इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवाओं के सेवन से बढती है शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता

पलवल(Abtaknews.com)21मई,2020:वैश्विक महामारी (कोविड-19) कोरोना वायरस के संक्रमण के फैलाव को रोकने में लगे कोरोना योद्धाओं को इस संक्रमण की चपेट से बचाने तथा संक्रमित रोगियों में संक्रमण का प्रभाव शरीर पर कम से कम हो, इसके लिए आयुष विभाग विभिन्न स्तर पर नि:शुल्क आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवाओं के वितरण का कार्य कर रहा है, जिसके सेवन के फलस्वरूप शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. जसवीर सिंह अहलावत ने बताया कि जिले वासी इस संक्रमण की चपेट में ना आ पाए तथा संक्रमित रोगियों में संक्रमण का प्रभाव शरीर पर कम से कम हो इसके लिए आयुष विभाग विभिन्न स्तर पर आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण कर रहा है। इसके साथ-साथ लोगों को योग प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न प्रकार के आसन व प्राणायाम की जानकारी दे रहा है। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य परक जीवनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।
कोविड-19 आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. राजेश बंसल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के लिए लगभग 2500 आयुर्वेदिक औषधि की मात्राएं डॉक्टर अतुल स्वास्थ्य विभाग पलवल को वितरण के लिए सौंपी। वहीं योग गुरु श्री राम जीत जी ने गांव सेलौटी में लगभग 40 व्यक्तियों को उचित जीवनशैली तथा आहार-विहार अपनाने के लिए प्रेरित किया व योगासन प्राणायाम का महत्व समझाया। इसके अलावा विभाग के जागरूकता संबंधित पंपलेट का वितरण भी किया।
 आयुर्वेद के द्वितीय प्रयोजन अर्थात रोगी के रोग का निवारण करने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए आयुष विभाग पलवल की तृतीय टीम कोविड अस्पताल राजकीय मेडिकल कॉलेज  नलहड (मेवात) में 20 मई से कोरोना संक्रमण के पॉजिटिव मरीजों को आयुर्वेदिक दवाई देने का कार्य संभाल लिया है। इस टीम में डॉक्टर प्रवीण गोयल, डॉक्टर सतीश शर्मा, मोहम्मद रफीक फार्मासिस्ट रोगियों को आयुर्वेदिक दवाएं देंगे तथा उनके स्वास्थ्य लाभ का परीक्षण करेंगे।
उल्लेखनीय है कि अन्य देशों में कोविड-19 का संक्रमण का फैलाव बढ़ता जा रहा है परंतु संतोषजनक तथ्य यह है कि भारत देश में इस संक्रमण का मारक प्रभाव अन्य संक्रमित देशों से काफी क्षीण है। इस कोविड-19 संक्रमण के विरुद्ध व्यापक लड़ाई में आयुष विभाग आयुर्वेद के प्रयोजन स्वस्थ मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा की जाए तथा रोगी मनुष्य के रोग का निवारण किया जाए इन दोनों उद्देश्यों की पूर्ति हो ऐसी रणनीति के अनुरूप कार्य कर रहा है।

No comments

Powered by Blogger.