डीसी यशपाल यादव ने लघु सचिवालय के सभागार में ली जिला संकट समन्वय समिति की बैठक

फरीदाबाद(Abtaknews.com)11मई, 2020: उपायुक्त यशपाल ने कहा कि कोरोना पाॅजीटिव मामलों में संपर्क लोगों की पहचान तथा क्वारेंटाइन करने के बाद उनकी निगरानी सही प्रकार से होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में क्वारेंटाइन किए व्यक्ति को बाहर न आने दें। इनकी लगातार माॅनीटिरिंग की जाए।
उपायुक्त सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सभी को जीरो टोलरेंस नीति पर काम करना होगा। जिन क्षेत्रों से अधिक मामले आएं हैं, वहां पर सर्वे का काम पूरी गंभीरता के साथ पूरा किया जाए। कंटेनमेंट जोन व साथ लगते बफर जोन में सभी घरों में आईएलआई के पैसंेट की पहचान की जाए। अभी तक जिला में मरीजों व उनके संपर्क में रहे लोगों को जल्दी ट्रैस किया गया, जिस कारण कोरोना के फैलाव पर काफी नियंत्रण रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इसी प्रकार कार्य करती रहें, ताकि जिला में कोरोना के मामलों में कमी आए। आईएलआई के मरीजों की पहचान के लिए जो भी सोर्स तैयार किए गए हैं, उनसे निरंतर संपर्क किया जाए तथा उनके क्षेत्रों में ऐसे पैसेंट का पता चलता है तो उसे तुरंत निगरानी में लिया जाए। इसी प्रकार सभी अस्पतालों को भी निर्देश दिए जाएं कि वे अपने अस्पताल को प्रतिदिन अच्छी तरह से सेनेटाइज अवश्य करवाएं। कोरोना को एक चैलेंज के रूप में लें तथा इसे हर हालत में जिला में खत्म करने का प्रयास करें। सभी प्रकार की एसओपी तैयार हो चुकी है। इस एसओपी के अनुसार कार्य करते रहेंगे तो निश्चित ही हम बेहतरी की और आएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के एसडीएम कंटेनमेंट जोन में वेंडर्स की लिमिट तय कर दें। उन्होंने कहा कि जिन प्रवासी लोगों को बाहर भेजा जाना है, उनका मेडिकल चेकअप कर उन्हें सर्टिफिकेट अवश्य दिया जाए। सभी बसों को भी सेनेटाइन करवाया जाए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त आरके सिंह, एसडीएम फरीदाबाद अमित कुमार, एसडीएम बल्लबगढ़ त्रिलोकचंद, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सतबीर मान, सीटीएम बलिना, सीएमओ डा. कृष्ण कुमार, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राकेश मोर, उप सिविल सर्जन डा. रामभगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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फरीदाबाद(Abtaknews.com)11मई, 2020: उप सिविल सर्जन एवं जिला नोडल अधिकारी-कोरोना डा. रामभगत ने बताया कि जिला में अब तक 6367 यात्रियों को सर्विलांस पर लिया जा चुका है, जिनमें से 1517 लोगों का निगरानी में रखने का 28 दिन का पीरियड पूरा हो चुका है। शेष 4846 लोग अंडर सर्विलांस हैं। कुल सर्विलांस में रखे गए लोगों में से 6265 होम आइसोलेशन पर हैं। अब तक 5442 लोगों के सैंपल लैब में भेजे गए थे, जिनमें से 5175 की नेगेटिव रिपोर्ट मिली है तथा 165 की रिपोर्ट आनी शेष है। अब तक 102 लोगों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 41 लोगों को अस्पताल में दाखिल किया गया है तथा ठीक होने के बाद 55 को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है। दो पॉजिटिव मरीजों को घर पर आइसोलेटेड किया गया है। अब तक चार मरीजो की मौत भी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि सभी मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ को कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसी प्रकार पर्यावरण स्वच्छता और शुद्धीकरण के बारे में सरकारी व निजी विभागों के कर्मचारियों को दैनिक आधार पर प्रशिक्षण दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के संभावित संक्रमण की पृष्ठभूमि को देखते हुए आम जनता को सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी हिदायतों की अनुपालना करने की सलाह दी जाती है। लोगो को ध्यान रखना चाहिए कि खाँसी व छींकते समय रूमाल या तौलिया का उपयोग अवश्य करें, हाथों को बार-बार साबुन व पानी से धोते रहें। जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। सार्वजनिक स्थलों व सभाओं में जाने से बचें। जिन लोगों ने हाल ही में कोरोना प्रभावित देशों की यात्रा की है, उन्हें राष्ट्रीय, राज्य या जिला हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना देनी चाहिए, उन्हें भारत में आगमन की तारीख से 28 दिनों के लिए सभी से अलग रहना है और किसी से भी स्पर्श करने से बचना है, भले ही उसमें कोई लक्षण न हों।

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