गेहूं की खरीद को लेकर प्रदेश सरकार ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड : दुष्यंत चौटाला,डिप्टी सीएम

चंडीगढ़(Abtaknews.com)04मई,2020: हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बावजूद 15 अप्रैल,2020 से सरसों व 20 अप्रैल,2020 से गेहूं की अब तक की खरीद ने हरियाणा के इतिहास में खरीद का नया रिकार्ड बनाया है। अब तक 2 लाख 71 हजार किसानों को गेट पास जारी किए गए हैं और उनसे 41.23 मीट्रिक टन गेहूं की तथा एक लाख 46 हजार किसानों से 3.62 लाख मीट्रिक टन सरसों की खरीद की गई। इसके अलावा, 22 खरीद केन्द्रों पर 4875 मीट्रिक टन चने की खरीद भी की गई। वे आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं अब की बार मंडियोंउप-मंडियों सहित सर्वाधिक 1885 गेहूं के खरीद केन्द्र स्थापित किए गए। इसी प्रकारसरसों के 174 तथा चने के लिए 22 खरीद केन्द्र स्थापित किए गए। उन्होंने बताया कि पहली से 30 जून,2020 तक सूरजमुखी की सरकारी खरीद 5650 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ की जाएगी।

उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि खरीद प्रक्रिया आरंभ होने के छठे दिन सर्वाधिक 4.25 लाख मीट्रिक टन गेहूं का रिकार्ड रहाजबकि इस बार छठे दिन 4.98 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई। इसी प्रकार, 11वें दिन का रिकार्ड देखें तो वर्ष 2018-19 में  9.82 लाख मीट्रिक टन से अधिकवर्ष  2019-20 में  27 लाख मीट्रिक टन की खरीद हुई थी जबकि इस वर्ष 2020-21 में 11वें दिन 34.22 लाख मीट्रिक टन से अधिक की खरीद हुईजो अब तक 41.23 लाख मीट्रिक टन के आंकड़ें को पार कर गई।
उप-मुख्यमंत्री ने ई-खरीद प्रक्रिया में सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर मंडियों में अपनी ऊपज लाने के लिए किए गए सहयोग के लिए प्रदेश के किसानों का आभार व्यक्त किया। साथ हीउन्होंने आढ़तियोंमजदूरों व खरीद एजेसिंयों के कर्मचारियों तथा खरीद प्रक्रिया में लगे अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि किसानों की फसल खरीद की व आढ़ती की उसकी ढ़ाई प्रतिशत आढ़त का भुगतान साथ-साथ किया जा रहा है। सरसों के लिए 516.11 करोड़ रुपये आढ़तियों के खातों में डाले गए हैंजिनमें से 125 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जा चुके हैं और एक-दो दिन में शेष राशि भी किसानों के खातों में डाल दी जाएगी। इसी प्रकारगेहूं के लिए कल सुबह तक आढ़तियों द्वारा 424 करोड़ रुपये के आई-फार्म सृजित किए गए थे जो कल तक 600 करोड़ रुपये से ऊपर हो जाएंगे। जिला खाद्य नियंत्रकों के माध्यम से 533 करोड़ रुपये की राशि आढ़तियों के खातों में डाली जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद का 75 लाख मीट्रिक टन का निर्धारित लक्ष्य 15 मई, 2020 तक पूरा होने का अनुमान है क्योंकि 95 प्रतिशत से अधिक की आवक हो चुकी है। उप-मुख्यमंत्री ने विपक्षी पार्टियों द्वारा खरीद प्रक्रिया धीमी बताए जाने पर कहा कि यह उनकी मनघंडत बातें हैं। खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है तथा ट्रांसपोर्ट व मजदूरों की किल्लत के बावजूद उठान भी साथ-साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में एक दिन केवल उठान के लिए निर्धारित किया जाएगा। उस दिन खरीद प्रक्रिया नहीं की जाएगी। मंडियों से गोदामों तक गेहूं पहुंचाया जाएगा।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वर्षा के चलते किसानों की गेहूं मंडियों में भीगी है इसकी ओर भी सरकार ने संज्ञान लिया है। किसानों के लिए भी अतिरिक्त तिरपाल की 
व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जो गेहूं की ढेरी भीग गई हैउसे एक दिन छोडक़र खरीदा जाएगा।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान ग्रीनऑरेंज व रेड जोन तीन क्षेत्रों में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के सहयोग से व केंद्र सरकार की हिदायतों के अनुसार औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्कूलकॉलेजकोचिंग सेंटरमॉलसिनेमा घरजिमधार्मिक स्थान बंद रहेंगे। बाकी सब बाजार व दुकानें खोली जाएंगी और इनमें सोशल डिस्टेंसिंग की पालना जरूरी होगी।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उत्तरप्रदेशबिहार व बंगाल जैसे राज्यों के 800 से अधिक प्रवासी मजदूर शेल्टर होम्स में रुके हुए हैं। राज्य सरकार की कोशिश है कि उनके लिए विशेष रेलगाडी की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकारहरियाणा के जो लोग अन्य प्रदेशों में फसे हैं उनको वापिस लाने के लिए भी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकसीआईडी श्री अनिल राव को जिम्मेवारी दी गई है जो ऐसी सूची तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉल सेंटर बनाया गया है तथा कॉल सेंटर में प्रतिदिन 5500 कॉल्स आती थीजो अब 9618 हो गई हैं और सभी कॉल्स डिस्ट्रेस कॉल थी।

उन्होंने कहा कि चरखी दादरी के दो युवक जो तमिलनाडु के त्रिचुअरपल्ली में पढ़ाई कर रहे थेने सोशल मीडिया पर वीडियो डाला की वो भूख से मर रहे हैंजब यह बात उनके संज्ञान में लाई गई तो डेढ़ घण्टे के अंदर-अंदर उनके पास राशन पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले दो दिनों में उनको चरखी दादरी पहुंचाने के प्रयास भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लगभग 3000 लोग विदेशों व अन्य राज्यों में फसें हैं।
-----------------------------------------------------------‐-----------------------------सुरजेवाला के जजिया कर के बयान पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का कटाक्ष

चंडीगढ़,4मई,2020: हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि कोविड-19 के चलते पूरे देश में औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियां रुकने के कारण पिछले दो महीने से राजस्व प्राप्तियां न के बराबर रही हैं इसलिए हर राज्य अपने-अपने स्तर पर राजस्व जुटाने के प्रयास कर रहा है और इसी कड़ी में हरियाणा मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला द्वारा टीवी परिचर्चा में इन्हें प्रदेश की जनता पर जजिया कर’ लगाना कहे जाने को हास्यप्रद बताया और कहा कि बेहतर होता कि सुरजेवाला जैसे पढ़े-लिखे नेता इसके लिए शब्दकोष में से कोई बेहतर शब्द निकालते और उसे कांग्रेसशासित प्रदेशों में लगाने की सलाह देतेजैसा कि पड़ौसी राज्य राजस्थान में लॉकडाउन अवधि में तीन बार पैट्रोल व डीजल पर 2 रुपये 71 पैसे व पैट्रोल पर 3 रुपये 37 पैसे वैट बढ़ाया है।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने तो मात्र 15 पैसे प्रति किलोमीटर बस किराया, 1 रुपये प्रति लीटर डीजल व 1.10 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल में वैट वृद्धि तथा सब्जी मंडियों में सब्जी व फलों पर 2 प्रतिशत मार्केट फीस लगाने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि पड़ौसी राज्यों की तुलना में हरियाणा में बस किराया अब भी कम है। पंजाब में यह एक रुपये 16 पैसे प्रति किलोमीटरराजस्थान में एक रुपये 06 पैसे प्रति किलोमीटरउत्तरप्रदेश में एक रुपये 05 पैसे प्रति किलोमीटर है जबकि उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में यह क्रमश: एक रुपया 20 पैसे तथा एक रुपया 17 पैसे प्रति किलोमीटर है। हरियाणा में तो इस निर्णय के बाद भी एक रुपया प्रति किलोमीटर ही है। उन्होंने कहा कि बेहतर होता यदि सुरजेवाला ऐसे आरोप लगाने से पहले अपने गिरबान में झांक कर देखते।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मंत्रिमंडल ने लघुसूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के श्रमिकों को वेतन का भुगतान समय पर हो सकेइसके लिए उद्यमियों ने बैंक से ऋण की सुविधा ली है । श्रमिकों का 20,000 रुपये तक का वेतनमान का भुगतान कर सके। इसके लिए और सरकार छ: महीने तक ऋण के ब्याज पर लाभ देगी। इससे लगभग 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान भी विभिन्न विभागों के अधिकारियों के प्रयासों से आवश्यक वस्तुओं के दाम नहीं बढ़े। अप्रैल में पब्लिक डोमेन आटे का भाव 23 से 24 रुपये प्रति किलोग्राम था और दूध भी 49 से 52 रुपये प्रति लीटर था। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे महानगरों को छोडक़र जहां दूध की आपूर्ति में ट्रांसपोर्टेशन के कारण बाधित हुई।

शराब के ठेके खोलने के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशानुसार 4 मई, 2020 के बाद कुछ राज्य अपने स्तर पर ठेके खोलने की योजनाएं बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि चण्डीगढ़उत्तरप्रदेशराजस्थान जैसे पड़ौसी राज्यों ने ठेके खोलने की पहल की है। जनता की भावनाओं के अनुरूप हम भी निर्णय लेंगे। उपायुक्तों से रिपोर्ट मंगवाएंगे। उन्होंने कहा कि आबकारी कर पिछले महीने से न के बराबर है। इसलिए सरकार शराब पर कोविड-19 सैस लगाने पर विचार कर रही है। यह प्रति बोतल 2 रुपये से 20 रुपये के बीच हो सकता है।

उन्होंने बताया कि इस दौरान सरकार के प्रयासों से अंत्योदय योजना के 2.50 लाख राशनकार्ड होल्डर के 9.57 लाख सदस्यों को, 8.75 लाख बीपीएल कार्डधारकों के 39.73 लाख परिवारों को तथा ओपीएच के 15.75 लाख खाखी कार्डधारकों के 70.95 लाख सदस्यों को राशन उपलब्ध करवाया गया जिसमें 55 किलोग्राम गेहूं या आटादो लीटर सरसों का तेलएक किलोग्राम चीनीएक किलोग्राम दाल तथा एक किलोग्राम नमक शामिल था। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी एक लाख 20 हजार डिपो होल्डर इसके लिए बधाई के पात्र हैं,  जिन्होंने अच्छा कार्य किया और अप्रैल माह के 98.03 प्रतिशत राशन का वितरण व उठान  करवाया।

उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन अवधि के लिए दवा एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दरों पर न बेची जाएं। इसके लिए नियमित रूप से निगरानी की गई और 1025 दवाइयों के थोक विक्रेता तथा 10242 खुदरा विक्रेताओं की जांच की गई और इस दौरान 695 चालान काटे गए तथा 21 व्यक्तियों के विरूद्घ आपराधिक मामले दर्ज किए गए।

एक राजनेता की टिप्पणी कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं हैपर प्रतिक्रिया देते हुए उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से लडऩे में अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा ने चार राज्यों व एक केन्द्रशासित प्रदेश की सीमा से लगने के बावजूद भी बेहतर प्रबंध किए हैं। इसीप्रकारअन्य आवश्यक कार्य सरकार द्वारा किए गए हैं जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में कोरोना को काबू पाने में सबसे पहले अगर कोई राज्य होगा तो वह हरियाणा ही होगा। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश सरकार न होती तो कोरोना मामले ठीक होने की संख्या 70 प्रतिशत न होती।

कोरोना महामारी से पिछले कई दिनों से अपनी स्वयं की व अपने परिवार की चिंता किए बगैर लड़ाई लड़ रहे कोविड योद्घाओं को भारतीय सेना के तीनों अंगों जल,थल व वायु सेना द्वारा देशभर में फूलों की वर्षा कर आभार व्यक्त करने के लिए उप-मुख्यमंत्री  दुष्यंत चौटाला ने तीनों सेनाओं को सैल्यूट किया।

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