फरीदाबाद से बड़ी लापरवाही आई सामने हत्या के बाद सिविल अस्पताल की मोर्चरी से शव गायब,हंगामा

फरीदाबाद(Abtaknews.com)20जून,2020 : फरीदाबाद में इस कोरोना काल मे एक परिवार पर एक साथ दो दो पहाड़ टूटे एक तो परिवार ने अपने एक सदस्य को खो दिया दूसरे उन्हें अंतिम संस्कार के लिए शव भी नहीं मिला। घटना फरीदाबाद के बल्लभगढ़ की ,सुभाष कलोनी की है जहाँ कल देर शाम दो पक्षों हुए झगड़े में जमकर चाकू चले जिसमे एक पक्ष की तरफ से दो लोग घयल हो गए थी और एक व्यक्ति की मौत हो गई थी ।घटना के बाद मृतक के शव को पुलिस ने देर रात पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया था लेकिन जब परिजन पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल को मोर्चरी पर पहुँचे तो मोर्चरी से उन्हें शव गायब मिला। मोर्चरी में शव न मिलने के बाद परिजनों ने अस्पताल और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुँच गए और गुस्साई भीड़ को अस्पताल के खिलाफ उचित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए उन्हें शांत करवाया। लेकिन इस मामले में अस्पताल प्रशासन कुछ भी कहने से बचता नजर आया।
सिविल अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हंगामा कर रहे लोगों का आरोप है कि देर रात झगड़े में उनके परिवार के एक सदस्य की चाकुओं से गोद कर निर्मम हत्या कर दी गई थी जिसके शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था और पुलिस ने सुबह पोस्टमार्टम कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था लेकिन सुबह जब वह पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के लिए मोर्चरी पर पहुँचे तो उन्हें शव मोर्चरी में नहीं मिला ।शव नहीं मिलने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना अस्पताल के डॉक्टरों को दी जिसके बाद डॉक्टर मोर्चरी पर पहुँचे तो शव वहाँ से गायब था । अस्पताल की मोर्चरी से शव के गायब होने के बाद मौके पर खड़ी भीड़ के गुस्से से बचने के लिए अस्पताल के डॉक्टर भी मौके से गायब हो गए।परिजनों का आरोप है कि इस शव के गायब होने में पुलिस और अस्पताल प्रशासन दोनो की लापरवाही है यदि पुलिस सही समय पर पोस्टमार्टम की कार्यवाही करते तो बॉडी मोर्चरी से गायब नहीं होती क्योंकि उनके सामने ही एक एम्बुलेंस में कोरोना के शव को दाहसंस्कार के लिए ले जाया गया और जब वह अपने परिचित के शव को देखने के लिए पहुँचे तो शव मोर्चरी में नहीं था जिसके बाद उन्होंने तुरंत कोरोना पॉजिटिव शव के दाहसंस्कार को रोकने के लिए कहा और कहा कि उसका एक फोटो ही उनके वट्सअप पर सेंड करा दो ताकि वह उसकी शिनाख्त कर पाएं लेकिन अस्पताल के डॉक्टर ने कोई सुनवाई नहीं कि जिसके चलते उनके परिचित के शव का कोविड 19 के तहत दाहसंस्कार कर दिया गया। इस तरह एक परिवार पर एक नही दो दो पहाड़ एक साथ टूट पड़े  एक तो एक परिवार ने अपने एक  परिवार सदस्य को तो हमेशा के लिए खो दिया दूसरे वह अपने मुस्लिम रीत के मुताबिक सुपुर्दे खाक भी नहीं कर पाए।                    
शव के गायब होने के मामले में अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जब हमने मोर्चरी में पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों से बात की तो पाया कि बिना किसी सरकारी अनुमति के एक शराबी व्यक्ति शवों के पोस्टमार्टम के लिए रखा गया था जब हमने उससे बात की तो उसने बताया की वह यहाँ पर साफ सफाई का काम करता है उसे इस मोर्चरी में काम करने वाले कर्मचारी दो चार सौ रुपये देते है । जी हाँ अस्पताल की मोर्चरी में एक बाहरी व्यक्ति बिना किसी सरकारी अनुमति के काम करता हुआ पाया गया।
अस्पताल के PMO, CMO को बार बार फोन मिलाया गया लेकिन दोनों सही जवाब देने से बचते नजर आए।इस मामले में ACP जयबीर राठी से बात की से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस मामले में जाँच की जा रही है जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी उसके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी।मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे  प्रदेश कांग्रेस महासचिव बलजीत कौशिक और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अनीश पाल ने बताया कि यह सरकार और प्रशाशन की बडी लापरवाही है। दोषियों पर कडी कार्यवाही हो ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। 
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प्रशासन की घोर लापरवाही, दोषी अधिकारियों पर हो सख्त कार्यवाही : गौरव चौधरी
फरीदाबाद, 20 जून । फरीदाबाद जिले के सिविल अस्पताल में शवों के गायब होने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार को भी एक मृतक के शव को पुलिस ने देर रात पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था परंतु जब मृतक के परिजनों ने डेड बॉडी मांगी, तो शवगृह में तैनात डाक्टर व स्टाफ एक दूसरे पर टाल मटोल करने लगे। शव के न मिलने के चलते परिजनों में आक्रोश बढ़ता गया। घटना की सूचना पाकर विधायक एनआईटी नीरज शर्मा, युवा नेता गौरव चौधरी, अनीशपाल, सतीश चोपड़ा समाजसेवी एवं सैंकड़ों लोग एकत्रित हो गए। लोगों का आक्रोश बढ़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल एवं एसडीएम स्वयं पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रण करने में जुट गए। मृतक के परिजनों ने इस मुद्दे पर अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और दोषी डॉक्टर, सहयोगी स्टाफ एवं लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। इसी बीच विधायक शर्मा व युवा नेता गौरव चौधरी ने एसडीएम अमित कुमार एवं डीसीपी से परिजनों की शिकायत पर झगड़े में आरोपी पक्ष की गिरफ्तारी एवं अस्पताल प्रशासन एवं लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आज जो फरीदाबाद में हालात हैं, वो पूरी तरह बेकाबू है गुंडातत्व हावी हैं। यह बड़ी भयावह स्थिति है कि परिवार के एक बेटा का मर्डर हो जाता है और उसके बाद परिजनों को डेड बॉडी से भी महरूम कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हम मृतक सोनू के परिजनों की जब तक संतुष्टी नहीं हो जाती, वो यहीं बैठकर धरना देेंगे। जिसके बाद पुलिस उपायुक्त ने मौके पर ही दोषी डॉक्टर, स्वास्थ्य कर्मी एवं पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए। 
जानकारी के अनुसार बल्लभगढ़ की सुभाष कालोनी में शुक्रवार देर रात हुई दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में एक पक्ष के सोनू खान नामक युवक की मौत हो गई थी, जिसके शव को बीती देर रात बल्लभगढ़ अस्पताल से सिविल अस्पताल बीके में पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। आज सुबह से ही उसके परिजन डेड बॉडी लेने के लिए अस्पताल में जुट गए, लेकिन तीन बजने तक उन्हें डेड बॉडी नहीं मिल, जिस पर लोगों का आक्रोश बढऩे लगा, जब उन्होंने इस बारे में शवगृह के डाक्टर व स्टाफ से जवाब मांगा तो वह कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिस पर लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मौके सूचना मिलते ही एसीपी जयवीर राठी सहित भारी पुलिस बल पहुंच गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यह घोर लापरवाही है, शवगृह के सभी फ्रिजर चैक कर लिए गए है, लेकिन शव नहीं मिला। वहीं इस बारे में एसीपी जयवीर राठी ने बताया कि शव मोर्चरी से गायब हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है और इस बारे में मृतक के परिजनों से दरखास्त ले ली गई है, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।

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