शिक्षा के व्यवसायीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर मंच चलाएगा हल्ला बोल अभियान

फरीदाबाद(Abtaknews.com)19 जून,2020:प्राइवेट स्कूलों द्वारा नियमों का उल्लंघन करके किए जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण पर पूरी तरह से रोक लगाने व इनके खातों का सीएजी से ऑडिट कराने की मांग को लेकर हरियाणा अभिभावक एकता मंच पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया के माध्यम से हल्ला बोल अभियान चलाएगा। प्रत्येक जिले के जागरूक अभिभावक टि्वटर, फेसबुक व्हाट्सएप आदि के द्वारा सरकार से मांग करेंगे कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा किए जा रहे शिक्षा के व्यवसायीकरण पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और सरकार से 5000 करोड़ का राहत पैकेज मांग रहे सभी प्राइवेट स्कूलों के पिछले 10 सालों के खातों की जांच व ऑडिट  सीएजी से कराई जाए। इस कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए मंच रविवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से प्रत्येक जिले के मंच के पदाधिकारियों से ऑनलाइन मीटिंग करके रूपरेखा तय करेगा।  मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व जिला सचिव डॉ मनोज शर्मा ने कहा है कि स्कूल प्रबंधक कहते हैं कि वे घाटे में है, पेरेंट्स व सबूत कहते हैं कि वह फायदे में हैं। कौन सच्चा है और कौन झूठा इसका पता लगाने के लिए स्कूलों का सीएजी से ऑडिट होना बहुत जरूरी है जिससे स्थिति पूरी तरह से साफ हो जाए और प्राइवेट स्कूलों द्वारा हर साल बढ़ाई जा रही फीस की वैधानिकता का भी पता चल जाए। मंच के संरक्षक सुभाष लांबा व जिला अध्यक्ष एडवोकेट शिव कुमार जोशी ने कहा है कि प्राइवेट स्कूलों की फीस व फंड्स तय करने व उनका ऑडिट कराने के लिए हरियाणा सरकार ने जो चेयरमैन फीस एंड फंड रेगुलेटरी कमिटी( एफएफआरसी) बनाई है वह अपने उद्देश्य में पूरी तरह से विफल साबित हुई  है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भी मानव रचना पेरेंट्स एसोसिएशन की एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की है कि एफएफआरसी एक क्लर्क के रूप में कार्य कर रही है। आज तक किसी भी चेयरमैन एफएफआरसी ने किसी भी स्कूल का ऑडिट नहीं कराया है और ना ही अभिभावकों की शिकायत पर कोई उचित कार्रवाई की है। सभी चेयरमैन एफएफआरसी स्थानीय सांसद, विधायक एवं मंत्रियों के दबाव में रहते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि फरीदाबाद के मॉडर्न डीपीएस ग्रैंड कोलंबस, अरावली इंटरनेशनल आदि स्कूल बढ़ाई गई ट्यूशन फीस, जिसमें अन्य फंडों को मर्ज कर दिया है उसमें फीस वसूल रहे हैं इसकी शिकायत इन स्कूलों के अभिभावकों ने अप्रैल महीने में ही चेयरमैन एफएफआरसी फरीदाबाद से कर दी थी लेकिन आज 2 महीने होने को आए हैं चेयरमैन एफएफआरसी ने दोषी स्कूलों के खिलाफ कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की है। अतः सभी प्राइवेट स्कूलों का सीएजी से ऑडिट  कराना बहुत जरूरी है। इसी मांग को लेकर मंच पूरे प्रदेश में सोशल मीडिया के द्वारा हल्ला बोल अभियान चलाएगा। जिसमें सभी एनजीओ ,सामाजिक संस्थाओं, आरडब्लूए, शिक्षक ,कर्मचारी, छात्र व अभिभावक संगठनों का पूरा सहयोग लिया जाएगा।

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