तीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल के साथ जोड़ा गया

चंडीगढ़(Abtaknews.com)24जून,2020: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आज चंडीगढ़ में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की तीन सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) पोर्टल के साथ एकीकरण करने का उद्घाटन किया है।
 एक सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने तीन पेंशन योजनाओं नामत: वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) योजनादिव्यांग पेंशन योजनाऔर विधवा व निराश्रित महिला पेंशन योजना के एकीकरण का उद्घाटन किया है।
         सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की इन तीन योजनाओं के लाभार्थियों को संबंधित योजना के लिए परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से पंजीकृत किया जाएगा। इन योजनाओं को पीपीपी के साथ जोडऩे से लाभार्थियों को पेंशन जारी करने के लिए परिवार का विवरण आसानी से उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) नहीं हैतो पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
         प्रवक्ता ने बताया कि वृद्धावस्था सम्मान भत्ता (पेंशन) योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्ध व्यक्तियों का भत्ता जनवरी 2020 से  2,000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 2,250 रुपये किया गया है। इसी प्रकार,  विधवा व निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत जनवरी 2020 से  2,000 रुपये मासिक राशि को बढ़ाकर 2,250 रुपये किया गया है।  इसके अलावादिव्यांग पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के 60 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांग व्यक्तियों के लिए पेंशन राशि जनवरी 2020 से  2,000 रुपये मासिक से बढ़ाकर 2,250 रुपये किया गया है।
         इस अवसर परमुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री वी. उमाशंकरसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्री आनंद मोहन शरणसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक श्री भूपेन्द्र सिंहनागरिक संसाधन सूचना विभाग की सचिव सुश्री सोफिया दहिया उपस्थित थे।
क्रमांक-2020
गौरव



चंडीगढ़, 24 जून- हरियाणा के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री श्री मूलचंद शर्मा कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और हरियाणा कौशल विकास मिशन (एचएसडीएम) ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं को डिजिटल माध्यमों से शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से इस मुश्किल दौर में अपने सामाजिक दायित्वों को भी बखूबी निभाया है।
         श्री मूलचंद शर्मा आज यहां विश्वविद्यालय और एचएसडीएम के विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत नामाँकित कौशल प्रशिक्षण उम्मीदवारों के साथ वर्चुअल इंट्रेक्शन’ के दौरान बोल रहे थे। कौशल विश्वविद्यालय और कौशल विकास मिशन के विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत नामाँकित प्रदेश के 1000 से अधिक उम्मीदवारों ने इस आभासी बातचीत में भाग लिया। इसके अलावामंत्री ने विश्वविद्यालय और कौशल विकास मिशन द्वारा लॉकडाउन के दौरान किए गए कार्यों की समीक्षा भी की।
         कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री ने कहा कि इन दोनों संस्थाओं ने कोविड-19 जैसी वैश्विक आपदा के दौरान भी अपनी गतिविधियाँ जारी रखकर मुश्किल समय को नए अवसरों में बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार एक कुशल और प्रगतिशील हरियाणा की दिशा में आगे बढ़ रही है और इस लक्ष्य को हासिल करने में इन दोनों का अहम योगदान है। यहां से कौशल प्राप्त करने के पश्चात हमारे युवा न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी कुशल मानव संसाधन की मांग को पूरा करेंगे।
         श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने लॉकडाउन के दौरान ज़रूरतमंद लोगों को 4 लाख के करीब खाने के पैकेट और आयुर्वेदिक दवाइयाँ बांटने का काम किया है। इसी तरहसुरक्षा कवच अभियान के तहत कौशल विकास मिशन के साथ मिलकर प्रशिक्षण और उद्योग जगत के भागीदारों के सहयोग से प्रदेश में लगभग साढ़े 11 लाख फेस मास्क वितरित किए हैं। एचएसडीएम ने 242 प्रशिक्षित युवाओं को राज्य सरकार द्वारा अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सहायता के लिए बनाई जन सहायक एप पर पंजीकृत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि एचएसडीएम द्वारा 3 हजार से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग प्रदान की गई।
         इससे पूर्व कौशल विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर एवं हरियाणा कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक श्री राज नेहरूविश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर आर. एस. राठौरमुख्य कौशल अधिकारी श्री दीपक शर्मामिशन की संयुक्त निदेशक सुश्री अंबिका पटियाल ने मंत्री श्री मूलचंद शर्मा और सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा लॉकडाउन की अवधि के दौरान विश्वविद्यालय और एचएसडीएम द्वारा की गई पहलों की संक्षिप्त जानकारी दी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो.  राठौर ने अपनी प्रस्तुति में विश्वविद्यालय के उम्मीदवारों को ऑनलाइन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तैयार किए गए कौशल सेतु की विशेषताओं का उल्लेख किया।
         इस दौरान कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कार्यक्रम में जुड़े युवाओं और प्रशिक्षकों से लॉकडाउन के दौरान उनके अनुभव रांझा किए और इस मुश्किल दौर में भी उनके द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की।
क्रमांक-2020
संजय राठी


चंडीगढ़, 24 जून- विश्वव्यापी कोरोना महामारी के चलते हरियाणा के बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए चार अंकों का टोल फ्री नंबर 1912 बड़ा कारगर साबित हो रहा है। मई माह में इस नंबर पर 1 लाख 68 हजार 566 शिकायतें आईइनमें से 80 प्रतिशत शिकायतें तो ऐसी थीजिनका बिजली वितरण निगमों के तकनीकी कर्मचारियों ने अगले दो घंटे में निवारण करके अपने कत्र्तव्यपरायणता का परिचय दिया। जिन शिकायतों का निवारण करने में थोड़ा वक्त लग रहा थाउनका अधिकतम 10 घंटे में निवारण करके बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का काम किया।
         आज यहां यह जानकारी देते हुए बिजली निगमों के एक प्रवक्ता ने बताया कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने अपने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली सप्लाईबिजली बिल संबंधित व अन्य शिकायतों के निवारण के लिए 1912 टोल फ्री नंबर दिया हुआ है। इसके अलावायूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन के ईमेल एड्रेस पर भी बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इतना ही नहीं शहरों में तो सेक्टर वाइज संबंधित एसडीओ ने व्हाट्सएप्प ग्रुप तक बनाए हुए हैंजहां पर बिजली उपभोक्ता व्हाट्सएप्प पर अपनी शिकायत भेजता हैसंबंधित तकनीकी स्टॉफ व्हाट्सएप्प पर रिप्लाई देता है और उसकी शिकायत को नोट करके तत्काल हल करवाता है।
         प्रवक्ता ने बताया कि यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन का प्रबंधन मंडलवरिष्ठ इंजीनियर सभी शिकायतों पर अपनी पैनी नजर बनाए रखते हैंयदि किसी शिकायत के निवारण में ज्यादा वक्त लगता है तो उसके लिए उपभोक्ता को सूचित किया जाता है कि इस वजह से विलंब हो रहा हैजबकि तकनीकी टीम शिकायत के निवारण के लिए जुटी हुई है। सभी शिकायतों की समीक्षा भी की जाती है और उपभोक्ताओं से भी फीड बैक लिया जाता है। अब तो बिजली उपभोक्ता स्वयं ही इस नंबर का अधिक से अधिक प्रयोग कर रहे हैंक्योंकि उनको पता है कि कोरोना महामारी से बचने के लिए ऑनलाइन माध्यमों का ही अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए।
         इन दिनों वोल्टेजट्रांसफार्मर जलने संबंधित शिकायतें अधिक आती हैंजिनका तुरंत निवारण किया जाता है। प्रत्येक सब डिविजन में ट्रांसफार्मर का बैंक बनाया हुआ हैजैसे ही ट्रांसफार्मर खराब होता हैउसकी जगह तत्काल नया लगा दिया जाता है।
         प्रवक्ता ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुचारू रूप से बिजली सप्लाई मिले इसके लिए दोनों निगम प्रतिबद्ध हैं।
क्रमांक-2020


चण्डीगढ़, 24 जून- हरियाणा सरकार ने जिला रेवाड़ी में तीन इंटीग्रेटेड आरओबी के निर्माण के हेतु 207.29 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
         एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के इस आशय के एक प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
         उन्होंने बताया कि जहां पर ये इंटीग्रेटेड आरओबी बनाए जाएंगे उनमें लेवल क्रॉसिंग संख्या 1 (रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन पर रेलवे आरडी किलोमीटर 2.05 तथा रेवाड़ी-पटौदी रोड पर किलोमीटर 49.780), लेवल क्रॉसिंग संख्या 1ए (रेवाड़ी-रोहतक रेलवे लाइन पर रेलवे आरडी किलोमीटर 2.03 तथा राव अभय सिंह चौक से किलोमीटर 2.580 पर हुडा बाइपास रोड) तथा लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 स्पेशल (रेवाड़ी-दिल्ली रेलवे लाइन पर रेलवे आरडी किलोमीटर 80/3-4 तथा राव अभय सिंह चौक से किलोमीटर 2.50 पर हुडा बाइपास) शामिल हैं।
         प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे द्वारा आवश्यक सुविधाओं की शिफ्टिंग और भूमि अधिग्रहण आदि को छोडक़र रेलवे के हिस्से और एप्रोचिज के निर्माण की लागत का 50 प्रतिशत खर्च वहन किया जाएगा।

No comments

Powered by Blogger.