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हरियाणा में कबीर जयंती के अवसर पर संत कबीर दास जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनको याद किया

चंडीगढ़(Abtaknews.com)5जून,2020:हरियाणा में आज कबीर जयंती के अवसर पर कई स्थानों पर संत कबीर दास जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनको याद किया गया।हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने रेवाड़ी में महान समाज सुधारक संत कबीर दास जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि संत कबीर दास मानवताभाईचारे और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। संत कंबीर सांप्रदायिकतारूढि़वादी सोचअंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाने वाले अग्रणी संत और विचारक माने जाते हैं। उनके विचार एवं वाणी आज भी प्रासंगिक हैं। संत कबीर के उपदेशों व सिद्धांतों को अपनाकर मनुष्य अपना जीवन सार्थक बना सकता है। उनकी रचनाएं हमारी धरोहर हैं।
        सहकारिता मंत्री ने कहा कि संत कबीरदास आजीवन समाज में व्याप्त आडंबरों पर प्रहार करते रहे। वह कर्म प्रधान समाज के पैरोकार रहे हैं उन्होंने कहा कि सभी को उनकी शिक्षाओं व विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।
        उधरहरियाणा के पुरातत्व-संग्रहालय एवं श्रम-रोजगार राज्यमंत्री श्री अनूप धानक ने कहा कि संत कबीर दास 15वीं सदी के महान कवि व सच्चे संत थे। उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं व उपदेशों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्घांजलि होगी।
राज्यमंत्री ने आज हिसार में संत कबीर शिक्षा समिति द्वारा संत कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित एक सादे कार्यक्रम में संत कबीर दास की प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करने के बाद कहा कि भक्तिकाल के उस दौर में संत कबीरदास ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सुधार में लगा दिया था। वे केवल एक ही ईश्वर को मानते थे और अंधविश्वास व पाखंड के सख्त खिलाफ थे। समाज में फैली कुरीतियोंकर्मकांडअंधविश्वास और सामाजिक बुराइयों की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने एक अलख जगाई थी।
क्रमांक-2020
जंगबीर सिंह




चंडीगढ़5 जून-हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के चेयरमैन श्री दीपेंद्र सिंह ढ़ेसी आज पानीपत पहुंचे और वहां पर स्थित स्टेट लोड डिस्पेच सेंटर (एसएलडीसी) का निरीक्षण किया। एसएलडीसी में बिजली का पूरा ऑनलाइन डाटा होता है कि बिजली की कितनी उपलब्धता है और कितनी मांग हैयहीं से पूरे प्रदेश की बिजली की शेड्यूलिंग जारी होती है। निरीक्षण के बाद एचईआरसी चेयरमैन ने राज्य में उपलब्ध बिजली की क्षमता बारे समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
        बैठक में श्री ढ़ेसी को  अवगत करवाया गया कि गत वर्ष गर्मी में एक दिन 11030  मेगावॉट पीक डिमांड थीइस डिमांड को भी आसानी से पूरा किया गया था। वर्तमान में मौसम ठीक है इसलिए इन दिनों करीब 5947 मेगावॉट की पीक डिमांड रहती है।  उनको जानकारी दी गई कि पिछले माह एक दिन 8012 मेगावॉट पीक डिमांड रही हैजबकि दो दिन पहले 3 जून को पीक डिमांड 6349 मेगावॉट दर्ज की गई थी।
        श्री ढ़ेसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी में बिजली की पर्याप्त  उपलब्धता की सुनिश्चतता के साथ-साथ बिजली फलेक्चुएट न होइसका भी पूरा ध्यान रखा जाये।
        बैठक में एचईआरसी के डायरेक्टर (टेक्निकल) बिरेन्द्र सिंहएसएलडीसी के चीफ इंजीनयर (सिस्टम ऑपेरशन) सुनील सेठीअधीक्षक अभियंता राजीव कौशिक सहित एसएलडीसी की इंजिनयरिंग विंग की पूरी टीम उपस्थित थी।
क्रमांक- 2020





चण्डीगढ़, 5 जून- हरियाणा के हिसार में स्थित चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आज कुलपति प्रो. के.पी. सिंह के मार्गदर्शन में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक लाइव वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें 93 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
        कुलपति ने इस अवसर पर कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते खाद्य सुरक्षा व पर्यावरण स्वास्थ्य पर चिन्तन आवश्यक है और इसी सदंर्भ में इस वेबिनार का उद्देश्य यही है कि राष्ट्रीय स्तर पर देश के विभिन्न स्थानों के वैज्ञानिकविद्यार्थी व सामान्य नागरिकों को इसके बारे में जागृत किया जाए। डॉ. श्रीदेवी व डॉ. विमला सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर लॉकडाउन के प्रभाव’ तथा कोविड-19 की महामारी के परिपेक्ष्य में खाद्य सुरक्षा’ पर अपना सारगर्भित वक्तव्य दिया। इस अवसर पर मानविकी विज्ञान महाविद्यालयहिसार के अधिष्ठाता डॉ. राजवीर सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
क्रमांक-2020
जंगबीर सिंह




चंडीगढ़5 जून- भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 तथा वर्ष 2018-19 के राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 जून 2020 है।
        एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि श्रेष्ठ राष्ट्रीय युवा योग्यता पुरस्कार के लिए आवेदनकर्ता युवक/युवती की आयु 1 जनवरी तक 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह भारत का नागरिक होना चाहिए। इसके लिए उसे शपथ पत्र देना होगा। आवेदक को 3 वर्षों की उपलब्धियां सलंग्न करनी अनिवार्य होंगी। आवेदक द्वारा सराहनीय एवं सामाजिक कार्य किए गए हों तथा व्यक्तिगत लाभ के लिए कार्य न किया हो। स्वयंसेवक के रूप में स्वास्थ्यअनुसंधानसांस्कृतिमौलिक अधिकार एवं कर्तव्य जागृतिसमाज कल्याणखेलसामाजिक उत्थानप्रकृति सरंक्षणसाक्षरतास्मार्ट शिक्षासामाजिक बुराइयोंकुरीतियां उन्मूलन एवं संसाधन निर्माण आदि में कार्य किए गए हों। आवेदक ने इस तरह का पुरस्कार पहले प्राप्त नहीं किया होना चाहिए। आवेदनकर्ता राज्य एवं भारत सरकारपीएसयू् विश्वविद्यालयमहाविद्यालयविद्यालय में किसी पद पर कार्यरत नहीं होना चाहिए तथा किसी प्रकार का मानोदय भी नहीं लेता होना चाहिए। इसके लिए आवेदनकर्ता को एक शपथ पत्र साथ लगाना होगा जो उक्त सभी शर्तो को पूरा करता हो।
        उन्होंने बताया कि श्रेष्ठ राष्ट्रीय स्वैच्छिक युवा संगठन हेतु आवेदन के लिए आवदेक रजिस्ट्रार सोसायटी एक्ट 1860 के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए तथा संगठन का अपना सविंधान सलग्ंन करना है। संगठन की गत 3 वर्षों की उपलब्धियां सलंग्न की जानी चाहिए। संगठन किसी जातिधर्मलिंग एवं निजी लाभ के लिए कार्य ना करता हो। समाज में युवा संगठन की छवि सुदृढ़ होनी चाहिए। इस तरह का पुरस्कार पहले कभी प्राप्त ना किया होना चाहिए।

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