित न्याय वितरण में मदद की है। इसके अलावायह अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचने में भी मदद करता है। मुकदमेबाजी नीति के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करता है और इसके द्वारा या विभागों के चक्कर काटने की संख्या को कम करता है। उन्होंने कहा कि इसमें तीन तरह के यूजर हैं जिसमें सुपर एडमिन (एजी ऑफिस यूजर)हर डिपार्टमेंट के लिए डिपार्टमेंट एडमिन और ब्रांच लेवल यूजर हैं।
        इस प्रणाली को सफल बनाने के लिए एडवोकेट जनरलहरियाणा के कार्यालय ने आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों तथा सभी आवश्यक उपकरणों के साथ एक सेल का गठन किया हैऔर राज्य सरकार ने हरियाणा के उप महाधिवक्ता हिम्मत सिंह को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
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चण्डीगढ़2 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को आज लोकतंत्र सेनानी संगठनहरियाणा ने मुख्यमंत्री कोरोना रिलीफ फंड’ के लिए 11 लाख रूपए की राशि का ड्राफ्ट भेंट किया।
        इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयप्रकाश गुप्ताप्रदेश महामंत्री श्री महावीर भारद्वाजकोषाध्यक्ष श्री बलबीर अग्रवालकानूनी सलाहकार श्री पवन सिब्बल समेत अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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