Friday, June 19, 2020

फरीदाबाद के दवाई माफिया के खिलाफ मुहिम चलाएगे समाज सेवी टोनी पहलवान,दबंगई से दुखी

फरीदाबाद(Abtaknews.com)19 जून। मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा डाॅक्टर द्वारा लिखी दवाई के बजाय दूसरी गलत दवाई देने से एक मरीज की जान के लाले पड़ गए और उनकी हालत और अधिक चिंताजनक हो गई, जिस पर उन्हें फिर से अस्पताल जाकर फिर से डाॅक्टर से परामर्श लिया तथा दूसरे मेडिकल स्टोर से सही दवा लेकर इलाज शुरू किया। मरीज के पति ने प्रशासन से शिकायत की है कि ऐसे गैर जिम्मेदार मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द किया जाए ताकि वे भविष्य में किसी के जीवन से खिलवाड़ न कर सकें।
जानकारी के अनुसार सैयदवाड़ा ओल्ड फरीदाबाद निवासी सतपाल चौधरी अपनी धर्मपत्नी वीना चौधरी की तबीयत खराब होने पर समाजसेवी टोनी पहलवान के साथ गत 16 जून की दोपहर एक बजे एस्कार्ट फोर्टिस अस्पताल में डाॅ. अमित मिगलानी के पास स्वास्थ्य की जांच करवाई। डाॅ. मिगलानी ने मरीज की जांच उपरांत दवाई लिख दी। इस पर मरीज के पति सतपाल चौधरी एनआईटी के नीलम चौक स्थित शुभम टाॅवर में दुकान नंबर 10 और 11 में खुले पाॅपुलर मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने पहुंचे तथा वहां से दवाई लेकर अपने घर चले गए। घर पहुंचने पर दवाइयों में से एक खुराक खाने पर वीना चौधरी की हालत बिगड़ने लगी। इस पर उन दवाइयों को लेकर सतपाल चौधरी समाजसेवी टोनी पहलवान के साथ वापस मेडिकल स्टोर पहुंचे। उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक से कहा कि यह आपने कैसी दवाई दे दी है, जिससे मरीज की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। इस बात को लेकर पाॅपुलर मेडिकल स्टोर के मालिक उन पर भड़कने लगे और बदतमीजी से बात करने लगे। सतपाल चौधरी ने उनसे कहा कि आपने दवाई गलत दी है क्योंकि
जो दवाई आपने दी हैं वे तो डाॅक्टर ने लिखी ही नहीं हैं तभी तो मरीज की
हालत खराब हुई है लेकिन मेडिकल स्टोर के मालिक बार-बार बदतमीजी करते रहे।
सतपाल को अपनी पत्नी वीणा चौधरी को संभालना था इसलिए वे वहां से निराश होकर चुपचाप घर लौट आए। पत्नी की बिगड़ती हालात को देखते हुए उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे गैर जिम्मेदार मेडिकल स्टोर का लाइसेंस
रद्द किया जाए और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में
मासूम लोगों को इस तरह की परेशानी न उठानी पड़े और उनके स्वास्थ्य से
खिलवाड़ न हो सके।

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