Wednesday, June 17, 2020

दलितों पर मेव मुसलमानों द्वारा किये जा रहे अत्याचार को लेकर डॉ भीमराव अम्बेडकर युवा परिषद ने दिया ज्ञापन

फरीदाबाद(Abtaknews.com)17जून,2020: मेवात ,हरियाणा में दलितों पर मेव मुसलमानों द्वारा किये जा रहे अत्याचार व शोषण की घटनाओं पर कार्यावाही को लेकर आज डॉ भीम राव अम्बेडकर युवा परिषद  ने जिला संरक्षक जयप्रकाश सिंह जिला संयोजक सुनील चौहान के नेतृत्व में उपायुक्त फरीदाबाद को महामहिम राष्ट्रपति जी के नाम ज्ञापन सोपा। जिला संयोजक सुनील चौहान ने कहा कि वर्तमान कोरोना संकट को ध्यान में रखकर परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने ही उपायुक्त महोदय को ज्ञापन दिया।ज्ञापन में कहा गया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है भारत के संविधान में सभी को न्याय, स्वतंत्रता,कानून के समक्ष समानता का अधिकार दिया गया है।देश के संविधान ने सभी को जीने का अधिकार व स्वतंत्रता दी है लेकिन हरियाणा के मेवात जिले में पिछले कई महीनों से कानून का शासन जैसे समाप्त ही हो गया है। गत महीनों में दलित समाज पर मेव मुसलमान गुंडो का अत्याचार चरम सीमा पर है मेवात में दलितों पर हो रहे अत्याचार व शोषण की घटनाओं को ध्यान में रखकर पिछले दिनों दलित समाज ने श्री पवन कुमार (पूर्व न्यायाधीश)की अध्यक्षता में एक 4 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई।समिति द्वारा घटनाओ की जांच के बाद कई चोकाने वाले तथ्य सामने आए।इस जांच समिति की रिपोर्ट में पाया गया कि हरियाणा के मेवात में दलितों पर अत्याचार तेजी से बढ़ रहे हैं।मेवात क्षेत्र दलितों का कब्रिस्तान बनता जा रहा है पाकिस्तान और मेवात में कोई अंतर नहीं रह गया है।महिलाओं को जबरन अगवा करके बलात्कार किया जा रहा है ऐसी कई खबरें सब तरफ से आ रही है।लंबे समय से पुलिस को दी गई शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है दलित समाज अपनी इज्जत ,अपना धर्म और अपनी धरती बचाने के लिए मेवात मे हर दिन संघर्ष कर रहा है।
इस जांच समिति के द्वारा दलित समाज के 48 पीड़ितों को बुलाया गया था परंतु मेव जिहादियों की दहशत इतनी थी कि केवल 19 लोग ही नूंह में अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों की जानकारी देने के लिए आए । उनकी शिकायतें रोंगटे खड़े कर देने वाली और दिल दहला देने वाली थी।जांच के बाद जो घटनायें मुख्यतः सामने आई वो निम्नलिखित है
1 यह कि विद्यालय जाने वाली बच्चियों और महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वाली घटनाएं पूरे मेवात में होती हैं जिनके कारण उनका विद्यालय में पढ़ने जाना भी दुर्भर हो गया है ।
2 यह कि एक घटना में एक 12 साल की लड़की का 4 गुंडा तत्व मुसलमानों ने बलात्कार किया और जिस मकान में बलात्कार हुआ वह मुस्लिम पुलिस वाले का ही था । एक साल के बाद भी आज तक उस पुलिस वाले पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है । 
3.यह कि फिरोजपुर नामक स्थान पर एक महिला को बंदी बनाकर 9 मुसलमानों गुंडो ने कई दिन तक बलात्कार किया । उसकी शिकायत पर कोई कार्यवाही ना होने के कारण आरोपियों ने चार दिन बाद उसकी जघन्य हत्या कर दी 
4 यह कि जांच समिति ने यह भी जांच में पाया कि जबरन धर्मांतरण के पचासियों उदाहरण सामने आए परंतु किसी भी मामले में कोई कार्रवाई ना होने के कारण धर्मान्तरित व्यक्तियों के परिवारों पर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा है ।
5 यह कि कई जगह उनके श्मशान घाटों पर भी कब्जा किया जा रहा है । दलितों को पकड़कर उनके साथ मारपीट करना , उधारी का पैसा मांगने पर उन पर हमला करना आम घटना हो गई हैं। 
7.यह कि बिछोर गांव में तो रामजीलाल को पहले पेट से काटा गया और फिर उसे जिंदा जला दिया गया ।नामजद रिपोर्ट होने पर उसकी आसमानी बिजली गिरने से मृत्यु हुई है , यह कहकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया । उसका परिवार इतनी दहशत में है कि उन्होंने गाँव से पलायन कर लिया है। 
8 यह कि दलितों के परिवारों में शादी होने पर कई बार उन पर हमला करके सामान लूट लिया जाता है और वधु को जबरन अगवा करने का प्रयास किया जाता है ।
अतः इस जांच समिति का यह निष्कर्ष है कि दलितों पर अत्याचार प्रशासन और पुलिस की शह पर ही हो सकते हैं ।पहले तो दलितों की शिकायतें ही दर्ज नहीं होती थी।दर्ज हो भी जाएं तो कार्यवाही नहीं होती और पुलिस वाले समझौता करने के लिए धमकाते हैं और पीड़ित पर ही झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देते है 
इस जांच समिति द्वारा दिये गए तथ्यों को आधार मानकर व मेवात में दलितों पर हर दिन हो रहे अत्याचार व शोषण की घटनाओं को ध्यान में रखकर इस ज्ञापन के माध्यम से हम सभी दलित संगठन आपसे मांग करते है कि मेवात,हरियाणा की इन घटनाओ पर एक उच्च स्तरीय न्यायिक समिति का गठन किया जाए। व दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।हम आपसे यह भी मांग करते है कि अत्याचार व शोषण का शिकार हुए लोगो को सुरक्षा प्रदान की जाए व दोषियों के खिलाफ दर्ज हुई सभी FIR पर संज्ञान लेकर मेवात से बाहर इन मुकदमो की फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट में सुनवाई सुनिश्चित की जाए व मेवात में तेजी से पनप रहे गुंडा तत्वों,अपराधियो पर लगाम लगाई जाए और कानून का शासन मेवात क्षेत्र में भी स्थापित किया जाए। जिला सरंक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि ज्ञापन में लिखित सभी घटनाओं व मांगो को लेकर सभी दलित संगठनों ने कमर कस ली है।कोरोना संकट के कारण समाज सड़को पर नही आ रहा।यदि सरकार ने मेवात में दलितों पर हो रहे अत्याचार व शोषण के खिलाफ कड़े कदम नही उठाये तो दलित समाज मजबूरन आंदोलनरत होंगे।इस अवसर पर प्रान्त पदाधिकारी सचिन मडोतिया, जयप्रकाश सिंह, सुनील चौहान,पप्पू सिंह,ऋषिपाल उपस्थित रहे।

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