Wednesday, May 27, 2020

पलवल में जेल स्टाफ व जेल बंदियों को होम्योपैथिक दवाइयों का वितरण

पलवल(Abtaknews.com)27मई,2020:इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजिशियंस की राज्य स्तरीय इकाई के माध्यम से पलवल जिला कारागार के जेल अधीक्षक दीपक शर्मा की देखरेख में पलवल के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक प्रवेश अग्रवाल और डॉ. पंकज राणा द्वारा जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को परिवार सहित और जेल में बंद 52 बंदियों को वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाली होम्योपैथिक दवा आर्सैनिक 30 निशुल्क वितरित की गई।
डॉ. प्रवेश अग्रवाल ने जेल स्टॉफ व बंदियों को कोरोना फैलने का कारण और उससे बचाव के सभी उपायों की जानकारी विस्तार पूर्वक दी। डॉ. पंकज राणा ने इस दवा की पूरी जानकारी और दवा लेने का तरीका समझाया व परहेज आदि की जानकारी दी। दोनों चिकित्सकों ने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार इस दवा का मुख्य काम शरीर में कोरोना के प्रति विशिष्ट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना है। कोरोना वायरस से लडऩे के लिए यह दवा शरीर में विशेष एंटीबॉडी जैसी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
जेल अधीक्षक दीपक शर्मा ने निशुल्क दवाई उपलब्ध कराने पर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ होम्योपैथिक फिजीशियन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विनोद सांगवान व अन्य पदाधिकारियों सहित डॉक्टर प्रवेश अग्रवाल व डॉ. पंकज राणा का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जेल उपाधीक्षक दिनेश यादव, सहायक अधीक्षक नरेश, जेल के मेडिकल अफसर महेशपाल और फार्मेसिस्ट विजय, जेल वार्डन अजय, सुधीर, इंद्रसेन व महिला वार्डन सरोज बाला भी उपस्थित रहे।
---------------------------------------------------------------------
गर्मी के मौसम में पशुपालक अपने पशुओं का रखें विशेष ख्याल
पलवल, 27 मई।बढती गर्मी के साथ पशु पालको को अपने पशुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बदलते मौसम के पशुओं के रहन-सहन के साथ-साथ चारे पानी पर भी ध्यान देना अति आवश्यक है।
पशुपालन एवं डेरिंग विभाग की उपनिदेशक डा. नीलम आर्य  ने बताया कि बढती गर्मी में पशुओं के चारे पर ध्यान न देने से दूध की क्षमता में कमी आ सकती है। पशुओं पर गर्मी का प्रभाव माह मई में गर्मी बढने से पशुओं के शरीर में पानी के साथ-साथ अन्य खनीज प्रदाथों की कमी होने लगती है। गर्मी के कारण पशुओं में बीमारी से लडने की क्षमता भी कम हो जाती है जिस कारण पशु शारीरिक तौर से कमजोर हो जाते है।
ऐसे करे पशुओं का रखरखाव----- उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं को छायादार स्थान पर बांधना चाहिए। जमीन के ऊपर रेत डालकर अच्छी तरह से पानी का छिडकाव किया जाना चाहिए। यदि पशुओं को कमरे या टीन शेड में बांधकर रखा जाता है तो इस बात का विशेष ध्यान रखे कि वह स्थान हवादार होना चाहिए। पक्की छत के मकान में वेंटिलेटर लगे होने चाहिए। ज्यादा गर्मी पडने पर पशुओं को दो-तीन बार स्नान अवश्य कराएं।
ऐसे करें खनिज लवण की पूर्ति---- डा. नीलम आर्य ने बताया कि पशुओं में नमक की पूर्ति करने के लिए पशु बाधने के स्थान पर सफाई के साथ-साथ पशुओं की खोर में साबुत सेंधा नमक का बडा टुकडा अवश्य रखें तथा समय-समय पर पशुओं को कैल्सियम की उचित खुराक देते रहें। कैल्सियम की कमी से पशुओं में कई बिमारी जन्म ले लेती है।
संक्रमण से करें बचाव---- उपनिदेशक ने बताया कि पशुओं में गर्मी के मौसम में संक्रमण ज्यादा तैजी से फैलता है, जिसका बचाव करने के लिए पशु के चारा खाने वाले स्थान (खोर) की नियमित रूप से साफ-सफाई करके अच्छी प्रकार से धुलाई करनी चाहिए। बासी चारा खाने से पशुओं में बिमारी हो सकती है। पशु बाधने वाले स्थान के चारों ओर चूने का छिडकाव कर पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सकता है।
डा. नीलम आर्य ने पशुपालकों से आह्वïान किया कि वे गर्मी के मौसम में दुधारू पशुओं को दाने की उचित मात्रा देते रहे। दाने में गेहूं, जई, चने का छिलका, गेहूं का चोकर, पिसा नमक, गुड की शक्कर मिलाकर देने से पशुओं में दूध उत्पादन ठीक रहता है तथा पशु पूर्ण रूप से स्वस्थ रहते है। कुछ पशु पालक अपने पशुओं को हरा चारा नहीं खिलाते है, जिसके कारण पशुओं में पानी की कमी हो जाती है। गर्मी के मौसम में पशुओं को सुखा भूसा खिलाया जाता है, जिसमें पानी की मात्रा नहीं होती है। कुछ पशु पालक अपने पशुओं को हरे चारे के स्थान पर पौष्टिक प्रदार्थ खिलाते है। पौष्टिक प्रदार्थ खाने से पशुओं को हरे चारे की जरूरत नहीं रहती है जोकि गलत है। पशुओं को सूखे भूस पर आश्रित न रखकर हरा चारा जरूर देवें।
--------------------------------------------------------------------------
पलवल, 27 मई। कृषि यंत्रो पर अनुदान के लिए कृषि विभाग के पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एजीआरआईएचएआरवाईएएनएसीआरएम.सीओएम पर 20 फरवरी 2020 से 29 फरवरी 2020 के दौरान आवेदन करने वाले किसानों से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल के उप निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने आह्वïान किया है कि सरकार द्वारा सभी कृषि यंत्रो (लेजर लैंड लेवलर को छोडक़र) के आवेदनों को स्वीकार कर लिया गया था।
उन्होनें बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत यह निर्णय लिया गया है कि जिन किसानों ने पिछले 4 वर्षो के दौरान संबंधित कृषि यंत्र पर अनुदान का लाभ नहीं लिया है तथा जिनके पास सम्बंधित जिले में पंजीकृत ट्रेक्टर है। केवल ट्रेक्टर चलित कृषि यंत्रो हेतु वे बिना परमिट लिए अधिकृत विक्रेता से कृषि यंत्र खरीद कर उसका बिल ई-वे बिल, कृषि यंत्र की फोटो व पोर्टल पर उपलब्ध प्रारूप में स्व घोषणा पत्र विभागीय पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एजीआरआईएचएआरवाईएएनएसीआरएम.सीओएम पर 15 जून 2020 तक अपलोड करे।
आरक्षित श्रेणी में अतिरिक्त लाभ लेने के लिए सम्बंधित कागजात
अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमान्त किसान अपने आधार कार्ड की कॉपी, पैन कार्ड ऑनलाइन आवेदन की रसीद, स्व घोषणा पत्र, बैंक विवरण तथा ट्रेक्टर के पंजीकरण की कॉपी आदि मशीनों के भौतिक सत्यापन के समय जमा करवाए जाएंगे। किसी भी प्रकार की कोई कमी अथवा गलत जानकारी पाए जाने पर सम्बंधित किसान अनुदान के पात्र नहीं होंगे। अधिक जानकारी के लिए उप कृषि निदेशक व सहायक कृषि अभियंता के कार्यालय में दूरभाष नंबर-9467000393 अथवा ई-मेल आईडी-एएईपीएएलडब्ल्यूएएल2009एट2009जीएमएआईएल पर मेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
-------------------------------------------------------------------------------
खरीफ फसलों की बिजाई के लिए कृषि यन्त्रों पर अनुदान
पलवल, 27 मई।कृषि एंव किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. महावीर सिंह ने बताया कि कृषि विभाग, हरियाणा द्वारा वर्ष 2020-21 में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान मजदूरों की कमी को देखते हुए खरीफ फसलों की बिजाई के लिए धान की सीधी बिजाई मशीन (डी.एस.आर.), नयुमेटिक प्लांटर, मल्टी क्रॉप मेज प्लांटर, पेडी ट्रान्सप्लांटर 4 कतार में, व 4 से 8 कतार वाली मशीनों पर किसानों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाईजेशन स्कीम के तहत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जनजाती, सीमान्त व लघु किसान तथा महिला किसान के लिए 50 प्रतिशत व सामान्य जाति के लिए 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाना है। किसान द्वारा मशीन खरीदने के उपरान्त विभाग की विभागीय पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.एजीआरआईएचएआरवाईएएनएसीआरएम.सीओएम पर 30 जून 2020 तक बिल, ई-बे बिल व मशीन के साथ किसान का फोटो पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। मशीनो के भौतिक सत्यापन के समय किसान को पूर्ण दस्तावेज जैसे आवेदन प्रार्थना पत्र की प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड व टैक्टर की आर. सी., बैक खाते की कॉपी, जमीन की रिपोर्ट व हल्फनामा जमा करवाने है। अगर कोई भी दस्तावेज गलत पाया जाता है तो उस किसान का आवेदन रद्द कर दिया जाएगा तथा वह किसान अनुदान का पात्र नही होगा।

No comments:

Post a Comment

Post Top Ad

Your Ad Spot

Pages