विपक्षी नेताओं को बेवजह राजनीति न करने की सलाह, साथ मिलकर इस माहामारी से लड़े:मनोहर लाल

चंडीगढ़(Abtaknews.com)03मई,2020:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कोरोना संकट की घड़ी में विपक्षी पार्टी के नेताओं को बेवजह राजनीति न करने की सलाह देते हुए कहा कि यह घड़ी साथ मिलकर इस माहामारी से लडऩे की है। जैसा कि नेता प्रतिपक्ष सहित सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सभी ने सरकार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया थापरंतु कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा व पूर्व विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला जले पर नमक छिडकऩे की बात कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना माहमारी से लडऩे के लिए किए गए प्रबंधों की देश में सराहना होती देख वे स्वयं ही ईष्या के कारण ऐसे बयान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री हरियाणा आज’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशसवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की लड़ाई में स्वास्थ्य विभाग, प्रदेश की जनता ने जिस सूझबूझ से सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर सरकार का साथ दिया है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। जिसके फलस्वरूप हरियाणा में काफी हद तक कोरोना को नियंत्रित किया जा सका है।
         उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला पर कटाक्ष करते हु्रए कहा कि पता नहीं वे किस मुंह से सरकार से हिसाब मांगने की बात कर रहे हैं। प्रदेश की जनतासामाजिक संस्थाओं व सरकार के सभी मंत्री और विधायकों व पूर्व विधायकों ने आगे बढ़ कर हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में अंशदान दिया है। जबकि रणदीप सुरजेवाला हरियाणा विधानसभा से 1 लाख 68 हजार मासिक पेंशन ले रहे हैं और पिछली बार विधायक रहते हुए पाँच साल के कार्यकाल में केवल 7 बार हरियाणा विधानसभा सत्र में आए और उन्होंने कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कर के वह अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता और संदिग्ध मंशा का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में लाखों राशन व खाने के पैकेट गरीब लोगों को बांटे जा रहे हैं और रणदीप सुरजेवाला ने पता नहीं इसमें योगदान दिया भी या नहीं।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने कांग्रेस सरकार द्वारा की गई पिछले 10 वर्षों की गलतियों को पहले भी सुधारा और अब भी सुधार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापकों के बारे में कांग्रेस सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एफिडेविट दिया था कि वे अतिथि अध्यापकों को एक दिन भी सेवा में नहीं रखेंगे जबकि हमारी सरकार ने अतिथि अध्यापकों की सेवाएं बरकरार रखी और 4 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया।
         उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां रुकने के कारण पिछले दो महीने से राजस्व प्राप्तियां न के बराबर रही हैं और कर्मचारियों को वेतनपेंशन व सरकार के अन्य खर्चों के लिए हर माह लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल, 2020 को मंत्रिमंडल बैठक में हमने आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए कुछ निर्णय लिए हैइससे लगभग 70 से 80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने 15 पैसे प्रति किलोमीटर बस किराया, 1 रुपये प्रति लीटर डीजल व 1.10 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल में वैट वृद्धि तथा सब्जी मंडियों में सब्जी व फलों पर 2 प्रतिशत कर लगाने का निर्णय लिया है। इसे भी विपक्षी पार्टियां बेवजह मुद्दा बना रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के नाते हम तो जनता के ट्रस्टी के रूप में कार्य कर रहे हैंसरकार के इस निर्णय से जो भी राजस्व संग्रहण होगा वो भी जनता के हित में जनता के लिए ही खर्च किया जाएगा।
         उन्होंने कहा कि इसी प्रकार मंत्रिमंडल ने लघुसूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के श्रमिकों को वेतन का भुगतान समय पर हो सकेइसके लिए उद्यमियों को बैंक से ऋण की सुविधा दी है और सरकार 6 महीने तक ऋण के ब्याज पर लाभ देगी। इससे लगभग 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक एवं औद्योगिक बिजली कनेक्शनों पर स्थाई शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट तथा शेष 75 प्रतिशत राशि दिसंबर, 2020 तक भुगतान करने की छूट दी है। इसी प्रकारजरूरतमंदों को 1000 रुपये प्रत्येक सप्ताह भेजे गए हैंइस प्रकार लगभग 15 लाख लोगों को यह मदद पहुंची है। इसी प्रकारजिन जरूरतमंदों के पास राशन कार्ड नहीं हैउनको भी 30 जून तक नि:शुल्क डिस्ट्रेस राशन दिया जा रहा है।
         मुख्यमंत्री ने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि पिछले दो महीने से भले ही उनको घर की याद सता रही होपरंतु अब औद्योगिक गतिविधियां शुरू होने से उनके स्थाई रोजगार के साधन पुन: जुट जाएंगेइसलिए वे अपने प्रदेशों में न जाकर काम पर लौटें। सरकार की ओर से हर प्रकार का सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों के तीर्थ यात्री व पर्यटक जो लॉकडाउन के कारण हरियाणा में फंस गए हैंउनको उनके मूल राज्य में पहुंचाने के लिए प्रबंध किए जाएंगे।
         उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग भी जो बाहर के प्रदेशों में हैंउन्हें वापिस लाने के लिए सरकार प्रबंध कर रही हैइसके लिए जिला प्रशासन को ऐसे सभी लोगों की जानकारियां जुटाने के लिए कहा गया है। 
         मुख्यमंत्री ने लोगों को अवगत कराया कि 15 अप्रैल से सरसों व 20 अप्रैल से गेहूं की सुचारू खरीद की जा रही है तथा अब तक 4.02 लाख मीट्रिक टन सरसों तथा 44 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई हैजो गेहूं की कुल पैदावार का 60 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीद के साथ-साथ ही भुगतान किया जा रहा है। अब तक सरसों के लिए 450 करोड़ रुपये और गेहूं के लिए 283 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 मई तक चलने वाले लॉकडाउन-3.0 अवधि के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग सरकार का सहयोग करेंगे और ऐसी उनको हरियाणा की जनता से उम्मीद भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बताई गई दो गज दूरी बनाए रखने के बारे में ध्यान रखना है।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन-3.0 के दौरान ग्रीनऑरेंज व रेड जोन तीन क्षेत्रों में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के सहयोग से व केंद्र सरकार की हिदायतों के अनुसार औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ग्रीन जोन में हरियाणा परिवहन की बसों को सवारियों की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत के साथ चलाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूलकॉलेजकोचिंग सेंटरमॉलसिनेमा घरजिमधार्मिक स्थान बंद रहेंगे। बाकी सब बाजार व दुकानें खोली जाएंगी और इनमें सोशल डिस्टेंसिंग की पालना जरूरी होगी।
         ऑरेंज जोन में केवल बसों को चलाने की अनुमति नहीं होगी बाकि ग्रीन जोन वाली सभी गतिविधियां संचालित होंगी। रेड जोन में नाईस्पा-सैलूनऑटोटैक्सी इत्यादि के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। आवागमन की गतिविधयां प्रतिबंधित रहेंगी। कंटेनमेंट जोन में केवल आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की ही अनुमति होगी।
         उन्होंने कहा कि सभी जोन में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे व 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ हीसांय 7 बजे से प्रात: 7 बजे तक भी किसी को भी ज़रूरी काम के अलावाघरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
क्रमांक-2020

  
चंडीगढ़, 2 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को आज सोनीपत जिला के खरखौदा कस्बे के गांव रामपुर की पंचायत के सरपंच नरेश कुमार ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 2 करोड़ 51 लाख रुपए की राशि का चेक भेंट किया।
         इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ग्राम पंचायत की ओर से हरियाणा कोरोना रिलीफ फण्ड के लिए दी गई राशि को एकत्रित करने के प्रयास हेतू पंचायत के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोविड-19 संक्रमण को रोकने के अलावा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के साथ-साथ पंचायतों का भी बेहतर सहयोग मिल रहा है।
         मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए बेहतर कदम उठाए जा रहे हैंजिसके तहत मंडियों में पहुंच रहे किसान भाइयों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ गेंहू बिक्री के उचित प्रबंध किए गए हैं। इसी प्रकारहरियाणा के जिन जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैंवहां पर स्वास्थ्य प्रबंधों को बेहतर किया गया हैतो वहीं प्रदेश में रेड जोनओरेंज जोन और ग्रीन जोन में औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार को गति प्रदान की जाएगीताकि अर्थव्यवस्था के पहिए को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही प्रदेश कोविड-19 पर शिकंजा कसते हुए इस पर विजय पा लेगा।
         इस अवसर पर मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने रामपुर पंचायत एवं ग्रामीणों का चेक देने पर धन्यवाद किया।
         गांव रामपुर के सरपंच नरेश कुमार ने कहा कि गांव के लोग सदैव ही संकट की घड़ी में योगदान देने में अग्रणी रहा है और हमेशा सरकार के निर्णय के साथ मिलकर कदम उठाता रहा है।
         इस मौके पर रामपुर गांव से मांगेरामकृष्णवीरेंद्रदीपकअशोकसुरेन्द्र सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 2 मई- हरियाणा में फंसे लोगों और प्रवासी श्रमिकों को अंतर्राज्यीय आवाजाही (आने और जाने दोनों) की सुविधा देने हेतुहरियाणा सरकार ने https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService के नाम से एक वेबपेज शुरू किया हैजिस पर अपने घरेलू राज्यों में लौटने के इच्छुक प्रवासी श्रमिक ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
एक सरकारी प्रवक्ता ने इस सम्बन्ध में और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा में आने और जाने के लिएअंतरराज्यीय मूवमेंट हेतु अनुरोध दर्ज करने हेतुप्रवासियों को वेब पेज https://edisha.gov.in/eForms/MigrantService पर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके अलावायदि कोई एप्लीकेशन पर पंजीकरण करवाना चाहता हैतो उसे गूगल प्ले स्टोर’ पर जन सहायक हैल्पमी’ डाउनलोड करना होगा और सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवानी होगी।
हालांकियदि किसी भी प्रवासी कामगार की उपरोक्त दोनों तक पहुंच नहीं है और वे हरियाणा राज्य में मौजूद हैंतो वे 1950 या कॉल सेंटर नंबर 1100 पर कॉल करके जिला प्रशासन की हेल्पलाइन से सहायता ले सकते हैं।
क्रमांक-2020 


चंडीगढ़2 मई- हरियाणा सरकार ने कोविड-19 महामारी के चलते पारस्परिक आदान-प्रदान से पुस्तकों के वितरण की जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारीजिला मौलिक शिक्षा अधिकारीजिला परियोजना समन्वयकखण्ड शिक्षा अधिकारीखण्ड मौलिक शिक्षा अधिकारीस्कूल मुखिया/प्रभारी और एस.एम.सी अध्यक्ष एवं सदस्यों को दिशानिर्देश जारी किए हैं।
इस बारे में जानकारी देते हुए विद्यालय शिक्षा निदेशालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बारे में एक पत्र जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि पत्र के अनुसार बताया गया है कि प्रदेश के कर्मठ तथा लगनशील उत्साही अध्यापकों द्वारा कोविड-19 की त्रासदी के दौरान विद्यार्थियों की पाठ्य पुस्तकों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए स्वेच्छा से एक विशेष अभियान चलाकर पारस्परिक आदान-प्रदान से उपलब्ध करवाने का अभूतपूर्व सराहनीय एवं अति कल्याणकारी कार्य किया गया। अध्यापकों के इस प्रयास की सराहना मुख्यमंत्री द्वारा भी की गई और प्रोत्साहन स्वरूप कुछ अध्यापकों से दूरभाष पर बात भी की तथा सराहना करते हुए आभार भी प्रकट किया।
उन्होंने बताया कि इस बारे में विभाग द्वारा यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कितने विद्यालयों के कितनी कक्षाओं के कितने विद्यार्थियों को पारस्परिक आदान-प्रदान के माध्यम से पुस्तकें उपलब्ध हो गई हैं ताकि इस पूरी प्रक्रिया की सफलता की दर का अवलोकन किया जा सके एवं तदानुसार अन्य योजना बनाई जा सके।
प्रवक्ता ने बताया कि इस लिए संबंधित अधिकारियों के क्षेत्राधिकार के विद्यालयों की सूचना के लिए दिए गए गूगल लिंक के माध्यम से यह सूचना भरने की कार्यवाही हेतु आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देश दिए गए हैं और यह सूचना आगामी मई, 2020 तक भरनी  अनिवार्य है। इसके अलावासभी खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने बीआरपीएबीआरसीसीआरसी के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगें कि प्रत्येक विद्यालय सूचना अवश्य भरे। यदि स्कूल में पारस्परिक आदान-प्रदान नहीं हो पाया है तो भी सूचना भरनी अनिवार्य है। ऐसे अध्यापकोंस्कूल मुखियाओंएस.एम.सी सदस्यों की सूची भी तैयार की जाए जिनके द्वारा इसमें अति सराहनीय कार्य किया गया है।
क्रमांक-2020


चंडीगढ़, 2 मई- हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अपने सभी कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उनके मोबाइल फोन पर आरोग्यसेतु’ ऐप डाउनलोड करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।
         विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि कर्मचारियों व अधिकारियों को घर से कार्यालय के लिए चलने से पहले आरोग्यसेतु’ पर अपना स्टेटस देखना होगा और यदि ऐप सुरक्षित’ या कम जोखिम’  स्टेटस दिखाती है तभी घर से निकलना होगा। उन्होंने बताया कि यदि ऐप यह संदेश दिखाती है कि ब्लूटूथ प्रॉक्सिीमिटी (संक्रमित व्यक्ति के साथ नवीनतम सम्पर्क) के आधार पर उसे मध्यम’ या अधिक जोखिम’ आंका गया है तो उसे कार्यालय नहीं आना चाहिए और स्वयं को 14 दिन के लिए अथवा सुरक्षित’ या  कम जोखिम’ स्टेटस आने तक आइसोलेट कर लेना चाहिए।
         उन्होंने बताया कि केन्द्रीय कार्मिकलोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय केन्द्र सरकार में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों समेत सभी अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा आरोग्यसेतु’ ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। हरियाणा के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी इसी तर्ज पर अपने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए इस एप को डाउनलोड करना अनिवार्य किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशकसभी जिला शिक्षा अधिकारियोंजिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानोंखण्ड शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों तथा राजकीय मौलिक अध्यापक प्रशिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों को इन निर्देशों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
क्रमांक-2020


चंडीगढ 2 मई- हरियाणा पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए लगभग तीन करोड़ रूपये मूल्य की 5200 पेटी अंग्रेजी शराब से भरे ट्रकों सहित तीन को काबू किया है।
            हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निवासी अजराबार जिला पटियालानिवासी मुबारकपुर मोहाली व निवासी डेराबस्सीपंजाब के रूप में हुई है।
           इस प्रकरण की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होने बताया कि एसटीएफ की टीम अपराधियों एंव असामाजिक तत्वों की खोज में जी0टी0 रोड मुरथल की सीमा में मौजूद थी कि इन्हें अपने विश्वस्त सूत्रो से पता चला कि मुरथल स्थित हंस ढाबा पर शराब से भरे ट्रक खड़े हुये है। इस सूचना पर पुलिस टीम द्वारा अविलम्ब कार्यवाही करते हुये तीनों आरोपियों को धर दबोचा। तलाशी लेने पर अलग-अलग ट्रकों से 5200 पेटी अंग्रेजी शराब मिली। इस घटना का आबकारी अधिनियम की धाराओं के अन्तर्गत थाना मुरथल में अभियोग दर्ज किया गया।
             प्रारम्भिक पूछताछ करने पर अपने किये अपराध की स्वीकारोक्ति करते हुये बताया कि इस शराब को डेरा बस्सी पंजाब से लाकर दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करना था। इस शराब की कीमत बाजार में लगभग तीन करोड़ रूपये बताई जा रही है।

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